Rajasthani Dahi Mirchi: राजस्थान की रसोई अपने तीखे, चटपटे और देसी स्वाद के लिए देशभर में मशहूर है. यहां की हर डिश सिर्फ भूख मिटाने के लिए नहीं, बल्कि स्वाद की एक अनोखी यात्रा का अनुभव कराने के लिए जानी जाती है. ऐसी ही एक खास और पारंपरिक डिश है राजस्थानी दही मिर्ची, जो साधारण हरी मिर्च को बेहद लाजवाब और खास व्यंजन में बदल देती है.
आमतौर पर मिर्च का अचार या तली हुई मिर्च हर घर में बनती है, लेकिन दही मिर्ची इन सबसे अलग है. इसकी सबसे खास बात यह है कि इसमें मिर्च को काटा नहीं जाता, बल्कि दरदरा पीसा जाता है. इससे हर बाइट में मसालों का गहरा स्वाद और हल्का क्रंच महसूस होता है, जो इस डिश को खास बनाता है.
राधिका मारू की वायरल ट्रिक: एक साथ 7 खस्ता गुजिया बनाने का आसान तरीका
ऐसे दें इसे रॉयल टच
दही मिर्ची की सबसे बड़ी खूबी इसका संतुलित स्वाद है. हरी मिर्च का तीखापन और दही की ठंडक व खट्टापन मिलकर एक ऐसा फ्लेवर तैयार करते हैं, जो न ज्यादा तीखा लगता है और न ही फीका. इसके साथ सरसों के तेल की खुशबू और सौंफ की हल्की मिठास इस डिश को एक रॉयल टच देती है, जो पारंपरिक राजस्थानी खाने की पहचान है.
बनाने की विधि
इसे बनाने के लिए सबसे पहले ताजी और कम तीखी हरी मिर्च लें. उन्हें अच्छी तरह धोकर सुखा लें और डंठल हटाकर चॉपर में दरदरा पीस लें. ध्यान रखें कि मिर्च का पेस्ट न बने, बल्कि छोटे टुकड़े रहें. अब कड़ाही में सरसों का तेल गर्म करें. तेल से हल्का धुआं निकलने लगे तो आंच धीमी कर दें और उसमें राई, जीरा, सौंफ और हींग डालें. जब मसाले चटकने लगें, तो दरदरी पिसी मिर्च डालकर मिडियम आंच पर भूनें, जब तक कच्चापन खत्म न हो जाए.
दही फटने न दें
इसके बाद हल्दी, धनिया पाउडर, लाल मिर्च और नमक डालकर अच्छी तरह मिलाएं. फिर आंच धीमी करके फेंटा हुआ दही डालें और लगातार चलाते रहें ताकि दही फटे नहीं. कुछ ही देर में दही और मसाले मिलकर गाढ़ा और क्रीमी टेक्सचर बना लेते हैं. जब तेल किनारों से अलग दिखने लगे, तो दही मिर्ची तैयार है.
बाहर का खाना छोड़ देंगे! घर पर बने ऐसे दम आलू कि सब उंगलियां चाटते रह जाएं
स्टोर करके भी खा सकते हैं
राजस्थानी दही मिर्ची को गरमागरम परांठों, मिस्सी रोटी या दाल-बाटी के साथ परोसा जाता है. यह साधारण दाल-चावल का स्वाद भी बढ़ा देती है. इसे फ्रिज में 3-4 दिन तक स्टोर किया जा सकता है, जिससे यह सफर के दौरान भी काम आती है. अगर दही ज्यादा खट्टा हो, तो उसमें थोड़ा गुड़ या चुटकी भर चीनी मिलाकर स्वाद संतुलित किया जा सकता है.


