Virat Kohli Vrindavan Visit: IPL 2026 का खिताब जीतने के दो दिन बाद भारतीय क्रिकेटर विराट कोहलीअपनी पत्नी अनुष्का शर्मा के साथ मंगलवार सुबह वृंदावन पहुंचे. दोनों ने संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन किए और उनका आशीर्वाद लिया. केली कुंज आश्रम पहुंचने पर वे नंगे पैर अंदर गए और लगभग दो घंटे तक वहां रहे. आश्रम में संत के शिष्यों ने उनका स्वागत किया और दोनों ने शांतिपूर्वक आध्यात्मिक समय बिताया.
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वीडियो और तस्वीरें वायरल
आश्रम से बाहर निकलते समय विराट कोहली के माथे पर चंदन और त्रिपुंड दिखाई दिया, जिसने श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित किया. दोनों ने चेहरे पर मास्क लगाया हुआ था और बिना किसी औपचारिकता के सीधे संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन करने पहुंचे. उनकी यात्रा के कई वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आईं, जिनमें उनकी सादगी और आध्यात्मिक आस्था स्पष्ट रूप से देखने को मिली.
यह यात्रा ऐसे समय हुई जब विराट कोहली की टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने लगातार दूसरी बार इंडियन प्रीमियर लीग का खिताब जीता है. 31 मई को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए फाइनल में आरसीबी ने गुजरात टाइटंस को हराया. विराट ने शानदार अर्धशतक लगाया और प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार भी अपने नाम किया.
विराट और अनुष्का का प्रेमानंद महाराज से यह सातवां मिलन बताया जा रहा है. दोनों पहली बार जनवरी 2023 में महाराज के दर्शन करने पहुंचे थे. पिछले तीन वर्षों में उनका आश्रम से गहरा आध्यात्मिक जुड़ाव बना है. वर्ष 2026 में भी यह उनकी तीसरी यात्रा रही. इससे पहले अप्रैल में अक्षय तृतीया और फरवरी में बेटे अकाय के जन्मदिन के बाद भी वे वृंदावन आए थे.
मई 2025 में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा के बाद भी विराट और अनुष्का प्रेमानंद महाराज से मिलने पहुंचे थे. उस समय महाराज ने उन्हें आनंदित रहने और निरंतर नाम-जप करने का संदेश दिया था. जब अनुष्का ने पूछा कि क्या केवल नाम-स्मरण से सब संभव हो सकता है, तब महाराज ने विश्वासपूर्वक उत्तर दिया था कि ईश्वर का नाम जीवन की सभी बाधाओं को पार कराने में समर्थ है.
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जनवरी 2025 की एक मुलाकात में विराट कोहली ने असफलता और मानसिक दबाव से उबरने का मार्ग पूछा था. इस पर प्रेमानंद महाराज ने उन्हें निरंतर अभ्यास, धैर्य और भगवान के स्मरण का महत्व समझाया. उन्होंने कहा कि क्रिकेट विराट के लिए केवल खेल नहीं बल्कि साधना है. कठिन समय में लगातार प्रयास और सकारात्मक विश्वास ही व्यक्ति को सफलता तक पहुंचाने की सबसे बड़ी शक्ति बनते हैं.


