Weather Update 28 June 2026: देशभर में मौसम के अलग-अलग रंग देखने को मिल रहे हैं. एक ओर दक्षिण-पश्चिम मानसून लगातार सक्रिय बना हुआ है, जिससे पूर्वोत्तर भारत, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, कोंकण, गोवा, छत्तीसगढ़, ओडिशा और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. वहीं दूसरी ओर उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में आज भी उष्ण लहर से लेकर भीषण उष्ण लहर का असर बना रह सकता है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के नवीनतम पूर्वानुमान के अनुसार आगामी सप्ताह में देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून की गतिविधियां तेज रहेंगी, जबकि उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में भी धीरे-धीरे बारिश का दायरा बढ़ेगा.
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पूर्वोत्तर भारत में अत्यधिक बारिश का बड़ा अलर्ट
IMD के अनुसार इस सप्ताह पूर्वोत्तर भारत तथा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में व्यापक स्तर पर बारिश होने की संभावना है. कई स्थानों पर 7 से 20 सेंटीमीटर तक भारी से बहुत भारी वर्षा दर्ज हो सकती है.
सबसे अधिक चिंता की स्थिति 27 से 29 जून के बीच उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बनी हुई है, जहां कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी वर्षा होने का पूर्वानुमान है. इसके अलावा 28 जून 2026 को असम और मेघालय में भी कहीं-कहीं अत्यंत भारी बारिश की संभावना जताई गई है. लगातार बारिश के कारण भूस्खलन, जलभराव और नदियों के जलस्तर में वृद्धि की आशंका बनी हुई है.
उत्तर प्रदेश में आज भी भीषण गर्मी का असर
बारिश की गतिविधियां बढ़ने के बावजूद उत्तर प्रदेश में अगले दो दिनों तक गर्मी से राहत पूरी तरह नहीं मिलेगी. IMD के अनुसार पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में उष्ण लहर से लेकर भीषण उष्ण लहर की स्थिति बनी रह सकती है.
27 और 28 जून के दौरान पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में गंभीर हीटवेव का प्रभाव रहने की संभावना है. लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी गई है.
उत्तर-पश्चिम भारत में कब बढ़ेगी बारिश
उत्तर-पश्चिम भारत में मानसून धीरे-धीरे सक्रिय होता दिखाई देगा.
- जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तराखंड में 27 से 29 जून के दौरान छिटपुट से हल्की बारिश की संभावना है.
- 30 जून से 3 जुलाई के बीच इन क्षेत्रों में बारिश की तीव्रता बढ़ सकती है.
- हिमाचल प्रदेश में 27 जून से 3 जुलाई तक अलग-अलग दिनों में वर्षा जारी रहने का अनुमान है.
- हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब में 27 जून से 2 जुलाई तक हल्की से मध्यम बारिश के दौर आ सकते हैं, जबकि 3 जुलाई को कई स्थानों पर व्यापक वर्षा संभव है.
- पश्चिम उत्तर प्रदेश में 29 जून से और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 27 जून से बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है.
- पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में भी 27 जून से 3 जुलाई के बीच वर्षा के कई दौर देखने को मिल सकते हैं.
इन क्षेत्रों में कई स्थानों पर गरज-चमक, बिजली गिरने तथा 40 से 60 किमी प्रति घंटा तक की तेज हवाएं चलने की भी संभावना है.
मध्य भारत में सक्रिय रहेगा मानसून
मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में अगले कुछ दिनों तक मानसून सक्रिय बना रहेगा.
- पश्चिम मध्य प्रदेश में 27 जून से 3 जुलाई तक बारिश की संभावना है.
- पूर्वी मध्य प्रदेश में 1 जुलाई तक तथा फिर 2 और 3 जुलाई को व्यापक वर्षा हो सकती है.
- विदर्भ में 28 जून से 3 जुलाई तक अच्छी बारिश होने का अनुमान है.
- छत्तीसगढ़ में पूरे सप्ताह व्यापक वर्षा जारी रह सकती है.
इन क्षेत्रों में गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 60 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. पश्चिम और पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ तथा छत्तीसगढ़ में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का भी अलर्ट जारी किया गया है.
पूर्वी भारत में भारी बारिश और तेज आंधी की संभावना
पूर्वी भारत में भी मानसून मजबूत बना रहेगा.
- गंगीय पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड और बिहार में 28 जून से बारिश का दायरा तेजी से बढ़ेगा.
- बिहार में 29 जून से 1 जुलाई के बीच व्यापक वर्षा होने की संभावना है.
- ओडिशा और झारखंड में कई स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज हो सकती है.
- उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 27 से 29 जून तक भारी से बहुत भारी तथा कहीं-कहीं अत्यंत भारी वर्षा संभव है.
