देशभर में लोगों को कम कीमत पर गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से Pradhan Mantri Bhartiya Janaushadhi Pariyojana (PMBJP) संचालित की जा रही है. यह योजना रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के औषधि विभाग (Department of Pharmaceuticals) द्वारा वर्ष 2008 में शुरू की गई थी.
इस योजना के तहत देशभर में प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र (PMBJK) खोले जाते हैं, जहां ब्रांडेड दवाओं के समान गुणवत्ता वाली जेनेरिक दवाएं 50% से 80% तक कम कीमत पर उपलब्ध कराई जाती हैं. मार्च 2026 तक देश में 19,000 से अधिक जन औषधि केंद्र संचालित हो रहे हैं.
क्या है Pradhan Mantri Bhartiya Janaushadhi Pariyojana?
PMBJP का उद्देश्य सभी नागरिकों, विशेषकर गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों तक कम कीमत पर गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाएं पहुंचाना है. इसके साथ ही यह योजना युवाओं, फार्मासिस्टों और उद्यमियों को जन औषधि केंद्र खोलकर स्वरोजगार का अवसर भी देती है.
वर्तमान में योजना के तहत लगभग 2,100 दवाएं और 300 सर्जिकल उत्पाद उपलब्ध कराए जा रहे हैं.
योजना के प्रमुख उद्देश्य
इस योजना के माध्यम से सरकार का लक्ष्य है.
- सभी नागरिकों को किफायती दरों पर गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाएं उपलब्ध कराना.
- जेनेरिक दवाओं के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना.
- फार्मासिस्टों और उद्यमियों को रोजगार के अवसर प्रदान करना.
- स्वास्थ्य सेवाओं पर होने वाले खर्च को कम करना.
जन औषधि केंद्र खोलने पर मिलने वाले लाभ
यदि कोई पात्र व्यक्ति या संस्था जन औषधि केंद्र खोलती है, तो उसे कई प्रकार के वित्तीय लाभ मिलते हैं.
मासिक प्रोत्साहन राशि
PMBI से जुड़े जन औषधि केंद्रों को.
- मासिक खरीद का 20 प्रतिशत प्रोत्साहन.
- अधिकतम ₹20,000 प्रति माह.
- इसमें 10 प्रतिशत खरीद पर तथा 10 प्रतिशत निर्धारित स्टॉक बनाए रखने पर मिलता है.
विशेष श्रेणी के लिए ₹2 लाख तक सहायता
निम्न श्रेणी के लाभार्थियों को एकमुश्त सहायता उपलब्ध कराई जाती है.
- महिला उद्यमी
- SC
- ST
- दिव्यांगजन
- पूर्व सैनिक
- आकांक्षी जिले
- हिमालयी क्षेत्र
- द्वीपीय क्षेत्र
- उत्तर-पूर्वी राज्य
इस सहायता में.
- ₹1.5 लाख फर्नीचर एवं फिक्स्चर के लिए
- ₹50,000 कंप्यूटर, इंटरनेट, प्रिंटर आदि के लिए
मरीजों को क्या लाभ मिलता है?
योजना के तहत मरीजों को कई महत्वपूर्ण सुविधाएं मिलती हैं.
- ब्रांडेड दवाओं की तुलना में 50% से 80% तक कम कीमत.
- WHO-GMP प्रमाणित कंपनियों से दवाओं की खरीद.
- प्रत्येक बैच की NABL मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं में जांच.
- गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाओं की उपलब्धता.
₹1 में सैनिटरी पैड
योजना के अंतर्गत Janaushadhi Suvidha Sanitary Napkin भी उपलब्ध कराया जाता है.
इसकी प्रमुख विशेषताएं.
- प्रति पैड कीमत केवल ₹1
- ऑक्सो-बायोडिग्रेडेबल
- देशभर के जन औषधि केंद्रों पर उपलब्ध
- मार्च 2026 तक 100 करोड़ से अधिक पैड की बिक्री
कौन जन औषधि केंद्र खोल सकता है?
इस योजना के लिए निम्न पात्रता निर्धारित की गई है.
व्यक्तिगत आवेदक
- D.Pharm या B.Pharm की डिग्री हो.
- या योग्य फार्मासिस्ट नियुक्त किया हो.
संस्थाएं और NGO
- योग्य फार्मासिस्ट नियुक्त होना आवश्यक है.
सरकारी अस्पताल परिसर
सरकारी अस्पतालों एवं मेडिकल कॉलेजों में केंद्र खोलने के लिए प्रतिष्ठित NGO एवं चैरिटेबल संस्थाओं को प्राथमिकता दी जाती है, हालांकि व्यक्तिगत आवेदक भी आवेदन कर सकते हैं.
आवेदन कैसे करें?
आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन किया जा सकता है.
आवेदन की प्रक्रिया.
- आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं.
- आवेदन फॉर्म भरें.
- सही श्रेणी का चयन करें क्योंकि बाद में इसमें बदलाव नहीं किया जा सकता.
- सामान्य श्रेणी के लिए ₹5,000 आवेदन शुल्क जमा करें.
- विशेष श्रेणी के आवेदकों को शुल्क में छूट मिलती है.
- आवेदन स्वीकृत होने पर PMBI के साथ संचालन समझौता किया जाता है.
- इसके बाद ड्रग लाइसेंस प्राप्त कर सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करके केंद्र शुरू किया जा सकता है.
आवश्यक दस्तावेज
आवेदन के समय सामान्यतः निम्न दस्तावेजों की आवश्यकता होती है.
- आधार कार्ड
- पैन कार्ड
- फार्मासिस्ट पंजीकरण प्रमाणपत्र
- बैंक स्टेटमेंट (पिछले 6 माह)
- GST संबंधी घोषणा
- SC/ST/दिव्यांग प्रमाणपत्र (यदि लागू हो)
- NGO के लिए Darpan ID
- संस्था का पंजीकरण प्रमाणपत्र
अंतिम स्वीकृति के समय.
- दुकान का लीज एग्रीमेंट या आवंटन पत्र
- ड्रग लाइसेंस
- फार्मासिस्ट का विवरण
- राष्ट्रीयकृत बैंक के तीन चेक
- एक रद्द चेक
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भारत में स्वास्थ्य खर्च का बड़ा हिस्सा दवाओं पर होता है. PM Jan Aushadhi Yojana गुणवत्तापूर्ण जेनेरिक दवाओं को कम कीमत पर उपलब्ध कराकर आम लोगों का आर्थिक बोझ कम करती है. साथ ही, यह योजना फार्मासिस्टों और उद्यमियों को जन औषधि केंद्र खोलकर रोजगार का अवसर भी प्रदान करती है. सस्ती दवा, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा और स्वरोजगार- इन तीनों उद्देश्यों को एक साथ आगे बढ़ाने में यह योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है.
Source: Ministry Of Chemicals And Fertilizers


