Hardoi Industrial Corridor: गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे हरदोई के सवायजपुर में विकसित हो रहा औद्योगिक कॉरिडोर अब जमीन पर आकार लेने लगा है. सवायजपुर तहसील के रूपापुर में करीब 327 एकड़ में विकसित किए जा रहे इस औद्योगिक क्षेत्र में कंपनियों को प्लॉट आवंटित करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है. निवेशकों को जमीन मिलने के साथ ही फैक्ट्रियों की स्थापना की गतिविधियां भी तेज हो गई हैं.
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इससे जिले में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है. औद्योगिक क्षेत्र में करीब 2700 वर्गमीटर से लेकर अलग-अलग आकार के प्लॉट उपलब्ध हैं, जिनमें कंपनियां अपनी इकाइयां स्थापित कर सकेंगी.
500 करोड़ के निवेश से डिस्टलरी लगेगी
औद्योगिक कॉरिडोर में निवेश के लिए कंपनियां आगे आने लगी हैं. माउंट एब्रेस्ट ने करीब 500 करोड़ रुपए के निवेश से डिस्टलरी स्थापित करने के लिए जमीन ली है. इकाई शुरू होने के बाद स्थानीय स्तर पर करीब 1,000 लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है. इसके अलावा कई अन्य कंपनियां भी यहां निवेश में रुचि दिखा रही हैं. प्लॉट आवंटन शुरू होने के बाद औद्योगिक क्षेत्र में निर्माण और अन्य गतिविधियां बढ़ने लगी हैं.
गंगा एक्सप्रेसवे बनेगा विकास का आधार
औद्योगिक कॉरिडोर के लिए गंगा एक्सप्रेसवे की सीधी कनेक्टिविटी महत्वपूर्ण मानी जा रही है. एक्सप्रेसवे के जरिए कच्चे माल और तैयार उत्पादों की आवाजाही आसान होने के साथ बड़े बाजारों तक पहुंच भी सुगम हो सकती है.बेहतर कनेक्टिविटी से उद्योगों को परिवहन और लॉजिस्टिक्स के स्तर पर सुविधा मिलने की उम्मीद है. इससे उत्पादन से जुड़े कारोबार को गति मिल सकती है.
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आसपास के क्षेत्रों में भी बढ़ेंगे अवसर
फैक्ट्रियों की स्थापना के साथ सवायजपुर और आसपास के इलाकों में सिर्फ प्रत्यक्ष रोजगार ही नहीं, बल्कि परिवहन, निर्माण, कारोबार और सर्विस सेक्टर में भी नए अवसर पैदा हो सकते हैं.327 एकड़ में विकसित हो रहे इस औद्योगिक कॉरिडोर में कंपनियों को जमीन मिलने और इकाइयों की स्थापना शुरू होने से हरदोई में औद्योगिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है. गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे उद्योगों का विस्तार जिले की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण बदलाव साबित हो सकता है.


