Weather Update 22 June 2026: देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम का स्वरूप लगातार बदल रहा है. एक तरफ दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ने की स्थिति में है, वहीं दूसरी ओर कई राज्यों में भीषण गर्मी और लू का असर अभी भी बना हुआ है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 22 जून 2026, सोमवार से लेकर अगले कुछ दिनों तक देश के अलग-अलग क्षेत्रों में भारी बारिश, तेज आंधी, बिजली गिरने, धूल भरी आंधी और लू जैसी मौसमीय घटनाएं देखने को मिल सकती हैं.
मौसम विभाग के अनुसार 23 जून के आसपास दक्षिण-पश्चिम मानसून महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार तथा छत्तीसगढ़ के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ सकता है. इसके लिए अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं.
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पूर्वोत्तर भारत में अत्यधिक बारिश का बड़ा अलर्ट
पूर्वोत्तर भारत अगले कुछ दिनों तक सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में शामिल रहेगा. मौसम विभाग ने 25 जून तक अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में व्यापक वर्षा की संभावना जताई है.
22 जून तक उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बहुत भारी से अत्यंत भारी वर्षा होने का अनुमान है. अरुणाचल प्रदेश में 22 से 24 जून के बीच तथा असम और मेघालय में 23 से 25 जून के दौरान बहुत भारी बारिश हो सकती है. लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, भूस्खलन और यातायात प्रभावित होने की आशंका बनी रहेगी.
बिहार, झारखंड और ओडिशा में बारिश और आंधी दोनों का असर
पूर्वी भारत में मानसूनी गतिविधियां धीरे-धीरे मजबूत हो रही हैं. बिहार, झारखंड और ओडिशा में 21 से 27 जून के बीच रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है.
बिहार में 21-22 जून तथा 25-27 जून के दौरान कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है. वहीं झारखंड और ओडिशा में 21-22 जून के दौरान 50 से 70 किमी प्रति घंटा तक की रफ्तार वाली तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान की संभावना जताई गई है. बिजली गिरने की घटनाओं का जोखिम भी बना रहेगा.
उत्तर भारत में बारिश, आंधी और धूल भरी आंधी का मिश्रित असर
उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम का मिजाज पूरी तरह एक जैसा नहीं रहेगा. जम्मू-कश्मीर में 22 जून तक व्यापक वर्षा की संभावना है. हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 27 जून तक कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है.
हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में 24 जून तक गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है.
राजस्थान के लिए विशेष चेतावनी जारी की गई है. 22 जून को पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में धूल भरी आंधी चल सकती है. इसी दौरान 60 से 80 किमी प्रति घंटा तक की रफ्तार वाली तेज हवाओं के साथ थंडरस्क्वॉल की स्थिति बनने की संभावना है. इससे दृश्यता कम हो सकती है और यातायात प्रभावित हो सकता है.
मध्य भारत में लू और गरज-चमक दोनों सक्रिय
मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में मौसम दोहरे स्वरूप में नजर आएगा. एक तरफ कई इलाकों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश हो सकती है, वहीं दूसरी तरफ गर्मी का असर भी बना रहेगा.
पूर्वी मध्य प्रदेश में 25 जून तक और विदर्भ में 25 जून तक लू चलने की संभावना है. विदर्भ के कुछ इलाकों में 24 जून तक भीषण लू की स्थिति भी बनी रह सकती है.
छत्तीसगढ़ में 23 जून तक लू चलने के साथ-साथ 22 से 25 जून के बीच गरज-चमक और तेज हवाओं की गतिविधियां भी देखने को मिल सकती हैं.
पूर्वी उत्तर प्रदेश में जारी रहेगा गर्मी का प्रकोप
पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोगों को अभी गर्मी से राहत मिलने के संकेत नहीं हैं. मौसम विभाग के अनुसार 24 जून तक कई स्थानों पर लू की स्थिति बनी रह सकती है. कुछ क्षेत्रों में तापमान सामान्य से ऊपर बना रहेगा.
