Aligarh News: आने वाले 10 वर्षों में अलीगढ़ की तस्वीर पूरी तरह बदलने की तैयारी है. अलीगढ़ विकास प्राधिकरण (एडीए) की 91वीं बोर्ड बैठक में वर्ष 2035 तक शहर के विकास का खाका तैयार किया गया. इसमें नए औद्योगिक क्षेत्र, स्टेडियम, पार्क, बाईपास, आवासीय योजनाओं और ग्रीन-ब्लू कॉरिडोर से लेकर अवैध निर्माण पर रोक लगाने के लिए हाईटेक तकनीक तक कई बड़े प्रस्तावों को मंजूरी दी गई.
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35 हजार दर्शकों की क्षमता वाला बनेगा स्टेडियम
ग्रेटर अलीगढ़ योजना में अलीगढ़-पलवल हाईवे के किनारे करीब 35 हजार दर्शकों की क्षमता वाला भव्य स्टेडियम विकसित किया जाएगा. यहां आईपीएल जैसे बड़े खेल आयोजनों की मेजबानी की जा सकेगी. वहीं खैर में करीब 10 किलोमीटर लंबे बाईपास के निर्माण को भी मंजूरी मिली है. नया बाईपास बांस से चमन नगरिया होते हुए टैंटीगांव तक बनाया जाएगा. करीब 70 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस बाईपास से खैर में जाम की समस्या कम होने की उम्मीद है.
पुरानी कृष्णांजलि की जगह बनेगा नया भवन
नुमाइश मैदान स्थित पुरानी कृष्णांजलि नाट्यशाला के जर्जर भवन को गिराकर यहां नया भव्य भवन बनाने की तैयारी है. इसमें सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ सामूहिक विवाह जैसे आयोजन भी किए जा सकेंगे. इसके पास ही एक मैरिज होम विकसित करने की योजना है, जहां जरूरतमंद परिवार कम किराये में विवाह समारोह कर सकेंगे. इसके निर्माण के लिए एडीए की ओर से नुमाइश इंतजामिया के साथ करार किया जाएगा.
नौरंगाबाद में 84 बीघा जमीन पर बनेगा बड़ा पार्क
नौरंगाबाद में नगर निगम की करीब 84 बीघा जमीन पर बड़ा पार्क विकसित किया जाएगा. इसके अलावा नगर निगम और जिला प्रशासन की खाली जमीनों पर भी अलग-अलग विकास कार्य कराने की योजना है. दोधपुर माफी में करीब 9,024 वर्गमीटर जमीन पर थाना और सरकारी आवास, तस्वीर महल क्षेत्र में कार्यालय व व्यावसायिक प्रतिष्ठान और तिब्बिया कॉलेज के पास पुराने निर्माण हटाकर नए निर्माण प्रस्तावित हैं. खैर रोड पर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भी जमीन विकसित की जाएगी.
राजपुर में 1,358 हेक्टेयर में बनेगी इंडस्ट्रियल सिटी
अलीगढ़-पलवल हाईवे पर सोफा नहर के पास राजपुर इंटीग्रेटेड यूनिफाइड इंडस्ट्रियल सिटी विकसित की जाएगी. गांव सोफा, राजपुर और नारायणपुर की करीब 1,358 हेक्टेयर जमीन में प्रस्तावित इस औद्योगिक शहर के लिए भूमि अधिग्रहण संबंधी प्रस्ताव को एडीए बोर्ड ने मंजूरी दे दी है. यहां सेमीकंडक्टर, फार्मा, टेक्सटाइल और खाद्य प्रसंस्करण जैसी इंडस्ट्री स्थापित करने की योजना है. एडीए के मुताबिक, इन क्षेत्रों की कई बड़ी कंपनियों ने इन्वेस्ट यूपी के तहत प्रोजेक्ट लगाने के प्रस्ताव दिए हैं.
यह क्षेत्र जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से करीब 35 किलोमीटर दूर है. इसके आसपास डिफेंस कॉरिडोर, राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय, ट्रांसपोर्ट नगर और ग्रेटर अलीगढ़ योजना होने से इंडस्ट्रियल सिटी के तेजी से विकसित होने की उम्मीद है.
29.41 किमी में बनेगा ग्रीन-ब्लू कॉरिडोर
अलीगढ़ ड्रेन और जाफरी ड्रेन पर करीब 29.41 किलोमीटर लंबा ग्रीन-ब्लू कॉरिडोर विकसित करने की योजना है. परियोजना की अनुमानित लागत 1,526 करोड़ रुपये है. पीपीपी मॉडल पर प्रस्तावित परियोजना में जल शोधन संयंत्र लगाए जाएंगे. इनसे रोजाना करीब 90 एमएलडी पानी शोधित करने की योजना है. जल निकासी और सीवरेज व्यवस्था में सुधार भी किया जाएगा. निर्माण अवधि करीब तीन साल और संचालन अवधि 30 साल प्रस्तावित है.
गभाना में बनेगा एडीए का जोनल कार्यालय
गभाना में करीब 8.50 हेक्टेयर क्षेत्र में एडीए का जोनल कार्यालय, गेस्ट हाउस और मिड-वे विकसित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है. जीटी रोड हाईवे के किनारे होने के कारण मिड-वे में व्यावसायिक गतिविधियों के लिए भी जगह उपलब्ध होगी. वहीं किशनपुर में एडीए की 6,680 वर्गमीटर जमीन पर आवासीय और व्यावसायिक परियोजना विकसित की जाएगी.
हाईटेक तकनीक से पकड़े जाएंगे अवैध निर्माण
अलीगढ़ में अवैध निर्माण पर रोक लगाने के लिए एडीए अब हाईटेक तकनीक का सहारा लेगा. इस परियोजना पर तीन वर्षों में करीब चार करोड़ रुपये खर्च किए जाने की योजना है. इसके लिए भास्कराचार्य राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुप्रयोग एवं भू सूचना विज्ञान संस्थान के साथ करार किया जाएगा. GIS और भू-स्थानिक तकनीक के जरिए जमीनों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा. इससे किसी क्षेत्र में अवैध निर्माण होने पर उसकी जानकारी एडीए तक पहुंच सकेगी और प्रवर्तन टीम कार्रवाई कर सकेगी.
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2035 का अलीगढ़ होगा ज्यादा नियोजित
एडीए की बोर्ड बैठक में प्रस्तावित योजनाओं से साफ है कि अगले दशक में अलीगढ़ को औद्योगिक, आवासीय, परिवहन और पर्यावरणीय स्तर पर विस्तार देने की तैयारी है. इंडस्ट्रियल सिटी से रोजगार और निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, जबकि स्टेडियम, पार्क, बाईपास और ग्रीन-ब्लू कॉरिडोर शहर को नई पहचान देने की दिशा में अहम कदम साबित हो सकते हैं.


