Kushinagar News: कुशीनगर के दुदही क्षेत्र में अमवादिगर से भरथ पट्टी के बीच नारायणी (गंडक) नदी पर पक्का पुल बनाने की स्वीकृति मिल गई है. करीब 200 मीटर लंबे इस पुल के निर्माण पर लगभग 250 करोड़ रुपये खर्च होंगे. निर्माण कार्य शुरू कराने के लिए धनराशि जारी होने की जानकारी दी गई है. पुल बनने से पांच लाख से अधिक लोगों को आवागमन की सुविधा मिलने की उम्मीद है. फिलहाल नदी पार करने के लिए ग्रामीणों को नाव का सहारा लेना पड़ता है.
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वर्षों पुरानी समस्या से मिलेगी राहत
नारायणी नदी के दोनों किनारों पर बसे गांवों के लोगों को लंबे समय से आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. नदी पार करने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ता है, जबकि दूसरे रास्तों से जाने पर अधिक समय लगता है. बरसात के मौसम में नदी का जलस्तर बढ़ने से मुश्किलें और बढ़ जाती हैं. ऐसे में अमवादिगर से भरथ पट्टी के बीच पक्का पुल बनने से लोगों को सुरक्षित और सुविधाजनक रास्ता मिलने की उम्मीद है. इससे नदी के दोनों ओर बसे गांवों के बीच संपर्क बेहतर होगा और रोजमर्रा के कामों के लिए लोगों को लंबा रास्ता तय नहीं करना पड़ेगा.
किसानों को होगा सबसे ज्यादा फायदा
गंडक नदी के आसपास के गांवों में बड़ी आबादी खेती-किसानी पर निर्भर है. नदी के कारण किसानों को अपने खेतों तक पहुंचने और कृषि उपज बाजार तक ले जाने में परेशानी होती है. पुल बनने से खेतों और बाजारों के बीच आवागमन आसान हो सकता है. इसके अलावा खाद, बीज और कृषि उपकरणों को खेतों तक पहुंचाने में भी सुविधा मिलेगी. परिवहन में लगने वाला समय और खर्च कम होने की उम्मीद है. ग्रामीणों का मानना है कि पुल और सड़क संपर्क बेहतर होने से खेती-किसानी को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्र में जमीन की कीमतों पर भी सकारात्मक असर पड़ सकता है.
शिक्षा, स्वास्थ्य और कारोबार को मिलेगी रफ्तार
पुल बनने से नदी के दोनों किनारों पर बसे गांवों के लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और बाजारों तक पहुंचने में सहूलियत मिलेगी. बेहतर सड़क संपर्क से स्थानीय कारोबार बढ़ने और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है. इस परियोजना से उत्तर प्रदेश और बिहार के बीच सीधा संपर्क मजबूत होने की उम्मीद है. इससे लोगों की आवाजाही के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियों को भी लाभ मिल सकता है.
2021 में नदी के उस पार फंस गए थे ग्रामीण
नारायणी नदी का बढ़ता जलस्तर पहले भी ग्रामीणों के लिए गंभीर परेशानी पैदा कर चुका है. जून 2021 में नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से अमवाखास दियारा क्षेत्र के दूसरी ओर कई गांवों के सैकड़ों लोग फंस गए थे. प्रशासन ने लोगों को वापस लाने के लिए मोटरचालित नाव भेजी थी. एक नाव बीच धारा में फंसकर बहाव के साथ करीब पांच किलोमीटर दूर परोराही गांव के सामने पहुंच गई थी. इसके बाद एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की संयुक्त टीम ने नाव पर सवार लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला था. इस घटना ने नदी पार करने के लिए सुरक्षित और स्थायी संपर्क की जरूरत को एक बार फिर सामने ला दिया था.
250 करोड़ रुपये से बनेगा 200 मीटर लंबा पुल
लोक निर्माण विभाग (PWD) के सहायक अभियंता राहुल सोनी के मुताबिक, दुदही क्षेत्र के अमवादिगर से भरथ पट्टी तक गंडक नदी पर पुल निर्माण को स्वीकृति मिल गई है. करीब 200 मीटर लंबे पुल के निर्माण पर 250 करोड़ रुपये खर्च होंगे. निर्माण कार्य शुरू कराने की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी और सेतु निगम को दी गई है.
ग्रामीणों को लंबे इंतजार के बाद उम्मीद
स्थानीय निवासी सुनील गौड़ का कहना है कि गंडक नदी पर पुल की मांग लंबे समय से की जा रही थी. इसके बनने से उत्तर प्रदेश और बिहार के बीच सीधा संपर्क स्थापित होगा और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा. वहीं, अमवादिगर के निवासी गोरख और सुनर के मुताबिक, पुल बनने से किसानों को अपने खेतों तक पहुंचने में बड़ी राहत मिलेगी. अभी नदी पार करने के लिए नाव पर निर्भर रहना पड़ता है. ग्रामीणों को उम्मीद है कि निर्माण कार्य जल्द शुरू होगा और वर्षों पुरानी समस्या से निजात मिलेगी.
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