इस पूरे क्षेत्र में गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 60 किमी प्रति घंटा तक की तेज हवाएं चल सकती हैं. अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में 28 जून से 1 जुलाई के दौरान 50 से 70 किमी प्रति घंटा तक की तेज आंधी की भी संभावना जताई गई है.
पूर्वोत्तर राज्यों में लगातार बारिश जारी रहेगी
अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में पूरे सप्ताह व्यापक वर्षा का दौर जारी रहने की संभावना है.
- अरुणाचल प्रदेश में 27 से 29 जून के दौरान बहुत भारी बारिश हो सकती है.
- असम और मेघालय में 28 जून को अत्यंत भारी वर्षा की संभावना है.
- नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी कई स्थानों पर भारी बारिश जारी रह सकती है.
इन क्षेत्रों में स्थानीय बाढ़, भूस्खलन और परिवहन प्रभावित होने का जोखिम बना रहेगा.
पश्चिम भारत में कोंकण-गोवा और गुजरात पर नजर
पश्चिम भारत में मानसून सक्रिय रहेगा.
- कोंकण और गोवा में 27 जून से 3 जुलाई तक व्यापक वर्षा जारी रहने का अनुमान है.
- मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और गुजरात क्षेत्र में भी अलग-अलग दिनों में अच्छी बारिश हो सकती है.
- गुजरात क्षेत्र में 2 और 3 जुलाई को भारी वर्षा की संभावना है.
कोंकण, गोवा और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में गरज-चमक तथा तेज हवाओं का भी पूर्वानुमान है.
दक्षिण भारत में भी बारिश का मजबूत दौर
दक्षिण भारत के अधिकांश राज्यों में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा.
- केरल, माहे, तटीय कर्नाटक, तेलंगाना और लक्षद्वीप में कई स्थानों पर व्यापक वर्षा होगी.
- तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, रायलसीमा और तटीय आंध्र प्रदेश में भी अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है.
- केरल और माहे में 28 और 29 जून को कहीं-कहीं बहुत भारी वर्षा हो सकती है.
इन क्षेत्रों में गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 60 किमी प्रति घंटा तक की तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है.
तापमान में कब मिलेगी राहत
IMD के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत में 30 जून तक अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा. इसके बाद 3 जुलाई तक तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है.
मध्य भारत में 30 जून तक तापमान लगभग स्थिर रहेगा और उसके बाद 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की कमी आने की संभावना है.
पूर्वी भारत में 29 जून से 1 जुलाई के बीच अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट हो सकती है.
लोगों के लिए जरूरी सलाह
जहां भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, वहां निचले इलाकों, नदी किनारे और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोग स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करें. गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें.
उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में हीटवेव प्रभावित इलाकों के लोगों को दोपहर में धूप से बचने, पर्याप्त पानी पीने और बुजुर्गों, बच्चों तथा बीमार लोगों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है.
28 जून 2026, रविवार का मौसम देशभर में दो अलग-अलग तस्वीरें पेश कर रहा है. पूर्वोत्तर भारत, पूर्वी भारत, पश्चिमी तट और दक्षिण भारत में मानसून पूरी ताकत के साथ सक्रिय रहेगा, जहां कई स्थानों पर भारी से अत्यंत भारी बारिश का खतरा बना हुआ है. दूसरी ओर उत्तर प्रदेश समेत कुछ उत्तर भारतीय राज्यों में अभी भी भीषण गर्मी और लू की स्थिति बनी रहेगी. आने वाले दिनों में मानसून उत्तर-पश्चिम भारत में और मजबूत होगा, जिससे जुलाई की शुरुआत में कई राज्यों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है.
स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department – IMD), राष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमान एवं चेतावनी बुलेटिन, जारी दिनांक 27 जून 2026.
FAQs
1. 28 जून 2026 को सबसे ज्यादा भारी बारिश का अलर्ट किन राज्यों में है?
28 जून 2026 को असम और मेघालय में कहीं-कहीं अत्यंत भारी बारिश की संभावना है. इसके अलावा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, ओडिशा, केरल, कोंकण-गोवा और कई अन्य राज्यों में भी भारी से बहुत भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है.
2. क्या उत्तर प्रदेश में अभी भी हीटवेव का खतरा बना हुआ है?
हां. IMD के अनुसार पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अगले दो दिनों तक उष्ण लहर से लेकर भीषण उष्ण लहर की स्थिति बनी रह सकती है. लोगों को दोपहर में धूप से बचने की सलाह दी गई है.
3. किन राज्यों में गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है?
उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, तेलंगाना सहित देश के कई राज्यों में गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 60 किमी प्रति घंटे तक की तेज हवाएं चल सकती हैं.
4. तापमान में राहत कब मिलने की उम्मीद है?
IMD के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत में 30 जून के बाद तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है. वहीं मध्य और पूर्वी भारत में भी जुलाई की शुरुआत तक तापमान में कमी आने की संभावना है.


