Barmer Crude Oil Leak: जिले के काऊ का खेड़ा गांव में पिछले चार दिनों से एक खेत में कच्चा तेल निकलने की घटना चर्चा का विषय बनी हुई है. खेत के पास स्थित ऐश्वर्या ऑयल फील्ड के वेलपैड-8 से जुड़ी लाइन में लीकेज के कारण खेत में क्रूड ऑयल भर गया. इस वेलपैड का संचालन केयर्न वेदांता कंपनी द्वारा किया जाता है.
कंपनी की टेक्निकल और ऑपरेशनल टीमें मौके पर पहुंचकर रिसाव के कारणों की जांच में जुटी हैं. कंपनी अधिकारियों के मुताबिक रिसाव को नियंत्रित कर लिया गया है, हालांकि प्रारंभिक जांच में पाइपलाइन या वेलपैड से सीधे रिसाव के स्पष्ट संकेत नहीं मिले हैं. इसके बावजूद भूमिगत लाइन में किसी तकनीकी खामी की आशंका जताई जा रही है.
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वैक्यूम पंप की मदद से खेत में भरे कच्चे तेल को टैंकरों में भरकर हटाया जा रहा है. कंपनी का कहना है कि सभी आवश्यक नियंत्रण और रोकथाम उपाय लागू कर दिए गए हैं तथा प्रभावी पर्यावरणीय मानकों और मानक संचालन प्रक्रियाओं के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है. घटना की सूचना संबंधित प्रशासनिक और प्राधिकरण विभागों को दे दी गई है.
दूसरी ओर, खेत मालिक हरजीराम का आरोप है कि इस घटना से उसकी उपजाऊ जमीन को भारी नुकसान पहुंचा है. चार दिन बीत जाने के बाद भी स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाई है, जिससे ग्रामीणों में चिंता बनी हुई है.
विशेषज्ञों का कहना है कि राजस्थान में पाइपलाइन लीकेज के अलावा तेल चोरी की घटनाएं भी वर्षों से सामने आती रही हैं. संगठित गिरोह तकनीकी जानकारी और स्थानीय नेटवर्क की मदद से ऐसी वारदातों को अंजाम देते हैं. इस घटना ने एक बार फिर पाइपलाइनों के रखरखाव और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं.
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काऊ का खेड़ा में जमीन से निकलता ‘काला सोना’ जहां ग्रामीणों के लिए चिंता का कारण बना हुआ है, वहीं यह मामला तकनीकी खामी या किसी अन्य कारण से हुए गंभीर रिसाव की ओर संकेत करता है.


