विश्व बैंक की World Development Report 2026 में AI के इस्तेमाल को लेकर विकासशील देशों के लिए कई महत्वपूर्ण बातें सामने रखी गई हैं. रिपोर्ट के अनुसार, विकासशील देश मौजूदा AI टूल्स को अपनी स्थानीय जरूरतों के अनुसार अपनाकर इसका सबसे बड़ा फायदा हासिल कर सकते हैं. इसके लिए उन्नत AI सिस्टम को शुरुआत से विकसित करने पर अरबों डॉलर खर्च करना जरूरी नहीं है.
रिपोर्ट में सरकारों से सस्ती AI एप्लिकेशन पर ध्यान देने, इंफ्रास्ट्रक्चर और जरूरी स्किल्स को मजबूत करने तथा सार्वजनिक सेवाओं में प्रभावी साबित हो चुके AI समाधानों को बड़े स्तर पर लागू करने की अपील की गई है.
भारत में 3 करोड़ से ज्यादा किसानों तक पहुंचा AI मौसम पूर्वानुमान
विश्व बैंक ने अपनी रिपोर्ट में भारत का उदाहरण देते हुए बताया कि AI आधारित मौसम पूर्वानुमान 3 करोड़ से ज्यादा किसानों तक पहुंचा है. इससे ज्यादातर किसानों को बारिश के मौसम की पहले की तुलना में अधिक समय रहते भविष्यवाणी उपलब्ध हुई.
रिपोर्ट के मुताबिक, यह उदाहरण बताता है कि मौजूदा AI तकनीक को स्थानीय जरूरत के अनुसार अपनाकर विकासशील देशों में बड़े स्तर पर सार्वजनिक लाभ हासिल किया जा सकता है.
केन्या और बांग्लादेश में भी AI का इस्तेमाल
विश्व बैंक ने भारत के अलावा केन्या और बांग्लादेश में AI के इस्तेमाल के उदाहरण भी दिए हैं.
केन्या में न्यायपालिका ने एक predictive AI algorithm का इस्तेमाल किया. इसकी मदद से हर साल 10,000 से ज्यादा मामलों को 1,500 से अधिक मध्यस्थों के बीच बांटने में सहायता मिली. इससे लंबित मामलों के बोझ को कम करने में मदद मिली.
वहीं, बांग्लादेश में AI से तैयार मेडिकल इमेजिंग के इस्तेमाल से डायबिटीज की एक जटिलता के लिए रोजाना जांच किए जाने वाले मरीजों की संख्या 39.5 प्रतिशत बढ़ी.
सार्वजनिक सेवाओं में predictive AI से फायदा
रिपोर्ट के अनुसार, सार्वजनिक सेवाओं के बैक-एंड संचालन में इस्तेमाल होने वाली predictive AI से कई महत्वपूर्ण फायदे मिले हैं. हालांकि, AI को लेकर होने वाली चर्चा में frontline services के लिए generative AI पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है.
विश्व बैंक का कहना है कि विदेशों में विकसित तकनीक को केवल अपनाना पर्याप्त नहीं होगा. AI समाधानों को स्थानीय परिस्थितियों और जरूरतों के अनुसार ढालना जरूरी है.
रिपोर्ट के अनुसार, AI context-specific है. इसलिए विदेशों से किसी AI तकनीक को अपनाना अपने आप में पर्याप्त नहीं माना जा सकता.
विकासशील देशों में नौकरियों पर तत्काल असर का जोखिम कम
विश्व बैंक की रिपोर्ट में AI और रोजगार को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की गई है. रिपोर्ट के अनुसार, विकासशील देशों में AI के कारण नौकरियों पर तत्काल असर का जोखिम विकसित अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में कम है.
इसका कारण यह बताया गया है कि विकासशील देशों में AI के इस्तेमाल के लिए उपयुक्त नौकरियों का हिस्सा अपेक्षाकृत कम है.
हालांकि, रिपोर्ट ने यह भी कहा कि बिजली, इंटरनेट और जरूरी स्किल्स जैसे बुनियादी समर्थन के बिना AI के फायदे धीरे-धीरे सामने आएंगे.
