Jhansi Link Expressway: दिल्ली-एनसीआर से बुंदेलखंड और पूर्वांचल की दूरी अब और सिमटने जा रही है. आपकों बता दें कि उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) एक नया 106 किलोमीटर लंबा ‘झांसी लिंक एक्सप्रेसवे’ तैयार कर रहा है. यह एक्सप्रेसवे यूपी के चार सबसे बड़े हाई-स्पीड कॉरिडोर को आपस में जोड़कर उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के करीब 20 शहरों से कनेक्टिविटी बढ़ जाएगी.
अब 4 घंटे में तय होगा दिल्ली से झांसी का सफर
दिल्ली से झांसी की कुल दूरी लगभग 420 से 430 किलोमीटर है. इस नए रूट के बनने के बाद यह सफर महज 4 घंटे में पूरा किया जा सकेगा. बता दें कि अगर आप दिल्ली/नोएडा से आगरा (यमुना एक्सप्रेसवे – 165 किमी) 1.5 से 2 घंटे, आगरा से जालौन (आगरा-लखनऊ व बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे – 180 किमी) 1.5 घंटे, जालौन से झांसी (झांसी लिंक एक्सप्रेसवे – 106 किमी) 1 घंटा में सफर तय किया जाएगा.
एक नजर में ‘झांसी लिंक एक्सप्रेसवे’
यह 6-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे (जिसे भविष्य में 8-लेन तक बढ़ाया जा सकता है) राज्य की तीसरी सबसे महंगी सड़क परियोजना है, जिस पर प्रति किलोमीटर लगभग 47 करोड़ रुपये की लागत आ रही है. इस एक्सप्रेसवे की लंबाई 106.3 किलोमीटर बताई जा रही है. इसे बनाने में करीब 5,001 करोड़ खर्च होंगे. बता दें कि इस बनाने 3 साल का लक्ष्य रखा गया है. ऐसा बताया जा रहा है कि इस एक्सप्रेसवे को बनाने में 63 गांवों की 1,232 हेक्टेयर जमीन लगेगी. जिसमें झांसी की चार प्रमुख तहसीलें (गरौठा, टहरौली, मोठ और सदर) का नाम शामिल है.
दो चरणों में होगा निर्माण
जानकारी के अनुसार पहला चरण में 50 किमी बनाया जाएगा. जालौन जिले के फूलपुरा (बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे) से शुरू होकर झांसी के पिपरा गांव तक जाएगा. जिसकी लागत 2,262 करोड़ बताई जा रही है. वहीं दूसरे चरण 56 किमी बनाया जाएगा. पिपरा गांव से आगे झांसी शहर और उससे सटे इंडस्ट्रियल कॉरिडोर को जोड़ेगा. जिसकी लागत करीब 2,739 करोड़ रुपये बताई जा रही है.
4 बड़े एक्सप्रेसवे से सीधी कनेक्टिविटी
झांसी लिंक एक्सप्रेसवे के जरिए यूपी के एक कोने से दूसरे कोने तक बिना किसी रुकावट के सफर किया जा सकेगा. यह लिंक एक्सप्रेसवे जालौन के फूलपुरा (चेनेज 170+300) पर सीधे बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से कनेक्ट होगा. इटावा के कुदरैल गांव से वाहन सीधे आगरा या लखनऊ की दिशा में निकल सकेंगे. आगरा से वाहन सीधे ग्रेटर नोएडा और दिल्ली के लिए यमुना एक्सप्रेसवे पर चढ़ सकेंगे, इतना ही नहीं लखनऊ आउटर रिंग रोड के जरिए पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर पहुंचकर गाजीपुर और आजमगढ़ तक आसानी से जाया जा सकेगा.भविष्य में इसे गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने की भी योजना है.
बीडा, डिफेंस कॉरिडोर और रोजगार को मिलेगी संजीवनी
यह एक्सप्रेसवे केवल एक सड़क नहीं, बल्कि बुंदेलखंड के आर्थिक कायाकल्प का जरिया बनेगा. यह नोएडा की तर्ज पर बन रहे बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (BIDA) और डिफेंस कॉरिडोर को लॉजिस्टिक्स सपोर्ट देगा. फूलपुरा जंक्शन और पिपरा के पास बड़े वेयरहाउस, कोल्ड स्टोरेज और इंडस्ट्रियल पार्क विकसित किए जाएंगे, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के बड़े रास्ते खुलेंगे.


