अहमदाबाद: गुजरात के अहमदाबाद में साइबर क्राइम ब्रांच ने NEET परीक्षा से जुड़े कथित फर्जीवाड़े और ऑनलाइन ठगी के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि ये लोग मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET के अभ्यर्थियों और उनके परिवारों को निशाना बनाकर विभिन्न प्रकार के फर्जी दावे कर रहे थे और उनसे बड़ी रकम वसूलने का प्रयास कर रहे थे.
जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपियों ने सोशल मीडिया, मैसेजिंग प्लेटफॉर्म और अन्य डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर छात्रों को परीक्षा में सफलता दिलाने, प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने या बेहतर रैंक सुनिश्चित करने जैसे झूठे वादों के जरिए जाल में फंसाने की कोशिश की. साइबर क्राइम ब्रांच को मामले की सूचना मिलने के बाद जांच शुरू की गई और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया.
कैसे चल रहा था कथित फर्जीवाड़ा
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने छात्रों और अभिभावकों का विश्वास जीतने के लिए खुद को प्रभावशाली नेटवर्क से जुड़ा हुआ बताने की कोशिश की. कथित तौर पर वे दावा करते थे कि उनके पास परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ी विशेष जानकारी है और वे उम्मीदवारों को लाभ पहुंचा सकते हैं.
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के मामलों में अक्सर परीक्षार्थियों की चिंता और प्रतिस्पर्धा का फायदा उठाया जाता है. आरोपी छात्रों को जल्द निर्णय लेने का दबाव बनाते हैं और फिर उनसे पैसे ट्रांसफर करवाने का प्रयास करते हैं. इसी तरह की शिकायतों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई.
डिजिटल सबूतों के आधार पर हुई कार्रवाई
साइबर क्राइम ब्रांच ने मोबाइल फोन, बैंकिंग लेनदेन, डिजिटल रिकॉर्ड और ऑनलाइन संचार माध्यमों की जांच के बाद संदिग्धों की पहचान की. इसके बाद विशेष टीमों ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को हिरासत में लिया.
जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इस नेटवर्क से कितने लोग जुड़े हुए थे और क्या अन्य राज्यों में भी इसी प्रकार की गतिविधियां संचालित की जा रही थीं. अधिकारियों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ और भी महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं.
छात्रों और अभिभावकों के लिए चेतावनी
विशेषज्ञों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान फर्जीवाड़े के मामले बढ़ जाते हैं. कई बार ठग सोशल मीडिया पर आकर्षक विज्ञापन, गुप्त जानकारी, पेपर लीक या निश्चित सफलता जैसे दावे कर छात्रों को भ्रमित करने की कोशिश करते हैं.
पुलिस ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे किसी भी अनधिकृत व्यक्ति, संस्था या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के झांसे में न आएं. परीक्षा से जुड़ी जानकारी केवल आधिकारिक वेबसाइटों और संबंधित संस्थाओं से ही प्राप्त करें.
NEET जैसी परीक्षाओं में बढ़ रही साइबर चुनौतियां
देश में मेडिकल शिक्षा के लिए NEET सबसे महत्वपूर्ण प्रवेश परीक्षाओं में से एक है. हर वर्ष लाखों छात्र इस परीक्षा में शामिल होते हैं. ऐसे में परीक्षा से जुड़े किसी भी फर्जी दावे का असर बड़ी संख्या में छात्रों और परिवारों पर पड़ सकता है.
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराधी भी नए तरीके अपना रहे हैं. इसलिए छात्रों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध संदेश, कॉल या ऑनलाइन ऑफर की जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों को देने की सलाह दी जाती है.
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जांच जारी
अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है. जांच का उद्देश्य पूरे नेटवर्क का पता लगाना और यह जानना है कि कितने लोगों को निशाना बनाया गया. अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि मामले में आगे और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं.
पुलिस ने कहा है कि परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखना और छात्रों को साइबर अपराध से बचाना प्राथमिकता है. इसी दिशा में कार्रवाई जारी रहेगी. इस मामले ने एक बार फिर प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान सतर्क रहने की आवश्यकता को रेखांकित किया है.
स्रोत. News On Air.


