UP News: होली पर्व के मद्देनजर उत्तर प्रदेश सरकार ने 28 फरवरी से 9 मार्च 2026 तक अतिरिक्त बसों के संचालन का फैसला किया है. परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने निर्देश दिए हैं कि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो. देश-प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से घर लौटने वाले लोगों की सुविधा के लिए विशेष प्रबंधन सुनिश्चित किया जाएगा.
सरकार ने स्पष्ट किया है कि दिल्ली, गाजियाबाद और पश्चिमी यूपी से यात्रा का दबाव अधिक रहता है, इसलिए इन रूटों पर पहले से अतिरिक्त बसें और कर्मचारी तैनात किए जाएंगे. यदि शुरुआती प्वाइंट से 60 प्रतिशत यात्री लोड मिलता है तो अन्य क्षेत्रों में भी अतिरिक्त बसें चलाई जाएंगी, ताकि भीड़ और लंबी प्रतीक्षा से यात्रियों को राहत मिल सके.
पर्व अवधि में शत-प्रतिशत निगम बसों को ऑनरोड रखने के निर्देश दिए गए हैं. अनुबंधित बसों के कर्मियों को अवकाश नहीं दिया जाएगा और वाहन स्वामियों को समय से मरम्मत कार्य पूरा कर बसें संचालन के लिए उपलब्ध कराने को कहा गया है. इससे यह सुनिश्चित होगा कि किसी भी रूट पर बसों की कमी न हो और संचालन निर्बाध बना रहे.
यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रवर्तन दलों को लगातार ड्यूटी पर रहने के निर्देश दिए गए हैं. चालकों और परिचालकों का ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट किया जाएगा. बसों की तकनीकी जांच, फायर सेफ्टी उपकरण, सीटों और खिड़कियों की स्थिति दुरुस्त रखने तथा बस स्टेशनों पर स्वच्छता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया है.
उत्कृष्ट कार्य करने वाले चालक-परिचालकों को विशेष प्रोत्साहन योजना के तहत 3600 से 4500 रुपये तक की राशि दी जाएगी. प्रतिदिन औसतन 300 किमी संचालन और 10 दिन की पूर्ण ड्यूटी पर निर्धारित मानकों के अनुसार भुगतान होगा. तय सीमा से अधिक किलोमीटर चलाने पर प्रति किमी 55 पैसे अतिरिक्त मानदेय भी दिया जाएगा.
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डिपो और क्षेत्रीय कार्यशालाओं के कर्मचारियों को भी लगातार 9 या 10 दिन ड्यूटी करने पर 1800 से 2100 रुपये तक एकमुश्त प्रोत्साहन राशि मिलेगी. सर्वाधिक आय प्रति बस प्राप्त करने वाले क्षेत्रों के क्षेत्रीय प्रबंधकों, सेवा प्रबंधकों और चयनित डिपो अधिकारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा, जिससे बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरणा मिलेगी.


