अयोध्या: डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय में आयोजित पांच दिवसीय कार्यशाला “इन्फ्रास्ट्रक्चर मैनेजमेंट इन पब्लिक लाइब्रेरीज” का समापन समारोह श्रीराम शोध पीठ के सभागार में सम्पन्न हुआ.
कुलपति द्वारा विश्वविद्यालय के केंद्रीय पुस्तकालय में ऑनलाइन पब्लिक एक्सेस कैटलॉग (ओपीएसी) ऐप का उद्घाटन क्यूआर कोड स्कैन कर किया गया. अब अवध विश्वविद्यालय परिसर के समस्त शिक्षक और छात्र-छात्राएं लाइब्रेरी में पुस्तकों की उपलब्धता का स्टेटस ऑनलाइन जान सकेंगे.
पुस्तकालय शिक्षण संस्थाओं का हृदय स्थल होता है
समापन समारोह के मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. बिजेन्द्र सिंह रहे. समारोह के विशिष्ट अतिथि कुलानुशासक प्रो. एसएस मिश्र रहे.
समापन समारोह को संबोधित करते हुए कुलपति डॉ. बिजेन्द्र सिंह ने कहा कि पुस्तकालय शिक्षण संस्थाओं का हृदय स्थल होता है. यह विद्या एवं ज्ञान का केंद्र है, क्योंकि शिक्षण, शोध से लेकर समस्त संदर्भों का केंद्र पुस्तकालय ही होता है.
उन्होंने कहा कि यहां उपलब्ध शोध पत्र-पत्रिकाएं, पुस्तकें और डिजिटल संसाधन विद्यार्थियों के ज्ञान को समृद्ध करते हैं तथा उनमें स्वाध्याय की भावना विकसित करते हैं.
एक समृद्ध पुस्तकालय ज्ञानवान समाज का निर्माण करता है
इस दौरान कुलपति ने कहा कि आधुनिक पुस्तकालय आज के समय में केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि ई-बुक्स, ई-जर्नल्स, ई-न्यूज पेपर, ऑनलाइन डेटाबेस और लर्निंग संसाधनों से युक्त है.
उन्होंने कहा कि एक सशक्त पुस्तकालय शोधार्थियों एवं छात्रों में अध्ययनशीलता और चिंतन की क्षमता विकसित करता है. यह उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं, शोध कार्यों तथा जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में लक्ष्य प्राप्ति में सक्षम बनाता है.
कुलपति के अनुसार, एक सशक्त पुस्तकालय शिक्षक के लिए ऊर्जा घर के रूप में कार्य करता है. यह भविष्य के निर्माण का आधार भी है. एक समृद्ध पुस्तकालय ही एक सशक्त और ज्ञानवान समाज का निर्माण कर सकता है.
पांच दिवसीय पुस्तकालय कार्यशाला सम्पन्न
कार्यशाला के संयोजक प्रो. सिद्धार्थ शुक्ला ने बताया कि पांच दिवसीय आयोजित वर्कशॉप में डिजिटल युग में शिक्षण संस्थानों के साथ सार्वजनिक पुस्तकालयों के समक्ष चुनौतियों, सुविधाओं और बदलते स्वरूप पर प्रतिभागी विशेषज्ञों द्वारा व्यापक मंथन किया गया.
उन्होंने बताया कि कार्यशाला में प्रयागराज, गोरखपुर, सुल्तानपुर, अयोध्या और झारखंड के विशेषज्ञों ने विभिन्न शोधों के डेटा साझा करते हुए प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया.
कौन-कौन मौजूद रहा?
कार्यशाला के समापन सत्र में मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलन एवं पुष्प अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया.
कार्यशाला के संयोजक द्वारा मुख्य अतिथि का स्वागत ग्रंथ गुच्छ भेंट कर किया गया. कार्यक्रम में सभी प्रतिभागियों को कुलपति द्वारा प्रमाण पत्र वितरित किए गए.
कार्यशाला में केएनआईएसएस के विशेषज्ञ डॉ. राजेश कुमार पाण्डेय सहित विश्वविद्यालय के डॉ. अनिल सिंह, डॉ. अवनीश सिंह, योगेश अग्रवाल, कौशल किशोर मिश्र, रामनिवास गौड़, आशीष जायसवाल, अमित कुमार, पूजा, गरिमा पाण्डेय, सलोनी सिंह, रोहित चौधरी, अनुरूद्ध मौर्य सहित बड़ी संख्या में शोधार्थी व छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे.