कारोबारों ने भी AI समाधानों को अपनाने या उनका विस्तार करने में जानकारी की कमी को एक महत्वपूर्ण बाधा बताया है.
सरकारों के लिए AI को लेकर क्या सुझाव दिए गए
विश्व बैंक ने सरकारों के लिए छोटे AI निवेश के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर और स्किल्स उपलब्ध कराने की सिफारिश की है. साथ ही, प्रभावी साबित हो चुके समाधानों को बड़े स्तर पर लागू करने के लिए सार्वजनिक खरीद का इस्तेमाल करने की बात कही गई है.
रिपोर्ट में सीमित विश्वसनीय प्रमाणों के बीच AI पायलट प्रोजेक्ट्स को खरीदने, उनका मूल्यांकन करने और सफल समाधानों को बड़े स्तर पर लागू करने के लिए फ्रेमवर्क तैयार करने की भी सिफारिश की गई है.
AI नियमन को लेकर विश्व बैंक की सलाह
नियमन के मामले में विश्व बैंक ने स्वैच्छिक मानकों और लचीले नियमों से शुरुआत करने की सलाह दी है. साथ ही, मौजूदा कानूनों के आधार पर भरोसेमंद AI विकसित करने की बात कही गई है.
रिपोर्ट ने अमेरिका और चीन में प्रमुख AI कंपनियों के केंद्रीकरण से पैदा होने वाले निर्भरता जोखिमों को संभालने के लिए interoperable AI systems को बढ़ावा देने की भी वकालत की है.
AI के इस्तेमाल से जुड़े प्रमुख आंकड़े
| क्षेत्र | AI का इस्तेमाल और फायदा |
|---|---|
| भारत | AI मौसम पूर्वानुमान 3 करोड़ से ज्यादा किसानों तक पहुंचा |
| केन्या | 10,000 से ज्यादा मामलों को 1,500 से अधिक मध्यस्थों के बीच बांटने में मदद |
| बांग्लादेश | रोजाना जांच किए जाने वाले मरीजों की संख्या 39.5 प्रतिशत बढ़ी |
| विकासशील देश | AI के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर, इंटरनेट, बिजली और स्किल्स जरूरी |
| सरकारें | प्रभावी AI समाधानों को बड़े स्तर पर लागू करने की सिफारिश |
यह भी पढ़ें- लखनऊ वालों के लिए GOOD NEWS! इस दिन शुरू होगा सबसे ऊंचा फ्लाईओवर, 10 लाख लोगों की ट्रैफिक टेंशन होगी खत्म
FAQs
1. भारत में AI मौसम पूर्वानुमान से कितने किसानों को फायदा हुआ?
विश्व बैंक की रिपोर्ट के अनुसार, AI आधारित मौसम पूर्वानुमान 3 करोड़ से ज्यादा किसानों तक पहुंचा.
2. AI मौसम पूर्वानुमान से किसानों को क्या फायदा मिला?
रिपोर्ट के अनुसार, ज्यादातर किसानों को बारिश के मौसम की पहले की तुलना में अधिक समय रहते भविष्यवाणी उपलब्ध हुई.
3. क्या विकासशील देशों को अपना AI सिस्टम शुरुआत से बनाना जरूरी है?
विश्व बैंक के अनुसार, विकासशील देश मौजूदा AI टूल्स को स्थानीय जरूरतों के अनुसार अपनाकर बड़ा फायदा हासिल कर सकते हैं. इसके लिए उन्नत AI सिस्टम को शुरुआत से विकसित करने पर अरबों डॉलर खर्च करना जरूरी नहीं है.
4. AI के लिए किन बुनियादी सुविधाओं की जरूरत है?
रिपोर्ट के अनुसार, बिजली, इंटरनेट और जरूरी स्किल्स जैसे बुनियादी समर्थन AI के फायदे हासिल करने के लिए महत्वपूर्ण हैं.
5. विश्व बैंक ने AI नियमन को लेकर क्या सलाह दी?
विश्व बैंक ने स्वैच्छिक मानकों और लचीले नियमों से शुरुआत करने तथा मौजूदा कानूनों के आधार पर भरोसेमंद AI विकसित करने की सलाह दी है.


