New Delhi News: केंद्र सरकार ने अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीरों को बड़ी राहत दी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में अग्निवीरों के लिए दो साल के अतिरिक्त सेवा अवसर यानी ‘सेकंड टूर ऑफ ड्यूटी’ को मंजूरी दे दी गई. इस फैसले के बाद चार साल की शुरुआती सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों को दो साल और सशस्त्र बलों में सेवा करने का मौका मिल सकेगा.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कैबिनेट के इस फैसले की जानकारी दी. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि यह निर्णय अग्निवीरों को सशस्त्र बलों में अपनी सेवा जारी रखने का अतिरिक्त अवसर देगा.
75 फीसदी अग्निवीरों को मिलेगा दो साल का अतिरिक्त मौका
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने बताया कि अग्निपथ योजना के तहत पहले 25 फीसदी अग्निवीरों को मेरिट के आधार पर नियमित बलों में शामिल करने का प्रावधान था, जबकि बाकी 75 फीसदी को चार साल बाद सेवा से बाहर होना था.
अब नए फैसले के तहत इन 75 फीसदी अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त सेवा अवसर दिया जाएगा. इसके बाद जो अग्निवीर नियमित सशस्त्र बलों में शामिल होना चाहेंगे, उन्हें निर्धारित चयन प्रक्रिया और योग्यता के आधार पर मौका मिलेगा. यानी नियमित भर्ती अपने आप नहीं होगी, बल्कि इसके लिए तय मानदंडों पर खरा उतरना जरूरी होगा.
राजनाथ सिंह बोले- सेना को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना लक्ष्य
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस फैसले को भारतीय सशस्त्र बलों में किए जा रहे दीर्घकालिक संरचनात्मक सुधारों का हिस्सा बताया. उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य सेना को युवा, फिट, तकनीकी रूप से सक्षम और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार बनाना है.
राजनाथ सिंह के मुताबिक, यह केवल भर्ती नीति में बदलाव नहीं है, बल्कि बदलते युद्ध के स्वरूप के अनुरूप भारतीय सेना को तैयार करने की दिशा में उठाया गया कदम है.
2022 में शुरू हुई थी अग्निपथ योजना
केंद्र सरकार ने 14 जून 2022 को अग्निपथ योजना की शुरुआत की थी. इसके तहत सेना, नौसेना और वायुसेना में अग्निवीरों की भर्ती चार साल की शुरुआती अवधि के लिए की जाती है. योजना में 25 फीसदी अग्निवीरों को प्रदर्शन और मेरिट के आधार पर नियमित सेवा में शामिल करने का प्रावधान रखा गया था.
हालांकि, चार साल की सीमित सेवा अवधि और भविष्य में रोजगार की संभावनाओं को लेकर इस योजना पर सवाल भी उठते रहे हैं. उत्तर प्रदेश, हरियाणा और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों ने पूर्व अग्निवीरों को पुलिस और अन्य सरकारी सेवाओं में आरक्षण या रोजगार के अवसर देने की घोषणाएं की थीं.
अब कैबिनेट के नए फैसले से अग्निवीरों को दो साल अतिरिक्त सेवा का अवसर मिलेगा. इससे उन्हें सशस्त्र बलों में अपना करियर आगे बढ़ाने के लिए एक और मौका मिल सकेगा.
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