UP Rozgaar Mela: उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए अच्छी खबर है. उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के तहत प्रदेश में मेगा रोजगार मेलों का आयोजन किया जा रहा है. इस पहल के जरिए बड़ी संख्या में प्रशिक्षित युवाओं को निजी कंपनियों में नौकरी पाने का मौका मिलेगा. प्रदेश सरकार इसी महीने तीन बड़े शहरों लखनऊ, झांसी और वाराणसी में बृहद रोजगार मेलों का आयोजन कर रही है, जहां 100 से अधिक कंपनियां भाग लेंगी और युवाओं को सीधे नौकरी के अवसर प्रदान करेंगी.
इन शहरों में लगेगा रोजगार मेला
सरकार युवाओं को कौशल के आधार पर आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है. इसी कड़ी में इन तीन शहरों में बड़े स्तर पर रोजगार मेलों का आयोजन किया जा रहा है, जिससे हजारों युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार मिलने की उम्मीद है.
कब और कहां मिलेगा मौका?
18 मार्च को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में रोजगार मेला लगेगा. इसमें लखनऊ, कानपुर, अयोध्या और बरेली मंडल के अभ्यर्थी भाग ले सकेंगे.
24 मार्च को बुंदेलखंड महाविद्यालय में मेला आयोजित होगा, जहां झांसी, चित्रकूट और आगरा मंडल के युवाओं को मौका मिलेगा.
25 मार्च को राजकीय आईटीआई करौंदी परिसर में रोजगार मेला लगेगा, जिसमें वाराणसी, मिर्जापुर और प्रयागराज मंडल के अभ्यर्थी शामिल हो सकेंगे.
कौशल और रोजगार पर सरकार का फोकस
प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि सरकार की नीति के तहत युवाओं को प्रशिक्षण देने के साथ-साथ उन्हें रोजगार से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. रोजगार मेलों के जरिए प्रशिक्षित युवाओं और कंपनियों को एक मंच पर लाकर भर्ती प्रक्रिया को आसान बनाया जा रहा है.
किसको मिली जिम्मेदारी
इन मेलों के सफल आयोजन के लिए कौशल विकास मिशन ने अलग-अलग मंडलों में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की है. मिशन के निदेशक पुलकित खरे के अनुसार, प्रदेश में कौशल प्रशिक्षण, स्टार्टअप और औद्योगिक निवेश बढ़ने से रोजगार के अवसर भी लगातार बढ़ रहे हैं.
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युवाओं को मिलेगा बेहतर मौका
इन रोजगार मेलों में प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, मुख्यमंत्री युवा कौशल योजना, आईटीआई और पॉलिटेक्निक से प्रशिक्षित युवाओं के साथ अन्य अभ्यर्थियों को भी नौकरी के अवसर मिलेंगे. साथ ही महिला अभ्यर्थियों, दिव्यांगजनों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है. मिशन के अनुसार, प्रत्येक आयोजन स्थल पर ऐसी नौकरियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है जिनका न्यूनतम वार्षिक वेतन लगभग 1.50 लाख रुपये हो.


