kirti kulhari first production film: अभिनेत्री कीर्ति कुल्हारी अपने करियर में एक नई शुरुआत करने जा रही हैं. उनकी पहली प्रोडक्शन फिल्म ‘किनारे’ (Kinaare – Shores) का प्रीमियर धर्मशाला इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (DIFF) 2026 में होगा. इस फिल्म के जरिए कीर्ति ने निर्माता के रूप में अपनी नई पारी शुरू की है. फिल्म का निर्देशन और लेखन अकबर कादरी और आजम कादरी ने किया है.
कीर्ति ने इस फिल्म को अपने प्रोडक्शन बैनर किंत्सुकुरोई फिल्म्स (Kintsukuroi Films) के तहत बनाया है. इसमें अभिषेक कोका और मानसी गुप्ते सह-निर्माता हैं. फिल्म में कीर्ति के साथ राजीव सिद्धार्थ, अलका अमीन और रवि तनेजा अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे.
कीर्ति कुल्हारी के लिए क्यों खास है ‘किनारे’?
कीर्ति कुल्हारी ने इंस्टाग्राम पर फिल्म के चयन की जानकारी साझा करते हुए खुशी और आभार जताया. उन्होंने लिखा कि उनकी पहली प्रोडक्शन फिल्म का DIFF 2026 में प्रीमियर होना उनके लिए बेहद खास पल है. कीर्ति के मुताबिक, इस फिल्म के जरिए उन्हें ऐसे लोगों के साथ काम करने का मौका मिला, जो सिनेमा के प्रति उनके जुनून और सोच को साझा करते हैं.
कीर्ति ने फिल्म को अपनी निर्माता के रूप में पहली संतान जैसा बताया. उनके अनुसार, इसकी कहानी ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया. उन्होंने फिल्म को सरल, दिल को छूने वाली और सूक्ष्म भावनाओं को व्यक्त करने वाली कहानी बताया. कीर्ति ने यह भी कहा कि ईरानी सिनेमा की संवेदनशीलता और सादगी उन्हें हमेशा आकर्षित करती रही है और ‘किनारे’ में उन्हें वैसी ही रचनात्मक झलक महसूस हुई.
दिल्ली के पास एक गांव में बुनी गई कहानी
‘किनारे’ की कहानी दिल्ली के नजदीक स्थित एक गांव की पृष्ठभूमि में आगे बढ़ती है. फिल्म में कीर्ति कुल्हारी ने अमीना का किरदार निभाया है, जो अकेली महिला है. उसकी जिंदगी अपने बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल और घर की जिम्मेदारियां निभाने में गुजरती है. अमीना की नियमित जिंदगी उस समय बदल जाती है, जब उसका चचेरा भाई 15 साल बाद अचानक उससे मिलने आता है. इस मुलाकात के साथ परिवार के अतीत से जुड़ी वे बातें फिर सामने आने लगती हैं, जिनकी वजह से कभी रिश्तों में दरार पड़ गई थी. पुरानी यादों, खोए हुए वक्त और रिश्तों के बीच आगे बढ़ती कहानी अतीत को स्वीकार करने और वर्तमान के साथ सुकून से जीने की भावनाओं को सामने लाती है.
स्वतंत्र सिनेमा बनाने के अनुभव पर क्या बोलीं कीर्ति?
कीर्ति ने कहा कि वह इस फिल्म को स्वतंत्र रूप से और अपनी रचनात्मक सोच के मुताबिक बनाना चाहती थीं. उनके अनुसार, फिल्म से जुड़े कलाकारों और तकनीकी टीम ने कहानी पर भरोसा जताया और सिनेमा के प्रति अपने जुनून के कारण एक साथ काम किया. उन्होंने माना कि अपनी फिल्म को स्वतंत्र रूप से बनाना आसान नहीं होता, लेकिन पूरी टीम के सहयोग ने इस अनुभव को खास बना दिया. कीर्ति ने कहा कि उन्हें गर्व है कि वह ‘किनारे’ जैसी फिल्म दर्शकों के सामने ला रही हैं.
राजीव सिद्धार्थ ने भी की कहानी की तारीफ
फिल्म में अहम भूमिका निभा रहे राजीव सिद्धार्थ ने इसकी पटकथा को खास बताया. उनके मुताबिक, एक अभिनेता के लिए ऐसी कहानी मिलना महत्वपूर्ण है, जो केवल संवादों तक सीमित न रहे, बल्कि उनके बीच मौजूद खामोशी और अनकही भावनाओं को भी तलाशने का अवसर दे. राजीव का मानना है कि ‘किनारे’ का विषय सार्वभौमिक है और इसे देखने वाले दर्शक इसकी कहानी से भावनात्मक रूप से जुड़ सकते हैं.
अनुभवी तकनीकी टीम ने संभाली जिम्मेदारी
फिल्म की सिनेमैटोग्राफी अर्जुन सुंदरम ने की है, जबकि संगीत मोहन कन्नन ने तैयार किया है. बकुल मटियानी ने फिल्म का संपादन किया है और संजय चतुर्वेदी ने साउंड डिजाइन की जिम्मेदारी संभाली है. धर्मशाला इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में प्रीमियर के साथ ‘किनारे’ कीर्ति कुल्हारी के लिए अभिनय से आगे बढ़कर फिल्म निर्माण की दुनिया में एक अहम कदम साबित होगी. अब दर्शकों की नजरें इस बात पर हैं कि परिवार, रिश्तों और अतीत को स्वीकार करने की यह संवेदनशील कहानी उन्हें किस तरह प्रभावित करती है.


