Author: Himanshu Mishra
हिमांशू मिश्रा को 2 साल का एक्सपीरिएंस है. वह न्यूज स्ट्रीट, खबर यूपी की समेत जगहों पर सेवाएं दे चुके हैं. इन्हें धर्म-ज्योतिष और वास्तु से जुड़ी खबरों के बारे में पढ़ना -लिखना काफी पसंद है. हिमांशू वेद, पुराण और ज्योतिष शास्त्र पर आधारित जानकारी को सरल भाषा में प्रस्तुत करने का प्रयास करते हैं. धर्म, ज्योतिष और सनातन परंपराओं से जुड़े शास्त्रीय तथ्यों और मान्यताओं को पाठकों तक पहुंचाना इनका उद्देश्य है.
Dharm/Jyotish Desk: शनिवार का दिन हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है. यह दिन शनि देव को समर्पित माना जाता है, जिन्हें कर्म, अनुशासन और न्याय का देवता कहा जाता है. मान्यता है कि शनिवार को व्यक्ति जो भी कर्म करता है, उसका असर जल्दी या देर से जरूर दिखाई देता है. यही वजह है कि इस दिन कुछ कामों से परहेज करने की सलाह दी जाती है. कानपुर के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित दिनेश का कहना है कि लोग अक्सर अनजाने में ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जिनका असर बाद में आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव के रूप में सामने…
Holi 2026 & Holika Dahan: हिंदू पंचांग के अनुसार साल 2026 में होलिका दहन की तिथि को लेकर पहले से ही लोगों में असमंजस बना हुआ था. कहीं 2 मार्च तो कहीं 3 मार्च को होलिका दहन की चर्चा की जा रही थी. इसकी मुख्य वजह 3 मार्च 2026 को पड़ने वाला साल का पहला चंद्र ग्रहण है. हृषीकेश पंचांग और पंडित नरेन्द्र उपाध्याय के अनुसार, इस वर्ष होलिका दहन 2 मार्च 2026, सोमवार की रात को किया जाएगा. हालांकि इस बार होलिका दहन पर भद्रा का साया भी रहेगा, ऐसे में सही मुहूर्त का ध्यान रखना विशेष रूप से…
Shukra Gochar 2026: होली का पर्व नजदीक है और रंगों के इस उत्सव से पहले शुक्र ग्रह अपनी राशि परिवर्तन करने जा रहे हैं. ज्योतिष शास्त्र में शुक्र को प्रेम, धन, ऐश्वर्य, भौतिक सुख-सुविधाओं और सुंदरता का कारक ग्रह माना जाता है. वर्तमान समय में शुक्र शनि की कुंभ राशि में स्थित हैं, लेकिन अब वे अपनी चाल बदलते हुए गुरु की मीन राशि में प्रवेश करेंगे. शुक्र के इस गोचर का प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ेगा. कुछ राशियों के लिए यह समय बेहद शुभ संकेत लेकर आ सकता है, तो कुछ को सतर्क रहने की आवश्यकता हो सकती…
Digital Desk: अक्सर लोग यह कहते सुने जाते हैं कि मेहनत की कमी नहीं है, आमदनी भी ठीक-ठाक है, फिर भी घर में पैसा टिकता नहीं. कभी अचानक खर्च बढ़ जाते हैं, तो कभी कमाई के रास्ते जैसे थम से जाते हैं. वास्तु शास्त्र मानता है कि इसका कारण केवल किस्मत या हालात नहीं होते, बल्कि घर का माहौल और ऊर्जा भी इसमें बड़ी भूमिका निभाती है. जब घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह सही रहता है, तो धन न सिर्फ टिकता है बल्कि धीरे-धीरे बढ़ने भी लगता है. साफ-सफाई से शुरू होता है धन का रास्ता वास्तु के अनुसार,…
Vastu Tips for Home: कई घरों में यह सवाल अक्सर सुनने को मिलता है कि ‘कमाई तो ठीक है, फिर भी पैसा टिक क्यों नहीं रहा?’ दिन-रात मेहनत, समय पर काम, आमदनी भी ठीक-ठाक… फिर भी अचानक खर्च निकल आते हैं, सेविंग नहीं बन पाती और मन में एक अजीब सी बेचैनी बनी रहती है. वास्तु शास्त्र में इसे सिर्फ किस्मत से नहीं, बल्कि घर के माहौल के साथ-साथ और वहां रखी कुछ चीजों से भी जोड़कर देखा जाता है. मान्यता है कि अगर घर में नकारात्मक ऊर्जा जमा हो जाए, तो धन का प्रवाह भी रुकने लगता है. ऐसे…
