Lucknow-Kanpur Highway: लखनऊ-कानपुर राजमार्ग पर सफर करने वालों के लिए राहत भरी खबर है. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) दीपावली के बाद राजमार्ग पर दो अंडरपास और एक फुटओवर ब्रिज का निर्माण शुरू करने की तैयारी में है. इस परियोजना पर 107 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और इसे 18 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. इसका उद्देश्य दुर्घटनाओं में कमी लाना, जाम से राहत देना और स्थानीय लोगों की आवाजाही आसान बनाना है.
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नवाबगंज तिराहा और दही चौकी पर बनेंगे अंडरपास
एनएचएआइ के मुताबिक, राजमार्ग पर नवाबगंज तिराहा और दही चौकी के पास अंडरपास बनाए जाएंगे. इन स्थानों पर सड़क पार करने के दौरान होने वाली परेशानियों को कम करने और यातायात सुचारु बनाने के लिए निर्माण किया जाएगा. स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों की मांग पर त्रिभुवन खेड़ा में फ्लाईओवर बनाने की भी योजना है. इससे व्यस्त स्थानों पर वाहनों की आवाजाही बेहतर होने और ट्रकों की लंबी कतारों से राहत मिलने की उम्मीद है.
107 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी
इस परियोजना के लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से 107 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिल चुकी है. निर्माण कार्य पूरा करने के लिए 18 महीने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. फिलहाल यूटिलिटी ट्रांसफर का काम शुरू कर दिया गया है. इसके बाद सर्विस रोड का निर्माण शुरू करने की तैयारी है. निर्माण के दौरान यातायात को नियंत्रित रखने के लिए रूट डायवर्जन पर उन्नाव पुलिस और एनएचएआइ के अधिकारियों के बीच बैठक प्रस्तावित है.
पेड़ों को शिफ्ट करने की भी तैयारी
परियोजना के लिए नवाबगंज और दही चौकी के पास वन विभाग की करीब तीन हेक्टेयर जमीन पर लगे पेड़ों को शिफ्ट करने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है. निर्माण के लिए जरूरी स्थान उपलब्ध कराने के साथ अन्य तकनीकी बाधाओं को दूर किया जा रहा है.
अंडरपास में होगी ड्रेनेज और रोशनी की व्यवस्था
एनएचएआइ अंडरपास में जलभराव रोकने के लिए आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम विकसित करेगा. इसके अलावा पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था की जाएगी. अंडरपास में बड़े रोशनदान बनाए जाने की योजना है, जिससे दिन के समय प्राकृतिक रोशनी मिल सके और बिजली कटौती के दौरान भी पर्याप्त उजाला रहे.
पुश बैक तकनीक से जमीन के नीचे जाएगा बॉक्स
अंडरपास के निर्माण में पुश बैक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा. इसके तहत अंडरपास का बॉक्स जमीन के भीतर स्थापित किया जाएगा. प्रस्तावित बॉक्स करीब 55 मीटर लंबा, 12 मीटर चौड़ा और पांच मीटर से अधिक ऊंचा होगा. इस तकनीक का उद्देश्य निर्माण कार्य के दौरान सड़क यातायात पर पड़ने वाले असर को कम करना है. हालांकि, वास्तविक यातायात व्यवस्था निर्माण के दौरान जारी होने वाले रूट डायवर्जन और प्रशासनिक निर्देशों पर निर्भर करेगी.
18 महीने में काम पूरा करने का लक्ष्य
एनएचएआइ के परियोजना निदेशक नवरत्न के मुताबिक, यूटिलिटी ट्रांसफर से जुड़ा काम शुरू हो चुका है और सर्विस लेन बनाने की प्रक्रिया जल्द आगे बढ़ाई जाएगी. विभाग का प्रयास है कि दीपावली के आसपास अंडरपास और फुटओवर ब्रिज का निर्माण शुरू कर दिया जाए. परियोजना पूरी होने के बाद लखनऊ-कानपुर राजमार्ग पर स्थानीय लोगों की आवाजाही आसान होने और दुर्घटनाओं की आशंका कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है.
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