झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षा विवाद को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार 13वें दिन भी जारी है. राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्र अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं. इस बीच मानसून सत्र के पहले दिन झारखंड विधानसभा के भीतर और बाहर भी इस मुद्दे को लेकर जोरदार हंगामा देखने को मिला.
वहीं, मामले की जांच कर रही सीआईडी ने पांच और आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इसके साथ ही इस मामले में अब तक गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 19 हो गई है.
विधानसभा में विपक्ष का प्रदर्शन
झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन भाजपा और एनडीए के विधायकों ने JPSC परीक्षा विवाद को लेकर विधानसभा परिसर में प्रदर्शन किया. मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल ने मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग उठाई.
छात्रों से मिला भाजपा का प्रतिनिधिमंडल
विधानसभा की कार्यवाही से पहले भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल आंदोलनरत छात्रों से मिलने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचा. भाजपा के वरिष्ठ नेता अमर बाउरी ने आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रिया में मंत्रियों के कोटे का प्रभाव रहा है.
सरकार ने आरोपों का किया जवाब
भाजपा के आरोपों पर मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि भाजपा के शासनकाल में भी राजनीतिक नेताओं के परिजनों को सरकारी नौकरियां मिली थीं, इसलिए पार्टी को ऐसे आरोप लगाने का नैतिक अधिकार नहीं है. वहीं मंत्री चमरा लिंडा ने कहा कि इस पूरे मामले के वास्तविक दोषी परीक्षा माफिया हैं, न कि सत्तापक्ष या विपक्ष.
CID ने पांच और आरोपियों को किया गिरफ्तार
मामले की जांच कर रही सीआईडी ने रांची और लखनऊ से पांच और आरोपियों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार लोगों में टीडीपीएल कंपनी का एक अकाउंटेंट भी शामिल है. इन गिरफ्तारियों के बाद इस मामले में कुल गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 19 हो गई है.
मुख्यमंत्री ने दिए निष्पक्ष जांच के निर्देश
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अधिकारियों को मामले की निष्पक्ष और बिना किसी भेदभाव के जांच करने के निर्देश दिए हैं. सरकार की ओर से गठित चार मंत्रियों की उच्चस्तरीय समिति के आज आंदोलनरत छात्रों से बातचीत करने की संभावना है. अब सभी की नजर प्रस्तावित वार्ता के परिणाम और सीआईडी की आगे की जांच पर बनी हुई है.