Dharm/Jyotish Desk: अक्सर लोग सवाल करते हैं कि जब सब कुछ ठीक करने की कोशिश की जा रही है, तब भी जीवन की परेशानियां कम क्यों नहीं होतीं. नौकरी में रुकावट, व्यापार में लगातार नुकसान, घर में तनाव और मन की अशांति, इन सबके पीछे लोग आमतौर पर ग्रहों को जिम्मेदार मान लेते हैं. हालांकि इन सबके बारे में कानपुर के वरिष्ठ ज्योतिषाचार्य पंडित दिनेश शास्त्री ने अलग वजहें बताई हैं. उनका कहना है कि कई बार ग्रह नहीं, बल्कि हमारी रोज़मर्रा की एक छोटी-सी भूल ही बड़ी समस्या बन जाती है. वे वजहें और कारण क्या हैं, इसके बारे…
विवाह को हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र में जीवन का सबसे शुभ संस्कार माना गया है. यह केवल दो लोगों का नहीं, बल्कि दो परिवारों, संस्कारों और भविष्य का मिलन होता है. यही कारण है कि शास्त्रों में विवाह से पहले सही मुहूर्त देखने पर खास जोर दिया गया है. माना जाता है कि गलत समय पर किया गया विवाह वैवाहिक जीवन में तनाव, मतभेद और बाधाओं का कारण बन सकता है, जबकि शुभ मुहूर्त में हुआ विवाह जीवन को स्थिरता और सुख प्रदान करता है. क्या होता है विवाह मुहूर्त? विवाह मुहूर्त वह शुभ समय होता है, जब ग्रह-नक्षत्र…
Dharm Desk: हिंदू धर्म में भगवान शिव की मूर्ति और चित्रों में उनके गले में लिपटा सांप एक महत्वपूर्ण प्रतीक माना जाता है. शिवजी के इस स्वरूप ने सदियों से श्रद्धालुओं और विद्वानों के मन में जिज्ञासा पैदा की है कि आखिर उनके गले में जो नाग विराजमान है, उसका क्या अर्थ है और शास्त्रों में उसके बारे में क्या कहा गया है. धार्मिक ग्रंथों के अनुसार भगवान शिव के गले में जो सर्प सुशोभित रहता है, उसे वासुकी नाग कहा जाता है. वासुकी वही नागराज हैं जिनका उल्लेख समुद्र मंथन की कथा में भी मिलता है. पौराणिक मान्यताओं के…
आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में मानसिक अशांति, तनाव और ओवरथिंकिंग लगभग हर दूसरे व्यक्ति की समस्या बन चुकी है. काम का दबाव, पारिवारिक जिम्मेदारियां और भविष्य की चिंता मन को लगातार उलझाए रखती हैं. ऐसे में ज्योतिष शास्त्र केवल भविष्य बताने तक सीमित नहीं है, बल्कि मानसिक संतुलन और शांति पाने के व्यावहारिक उपाय भी सुझाता है. इन्हीं में से एक महत्वपूर्ण योग है गुरु-बुध योग, जो बुद्धि, विवेक और मानसिक स्थिरता से जुड़ा माना जाता है. सूर्य गोचर 2026: कुंभ राशि में सूर्य-बुध-राहु की महायोगी युति, इन राशियों की चमकेगी किस्मत क्या है गुरु-बुध योग? ज्योतिष में गुरु…
Surya Gochar 2026: साल 2026 के फरवरी-मार्च के बीच एक अहम ज्योतिषीय घटना घटित होने जा रही है, जब सूर्य कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे और वहां पहले से स्थित बुध और राहु के साथ त्रिग्रही युति बनाएंगे. कुंभ राशि स्वयं में ही नवाचार, टेक्नोलॉजी, राजनीति, जनसमूह और सिस्टम परिवर्तन की प्रतीक मानी जाती है. ऐसे में सूर्य (सत्ता और प्रशासन), बुध (बुद्धि और संचार) और राहु (अचानक परिवर्तन और आधुनिक तकनीक) का एक साथ आना केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर भी प्रभाव डालने वाला योग बनाता है. घर में बरकत नहीं आ रही? पहले देखें…

