Weather Update 24 June 2026: देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून लगातार आगे बढ़ रहा है और मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार मानसून 23 जून को महाराष्ट्र के कई और हिस्सों, मुंबई, तेलंगाना, ओडिशा के शेष भागों तथा छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के कुछ अतिरिक्त क्षेत्रों तक पहुंच चुका है. आने वाले दिनों में मानसून की प्रगति और तेज होने की संभावना है.
मौसम विभाग ने पश्चिमी तट, पूर्वोत्तर भारत तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में सप्ताहभर भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. वहीं दूसरी ओर पूर्वी उत्तर प्रदेश, विदर्भ, दक्षिण-पूर्वी मध्य प्रदेश और बिहार के कुछ हिस्सों में अभी भी लू का असर बना रहेगा.
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मानसून की प्रगति हुई तेज
मौसम विभाग के अनुसार अगले 2 से 3 दिनों के दौरान गुजरात के कुछ हिस्सों, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के अतिरिक्त क्षेत्रों तथा मध्य प्रदेश के कुछ भागों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं.
इसके बाद अगले 3 से 4 दिनों में झारखंड और बिहार के शेष क्षेत्रों तथा उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी मानसून के आगे बढ़ने की संभावना है. इससे उत्तर भारत में गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है.
पश्चिमी तट पर भारी बारिश का दौर
कोंकण और गोवा क्षेत्र इस सप्ताह सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में शामिल रहेंगे. मौसम विभाग ने 23 जून को कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा तथा कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई है.
24 से 26 जून के बीच कोंकण और गोवा में बहुत भारी बारिश जारी रह सकती है. 27 से 29 जून के दौरान भी भारी बारिश का सिलसिला बना रहने का अनुमान है.
मध्य महाराष्ट्र में 24 से 26 जून के बीच तथा मराठवाड़ा में 25 से 26 जून के दौरान भारी वर्षा की संभावना है. दक्षिण गुजरात में भी भारी बारिश का असर देखने को मिल सकता है.
मुंबई सहित महाराष्ट्र के कई क्षेत्रों में मानसून की सक्रियता बढ़ने से जलभराव और स्थानीय स्तर पर यातायात प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है.
पूर्वोत्तर भारत में लगातार बरसेंगे बादल
अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 23 से 29 जून तक व्यापक वर्षा की संभावना जताई गई है.
असम और मेघालय में 23 जून तथा 26 से 27 जून के दौरान बहुत भारी बारिश हो सकती है. अरुणाचल प्रदेश में 23 जून तथा 26 से 29 जून के बीच भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है.
नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी कई स्थानों पर भारी बारिश दर्ज हो सकती है. लगातार बारिश के कारण भूस्खलन, जलभराव और नदी-नालों के जलस्तर में वृद्धि की आशंका बनी हुई है.
बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल पर विशेष नजर
बिहार में 25 से 29 जून के बीच कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना है. 28 जून को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश भी हो सकती है.
25 और 26 जून को बिहार में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ थंडरस्क्वॉल की चेतावनी जारी की गई है. इससे बिजली आपूर्ति और यातायात प्रभावित हो सकते हैं.
उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 23 जून तथा 25 से 29 जून के बीच बहुत भारी बारिश होने की संभावना है. क्षेत्र में भूस्खलन और सड़क संपर्क प्रभावित होने का खतरा बना रहेगा.
झारखंड में 23 से 29 जून तक गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं. 24 और 25 जून को कुछ स्थानों पर गर्म रातें भी दर्ज की जा सकती हैं.
उत्तर भारत में कैसा रहेगा मौसम
जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद क्षेत्र में 23 से 29 जून तक हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना है. हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 23 से 28 जून तक बारिश का दौर जारी रह सकता है, जबकि 29 जून को व्यापक वर्षा दर्ज होने की संभावना है.
हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 23 से 26 जून तथा 29 जून को छिटपुट वर्षा हो सकती है. इस दौरान गरज-चमक और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है.
पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में भी 23 से 29 जून तक वर्षा गतिविधियां जारी रह सकती हैं. कई क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ मौसम बदलने के संकेत हैं.
मध्य भारत में बारिश और आंधी दोनों का असर
छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 23 से 29 जून तक छिटपुट वर्षा होने की संभावना है.
23 जून को मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज आंधी चल सकती है, जिसकी गति झोंकों में 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है.
विदर्भ क्षेत्र में 23 से 28 जून तक बारिश और 29 जून को व्यापक वर्षा की संभावना जताई गई है. क्षेत्र में गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर भी जारी रह सकता है.
दक्षिण भारत में कई राज्यों के लिए अलर्ट
केरल, माहे, लक्षद्वीप, तेलंगाना और तटीय कर्नाटक में 23 से 29 जून तक व्यापक वर्षा का पूर्वानुमान है.
तेलंगाना में पूरे सप्ताह भारी बारिश की संभावना जताई गई है. तटीय कर्नाटक में 23 से 26 जून के दौरान बहुत भारी बारिश हो सकती है.
तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 26 से 29 जून के बीच भारी वर्षा होने की संभावना है. आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों और रायलसीमा में भी कई दिनों तक बारिश का दौर जारी रह सकता है.
लू से राहत अभी नहीं
हालांकि मानसून आगे बढ़ रहा है, लेकिन देश के कुछ हिस्सों में गर्मी का असर अभी बना रहेगा.
मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश में 23 से 27 जून तक लू चलने की संभावना है. बिहार और दक्षिण-पूर्वी मध्य प्रदेश में 23 और 24 जून को लू की स्थिति बन सकती है. विदर्भ में 23 से 25 जून तक हीट वेव का प्रभाव जारी रह सकता है.
विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के आगे बढ़ने के साथ इन क्षेत्रों में भी धीरे-धीरे तापमान में गिरावट आने की संभावना है.
तापमान में क्या होगा बदलाव
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार मध्य भारत में 24 जून तक अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज हो सकती है. इसके बाद तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी संभव है.
महाराष्ट्र में 25 जून तक अधिकतम तापमान 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक कम हो सकता है. इसके बाद कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है.
देश के अन्य अधिकांश हिस्सों में 28 जून तक तापमान में कोई महत्वपूर्ण परिवर्तन नहीं होने का अनुमान है.
लोगों के लिए सलाह
भारी बारिश वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोग स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखें. बिजली गिरने की आशंका वाले क्षेत्रों में खुले मैदानों से दूर रहें. लू प्रभावित इलाकों में पर्याप्त पानी पीएं और दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें.
देशभर में मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ आने वाले दिनों में मौसम तेजी से बदल सकता है. विशेष रूप से पश्चिमी तट, पूर्वोत्तर भारत, बिहार, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और तेलंगाना में मौसम संबंधी चेतावनियों को गंभीरता से लेने की आवश्यकता है.
स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) का 23 जून 2026 को जारी राष्ट्रीय मौसम बुलेटिन.
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FAQ
1. मानसून 24 जून 2026 तक किन राज्यों में पहुंच चुका है?
दक्षिण-पश्चिम मानसून महाराष्ट्र (मुंबई सहित), तेलंगाना, ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के कई हिस्सों तक पहुंच चुका है. अगले कुछ दिनों में इसके गुजरात, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कुछ भागों में आगे बढ़ने की संभावना है.
2. किन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा बारिश का अलर्ट जारी किया गया है?
पश्चिमी तट (कोंकण-गोवा), पूर्वोत्तर भारत, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा भी हो सकती है.
3. किन राज्यों में लू का खतरा बना हुआ है?
पूर्वी उत्तर प्रदेश में 27 जून तक, जबकि बिहार, दक्षिण-पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ के कुछ हिस्सों में 24-25 जून तक लू की स्थिति बने रहने की संभावना है.
4. क्या दिल्ली-एनसीआर में बारिश होगी?
मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 23 से 26 जून तथा 29 जून को छिटपुट बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं.


