Rajasthan Weather Alert: फरवरी की शुरुआत के साथ ही राजस्थान में मौसम ने करवट ले ली है. 2 फरवरी को प्रदेश के कई हिस्सों में सुबह की ठंड और कोहरे के बाद दिन चढ़ते-चढ़ते बादलों की आवाजाही, हल्की बारिश और तेज़ हवाओं का असर देखने को मिला. भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की वजह से हुआ है, जिसका असर खासतौर पर पूर्वी और मध्य राजस्थान में साफ नजर आ रहा है.
सुबह के समय जयपुर, सीकर, झुंझुनूं, अलवर और आसपास के इलाकों में घना कोहरा छाया रहा. कई जगहों पर दृश्यता काफी कम दर्ज की गई, जिससे हाईवे और शहर की सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थमी-थमी रही. मौसम विभाग ने वाहन चालकों को सावधानी से ड्राइव करने की सलाह दी है.
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दिन चढ़ते ही बदला मौसम
सुबह की ठंड के बाद जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ा, आसमान में बादल छाने लगे. दोपहर तक कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, वहीं कुछ जगहों पर मेघगर्जन और तेज़ हवाओं के झोंके भी महसूस किए गए. जयपुर, दौसा, भरतपुर, करौली, सवाई माधोपुर, अजमेर, टोंक, बूंदी, भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़ जैसे जिलों के लिए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है.
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस दौरान हवाओं की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. तेज़ हवाओं और बादलों की वजह से दिन के तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को सर्दी का एहसास दोबारा हुआ.
तापमान में उतार-चढ़ाव
2 फरवरी को राजस्थान में तापमान का मिज़ाज भी बदला-बदला रहा. जयपुर और आसपास के इलाकों में न्यूनतम तापमान 12 से 15 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया, जबकि अधिकतम तापमान 22 से 25 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा. बादलों की मौजूदगी के कारण दोपहर में धूप कमजोर रही, जिससे ठंड का असर बना रहा.
ग्रामीण इलाकों में रात के समय तापमान और नीचे चला गया. कई जगहों पर न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे रिकॉर्ड किया गया, जिससे सुबह और देर रात ठिठुरन महसूस हुई.
किसानों के लिए अहम चेतावनी
मौसम विभाग ने किसानों को भी सतर्क रहने की सलाह दी है. बारिश और तेज़ हवाओं का असर खड़ी फसलों पर पड़ सकता है. कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की भी आशंका जताई गई है, जिससे सरसों, चना और गेहूं की फसलों को नुकसान पहुंच सकता है. किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की अपील की गई है.
पश्चिमी राजस्थान में कैसा रहा हाल?
जहां एक ओर पूर्वी और मध्य राजस्थान में मौसम का असर साफ दिखा, वहीं पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर, जैसलमेर और बीकानेर जैसे इलाकों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क बना रहा. हालांकि यहां भी ठंडी हवाओं ने तापमान को नियंत्रित रखा और सुबह-शाम सर्दी का एहसास बना रहा.
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आगे कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के अनुसार, फरवरी के पहले सप्ताह में राजस्थान में मौसम का यह उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है. आने वाले दिनों में बादलों की आवाजाही, हल्की बारिश और ठंडी हवाओं का सिलसिला कुछ इलाकों में बना रह सकता है. लोगों को सुबह-शाम की ठंड को देखते हुए सावधानी बरतने और मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है.
राजस्थान में 2 फरवरी का दिन कोहरे, बादल, बारिश और हवाओं के बीच बीता. सुबह की ठंड के बाद दिन में बदले मौसम ने लोगों को फरवरी की सर्दी का नया एहसास कराया. मौसम विभाग की चेतावनियों को देखते हुए आम लोगों, यात्रियों और किसानों सभी को सतर्क रहने की जरूरत है.


