रांची: झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच राज्य सरकार ने छात्रों की ज्यादातर मांगों पर सहमति जताई है. राज्य मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने रविवार को सरकार और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच बातचीत के बाद बताया कि सरकार 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा और 2023-25 बैकलॉग परीक्षाओं को रद्द करने पर सहमत हो गई है.
सरकार ने कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए Enforcement Directorate यानी ED की जांच, आपराधिक मामलों की जांच के लिए CID जांच और 90 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल कराने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने पर भी सहमति जताई है. हालांकि, छात्रों की JSSC CGL परीक्षा रद्द करने और पूरे मामले की CBI जांच कराने की मांग पर सहमति नहीं बनी है. छात्रों ने कहा है कि इन मांगों के पूरा होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा.
14वीं JPSC प्रीलिम्स और बैकलॉग परीक्षाएं रद्द होंगी
राज्य मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने बातचीत के बाद मीडिया को बताया कि सरकार ने छात्रों की प्रमुख मांगों में से एक को स्वीकार कर लिया है. सरकार 14वीं JPSC Preliminary Examination को रद्द करने पर सहमत हुई है.
इसके साथ ही 2023-25 की बैकलॉग परीक्षाओं को भी रद्द करने का फैसला लिया गया है. छात्रों ने इन परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए थे और कार्रवाई की मांग की थी.
सरकार और छात्रों के बीच हुई बातचीत के बाद इन परीक्षाओं को लेकर स्थिति अब स्पष्ट हो गई है.
वित्तीय अनियमितताओं की ED करेगी जांच
राज्य सरकार ने कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच के लिए Enforcement Directorate यानी ED की जांच पर भी सहमति जताई है.
इसके अलावा मामले के आपराधिक पहलुओं की जांच CID करेगी. सरकार की ओर से यह भी बताया गया है कि मामलों में जल्द चार्जशीट दाखिल हो, इसके लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाएगा.
सरकार के अनुसार, फास्ट-ट्रैक कोर्ट के जरिए 90 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा.
परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए बनेगी एक्सपर्ट कमेटी
झारखंड सरकार परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए एक विशेषज्ञ समिति का भी गठन करेगी. इस समिति में देश के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा.
सरकार के अनुसार, समिति में IIT (Indian School of Mines) Dhanbad, IIM Ranchi और XLRI के प्रतिनिधि शामिल होंगे. यह समिति परीक्षा प्रणाली का अध्ययन कर उसमें जरूरी सुधारों को लेकर सुझाव देगी.
छात्रों की ओर से भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, निष्पक्षता और बेहतर व्यवस्था की मांग की जा रही थी. विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों के आधार पर परीक्षा प्रणाली में सुधार किए जाने की योजना है.
JSSC CGL रद्द करने की मांग पर नहीं बनी सहमति
बातचीत में छात्रों की सभी मांगों पर सहमति नहीं बन सकी. सरकार ने JSSC CGL परीक्षा रद्द करने की मांग को स्वीकार नहीं किया है.
इसके अलावा छात्रों की पूरे मामले में CBI जांच कराने की मांग पर भी सरकार और छात्रों के बीच सहमति नहीं बनी.
छात्रों ने इन दोनों मांगों को लेकर अपना आंदोलन जारी रखने की बात कही है. उनका कहना है कि जब तक उनकी सभी प्रमुख मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन खत्म नहीं किया जाएगा.
तीन JPSC सदस्यों ने दिया इस्तीफा
इस बीच झारखंड लोक सेवा आयोग यानी JPSC के तीन मौजूदा सदस्यों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है.
इस्तीफा देने वालों में डॉ. अजीता भट्टाचार्य, डॉ. जमील अहमद और डॉ. अनीमा हांसदा शामिल हैं.
इन तीनों सदस्यों को CID ने सोमवार को पूछताछ के लिए बुलाया था. इसके बाद उन्होंने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया. झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने इन इस्तीफों को स्वीकार कर लिया है.
CID की पूछताछ से पहले दिया इस्तीफा
JPSC के तीनों सदस्यों के इस्तीफे ऐसे समय हुए हैं, जब उन्हें कथित परीक्षा अनियमितताओं से जुड़े मामले में CID ने पूछताछ के लिए तलब किया था.
CID की ओर से उन्हें सोमवार को पूछताछ के लिए बुलाया गया था. इससे पहले ही तीनों सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया. राज्यपाल की ओर से इस्तीफे स्वीकार किए जाने के बाद JPSC में तीन पद रिक्त हो गए हैं.
इन इस्तीफों को लेकर आगे की प्रक्रिया संबंधित स्तर पर तय की जाएगी.
छात्रों का आंदोलन अभी जारी रहेगा
सरकार की ओर से कई मांगों को स्वीकार किए जाने के बावजूद छात्र आंदोलन खत्म करने के लिए तैयार नहीं हैं. छात्रों ने स्पष्ट किया है कि JSSC CGL परीक्षा रद्द करने और CBI जांच की मांग पर सहमति नहीं बनने के कारण उनका आंदोलन जारी रहेगा.
पिछले कई दिनों से छात्र JPSC और JSSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. सरकार और छात्रों के बीच बातचीत के कई दौर के बाद अब कुछ प्रमुख मांगों पर सहमति बनी है, लेकिन दो महत्वपूर्ण मांगों को लेकर गतिरोध बना हुआ है.
उज्जैन-झालावाड़ फोरलेन से बदलेगी MP-Rajasthan की कनेक्टिविटी, जयपुर का सफर 6-7 घंटे में होगा पूरा
सरकार और छात्रों के बीच बनी सहमति से आगे की प्रक्रिया पर नजर
सरकार की ओर से 14वीं JPSC प्रीलिम्स और 2023-25 बैकलॉग परीक्षाओं को रद्द करने, ED और CID जांच कराने तथा परीक्षा सुधार के लिए विशेषज्ञ समिति बनाने पर सहमति के बाद अब आगे की प्रक्रिया पर नजर रहेगी.
वहीं, JSSC CGL परीक्षा और CBI जांच को लेकर छात्रों का रुख स्पष्ट है. इन मांगों पर सहमति नहीं बनने के कारण आंदोलन जारी रहने की बात कही गई है.
ऐसे में झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर चल रहा विवाद अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है.


