Mathura Aligarh Railway Line: उत्तर प्रदेश में रेल यात्रियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है. मथुरा और अलीगढ़ के बीच सीधा रेल संपर्क स्थापित करने की दिशा में रेलवे ने कदम बढ़ाए हैं. मेड़ू जंक्शन के रास्ते प्रस्तावित नई रेल लाइन का अंतिम स्थल सर्वेक्षण कराया जा रहा है. इस रेल लाइन के बनने से दोनों शहरों के बीच आने-जाने वाले हजारों यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है. अभी सीधे रेल संपर्क के अभाव में यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ती है. इसके साथ ही आगरा-वाराणसी वंदे भारत एक्सप्रेस को मथुरा तक बढ़ाने की मांग पर भी विचार किया जाएगा. अगर ये योजनाएं आगे बढ़ती हैं, तो क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी बेहतर हो सकती है.
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मथुरा-अलीगढ़ के बीच नई रेल लाइन की तैयारी तेज
मथुरा और अलीगढ़ के बीच रेल संपर्क बेहतर बनाने के लिए रेलवे उत्तर पूर्व रेलवे के मथुरा-कासगंज रेलखंड पर मेड़ू जंक्शन के रास्ते प्रस्तावित रेल लाइन का अंतिम स्थल सर्वेक्षण करा रहा है. इससे दोनों शहरों के बीच रेल सेवा शुरू होने की संभावना को लेकर उम्मीद बढ़ी है. मथुरा की सांसद हेमा मालिनी के प्रतिनिधि जनार्दन शर्मा ने रविवार को इसकी जानकारी दी. उनके मुताबिक, हेमा मालिनी ने 14 सितंबर को उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक को पत्र लिखकर इस रेल लाइन का प्रस्ताव दिया था. शुक्रवार को उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह और आगरा मंडल का प्रतिनिधित्व करने वाले सांसदों के बीच हुई बैठक में भी इस मुद्दे पर चर्चा की गई. बैठक में आगरा मंडल की रेल सेवाओं को बेहतर बनाने से जुड़े विषय उठाए गए.
रोज सफर करने वाले हजारों यात्रियों को मिलेगी राहत?
मथुरा और अलीगढ़ के बीच सीधा रेल संपर्क नहीं होने से यात्रियों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है. प्रस्तावित रेल लाइन बनने से दोनों शहरों के बीच यात्रा आसान होने और समय बचने की उम्मीद है. इसका फायदा नौकरी, कारोबार, पढ़ाई और अन्य जरूरी कामों के लिए दोनों शहरों के बीच आने-जाने वाले लोगों को मिल सकता है. हालांकि, अभी परियोजना सर्वेक्षण के चरण में है. रेल लाइन कब तक बनेगी और ट्रेन सेवाएं कब शुरू होंगी, इसकी समयसीमा फिलहाल स्पष्ट नहीं है.
मथुरा तक बढ़ सकती है आगरा-वाराणसी वंदे भारत
मथुरा-अलीगढ़ रेल लाइन के अलावा आगरा-वाराणसी वंदे भारत एक्सप्रेस का मथुरा तक विस्तार करने की मांग पर भी चर्चा हुई है. जनार्दन शर्मा के मुताबिक, रेलवे ने इस मांग पर विचार करने का आश्वासन दिया है. हालांकि, इसके लिए मथुरा स्टेशन पर वंदे भारत ट्रेनों के रखरखाव की पर्याप्त सुविधाएं विकसित करना जरूरी होगा. इन सुविधाओं के तैयार होने के बाद ही विस्तार की मांग पर विचार किया जाएगा. अगर इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो मथुरा के यात्रियों को तेज रफ्तार ट्रेन सेवा का लाभ मिलने की संभावना बन सकती है.
गोंडा में भी रेलवे की दो परियोजनाओं पर काम की तैयारी
उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में भी रेल संपर्क और परिचालन क्षमता बढ़ाने की दिशा में काम आगे बढ़ रहा है. मनकापुर-टिकरी रेलखंड के दोहरीकरण और झिलाही-टिकरी के बीच नई रेल लाइन बिछाने की परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है. जानकारी के मुताबिक, मनकापुर-टिकरी के बीच 28.37 किलोमीटर रेलखंड के दोहरीकरण और मनकापुर में वाई-कनेक्शन से जुड़ी परियोजना को वर्ष 2025 में 280.17 करोड़ रुपये की लागत से मंजूरी दी गई थी. इसके साथ झिलाही और टिकरी के बीच 15.72 किलोमीटर लंबी वाई-आकार की नई रेल लाइन बनाने की योजना भी शामिल है.
पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी के मुताबिक, परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण संबंधी गजट जारी किया गया है. करीब 3.19 हेक्टेयर भूमि के अधिग्रहण के लिए रेलवे अधिनियम की धारा 20एफ के तहत अधिसूचना जारी करने की प्रक्रिया बताई गई है.
टिकरी जंगल में पेड़ों का मूल्यांकन, वन मंजूरी के बाद आगे बढ़ेगा काम
झिलाही-टिकरी रेल लाइन के निर्माण के लिए वन भूमि से जुड़ी औपचारिकताएं भी पूरी की जानी हैं. रेलवे अधिकारी टिकरी जंगल में रेल लाइन के दोनों ओर मौजूद पेड़ों की पहचान, छपान और लॉट तैयार करने का काम कर रहे हैं. इसके बाद पेड़ों की प्रजातिवार संख्या और मूल्यांकन के आधार पर वन विभाग को निर्धारित राशि उपलब्ध कराई जाएगी. रेंजर अभिषेक प्रताप सिंह के मुताबिक, रेलवे और वन विभाग के अधिकारी संयुक्त रूप से यह प्रक्रिया पूरी कर रहे हैं. आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने और मंजूरी मिलने के बाद ही निर्माण कार्य आगे बढ़ सकेगा.
रेल नेटवर्क मजबूत होने से यात्रियों को क्या फायदा?
मथुरा-अलीगढ़ के बीच प्रस्तावित रेल संपर्क और गोंडा की रेल परियोजनाएं उत्तर प्रदेश में रेल नेटवर्क को बेहतर बनाने की दिशा में अहम कदम साबित हो सकती हैं. नई लाइन से जहां मथुरा और अलीगढ़ के बीच सीधी रेल सेवा की संभावना बनेगी, वहीं गोंडा में दोहरीकरण और नई लाइन से रेल परिचालन क्षमता बढ़ाने में मदद मिल सकती है. फिलहाल मथुरा-अलीगढ़ रेल लाइन के लिए सर्वेक्षण और गोंडा की परियोजनाओं के लिए जरूरी प्रक्रियाएं आगे बढ़ रही हैं. यात्रियों को वास्तविक राहत कब मिलेगी, यह निर्माण, मंजूरी और रेलवे की आगामी समयसीमा पर निर्भर करेगा.
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