Aaj Ka Mausam: उत्तर भारत में मौसम ने अचानक करवट ली है. पिछले कुछ दिनों से बढ़ती गर्मी के बीच अब लोगों को राहत मिलने की संभावना है. मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से अगले तीन दिनों तक उत्तर भारत के कई हिस्सों में बादलों की आवाजाही बनी रहेगी. इस दौरान दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार समेत कई राज्यों में गरज-चमक, धूल भरी आंधी और वज्रपात के साथ हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान है.
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस गतिविधि के कारण न्यूनतम और अधिकतम तापमान में गिरावट आएगी, जिससे फिलहाल भीषण गर्मी से राहत मिलेगी.
जंगल के बीच बसेगा ज्ञान का संसार! यूपी में बनेगी भारत की पहली फॉरेस्ट यूनिवर्सिटी
पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी के आसार
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार 16 से 21 मार्च के बीच हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के पर्वतीय इलाकों में रुक-रुककर बारिश और बर्फबारी हो सकती है. हालांकि मैदानी इलाकों में मौसम अधिकतर शुष्क रहने की संभावना जताई गई है.
इसी बीच मौसम एजेंसी स्काईमेट ने भी अनुमान जताया है कि अगले तीन दिनों के दौरान पूर्वोत्तर भारत और पूर्वी राज्यों में मौसम काफी सक्रिय रहेगा. ओडिशा, असम, अरुणाचल प्रदेश, सिक्किम, मेघालय और पश्चिम बंगाल में आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश हो सकती है. विशेषज्ञ इसे प्री-मानसून गतिविधियों के शुरुआती संकेत मान रहे हैं.
यूपी में बदला मौसम, कई जिलों में बारिश के आसार
उत्तर प्रदेश में पिछले 24 घंटों के दौरान मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिला है. कई स्थानों पर तेज ठंडी हवाओं के झोंके चले, जिससे गर्मी से राहत मिली. कुछ जिलों में तेज आंधी के साथ हल्की बारिश भी दर्ज की गई है. मौसम विभाग का अनुमान है कि मंगलवार तक पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में बादलों की आवाजाही जारी रहेगी. हालांकि बीच-बीच में धूप भी निकल सकती है.
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ, बिजनौर, बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, नोएडा, गाजियाबाद, बुलंदशहर और हापुड़ समेत कई जिलों में मेघगर्जन, धूल भरी आंधी और हल्की बूंदाबांदी या बारिश की संभावना जताई गई है. कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली गिरने का भी खतरा बताया गया है.
वहीं मध्य उत्तर प्रदेश और बुंदेलखंड क्षेत्र में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं, लेकिन फिलहाल वहां बारिश को लेकर कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है.
दिल्ली-एनसीआर में बारिश का अलर्ट
दिल्ली-एनसीआर में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ है. पिछले 24 घंटों के दौरान तेज ठंडी हवाओं के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई और लोगों को गर्मी से राहत मिली.
मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के दौरान गरज-चमक के साथ हल्की बारिश या बौछारें पड़ने की संभावना जताई है. इस दौरान तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की भी चेतावनी जारी की गई है. मौसम में आई ठंडक के कारण न्यूनतम और अधिकतम तापमान में कई डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है. अनुमान है कि मंगलवार तक न्यूनतम तापमान 15 से 18 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 25 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है.
तेज हवाओं और हल्की बारिश के कारण दिल्ली की हवा की गुणवत्ता में भी सुधार हुआ है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार फिलहाल दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) करीब 100 के आसपास पहुंच गया है.
राजस्थान में भी सक्रिय रहेगा पश्चिमी विक्षोभ
राजस्थान में भी मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है. पिछले 24 घंटों में कई जिलों में हल्की बारिश होने से तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई है. मौसम विभाग का कहना है कि इस सप्ताह एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहेगा. इसके प्रभाव से राज्य के कई हिस्सों में आंधी और हल्की बारिश हो सकती है.
16 और 17 मार्च को राज्य में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना है. वहीं 18 से 21 मार्च के बीच एक और मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिसके प्रभाव से कई इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और बारिश भी हो सकती है.
18 मार्च को जोधपुर और बीकानेर संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश के साथ आंधी चलने की संभावना है, जबकि 19 और 20 मार्च को जोधपुर, बीकानेर, अजमेर, जयपुर, भरतपुर और कोटा संभाग के कुछ क्षेत्रों में तेज आंधी और बारिश हो सकती है.
बिहार में भी बदलेगा मौसम
बिहार में भी पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को मिलेगा. मौसम विभाग के अनुसार राज्य के कई जिलों में मौसम में बदलाव होने की संभावना है.
पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, पटना, किशनगंज, मधेपुरा, कटिहार, भागलपुर, सहरसा, खगड़िया, बांका, जमुई, शिवहर, सुपौल, अररिया, पूर्णिया, मुंगेर, बेगूसराय, लखीसराय, नवादा, नालंदा, शेखपुरा, गया और जहानाबाद में आंधी-बारिश और ठनका गिरने की चेतावनी जारी की गई है.
इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है, जिससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी.
क्या होती है हीटवेव
मार्च की शुरुआत से ही देश के कई हिस्सों में तापमान लगातार बढ़ रहा है. मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों में तेलंगाना, विदर्भ, मराठवाड़ा, तमिलनाडु और रायसीमा क्षेत्रों में तापमान तेजी से बढ़ सकता है और आने वाले दिनों में 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है.
मैदानी इलाकों में हीटवेव तब मानी जाती है जब तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे अधिक हो और यह सामान्य से कम से कम 4.5 डिग्री अधिक हो. वहीं तटीय क्षेत्रों में यह सीमा 37 डिग्री और पहाड़ी क्षेत्रों में 30 डिग्री सेल्सियस निर्धारित की गई है.
हीटवेव के दौरान डीहाइड्रेशन, हीट क्रैम्प्स और हीटस्ट्रोक जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है. तेज धूप में लंबे समय तक रहने से चक्कर आना, कमजोरी या बेहोशी की स्थिति भी पैदा हो सकती है.
देश के कई हिस्सों में बढ़ रही गर्मी
देश के अधिकांश हिस्सों में धीरे-धीरे तापमान बढ़ रहा है. हालांकि हिमालयी राज्यों में अभी भी बर्फबारी के कारण मौसम ठंडा बना हुआ है, लेकिन मैदानी इलाकों में गर्मी का असर बढ़ने लगा है.
फिलहाल दक्षिण भारत, पूर्वोत्तर भारत और गुजरात, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, झारखंड, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, केरल, कर्नाटक और तमिलनाडु के अधिकांश हिस्सों में गर्मी का सिलसिला शुरू हो चुका है. मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में कुछ राज्यों में लू चलने की स्थिति भी बन सकती है.
हालांकि अभी के लिए पश्चिमी विक्षोभ के कारण देश के कई हिस्सों में मौसम सुहावना बना रहेगा और लोगों को कुछ दिनों तक गर्मी से राहत मिल सकती है.