हालांकि 25 जून के बाद पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे तापमान में कुछ गिरावट आने की संभावना है.
दक्षिण भारत में बारिश और तेज हवाओं का दौर
दक्षिण भारत के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी. तेलंगाना में 22 से 27 जून तक कई स्थानों पर वर्षा होने का अनुमान है. इसके साथ ही 40 से 60 किमी प्रति घंटा की रफ्तार वाली तेज हवाएं और बिजली चमकने की घटनाएं भी हो सकती हैं.
तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और तेलंगाना में अगले 24 घंटों के दौरान मध्यम से गंभीर आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की गई है. कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 70 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है.
केरल, माहे, तटीय कर्नाटक, तमिलनाडु और लक्षद्वीप में भी कई स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है. तटीय कर्नाटक में 24 जून तक तथा केरल में 23 जून और फिर 25 से 27 जून के बीच भारी वर्षा का दौर देखने को मिल सकता है.
पश्चिम भारत में मानसून की दस्तक होगी मजबूत
कोंकण और गोवा क्षेत्र में 23 जून से बारिश की गतिविधियां और अधिक सक्रिय हो सकती हैं. मौसम विभाग ने 22 से 27 जून के बीच कोंकण और गोवा में भारी बारिश की संभावना जताई है.
मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और गुजरात क्षेत्र में भी गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है. मध्य महाराष्ट्र में 23 जून को कहीं-कहीं भारी वर्षा का पूर्वानुमान है.
लू से प्रभावित राज्य
मौसम विभाग के अनुसार निम्न क्षेत्रों में लू का प्रभाव बना रहेगा-
- विदर्भ: 21 से 25 जून, कुछ स्थानों पर भीषण लू
- पूर्वी मध्य प्रदेश: 21 से 25 जून
- पूर्वी उत्तर प्रदेश: 21 से 24 जून
- छत्तीसगढ़: 21 से 23 जून
- तेलंगाना: 21 से 22 जून
- मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा: 21 जून
विदर्भ में 23 जून तक गर्म रातों की स्थिति भी बनी रह सकती है, जिससे लोगों को रात में भी राहत नहीं मिलेगी.
तापमान को लेकर क्या है अनुमान
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत में 22 जून तक अधिकतम तापमान में लगभग 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आ सकती है. इसके बाद अगले तीन दिनों में तापमान 2 से 3 डिग्री तक बढ़ सकता है.
महाराष्ट्र में भी अगले कुछ दिनों के दौरान तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की कमी आने की संभावना है. देश के अधिकांश अन्य हिस्सों में 27 जून तक तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है.
लोगों के लिए सलाह
भारी बारिश वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोग मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखें. नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें. आंधी-तूफान के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें. लू प्रभावित क्षेत्रों में पर्याप्त पानी पीते रहें और दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें.
Source: यह मौसम पूर्वानुमान भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी 21 जून 2026 के आधिकारिक मौसम बुलेटिन और चेतावनी पर आधारित है.
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FAQ
1. 23 जून 2026 के आसपास मानसून किन राज्यों में आगे बढ़ सकता है?
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार 23 जून 2026 के आसपास दक्षिण-पश्चिम मानसून महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ सकता है. इसके लिए मौसमीय परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं.
2. सबसे ज्यादा भारी बारिश का अलर्ट किन क्षेत्रों के लिए जारी किया गया है?
22 जून तक उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बहुत भारी से अत्यंत भारी वर्षा की संभावना है. वहीं 25 जून तक अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है.
3. किन राज्यों में लू और भीषण लू की स्थिति बनी रहेगी?
विदर्भ, पूर्वी मध्य प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश में अगले 4-5 दिनों तक लू से लेकर भीषण लू की स्थिति रहने की संभावना है. इसके अलावा छत्तीसगढ़ में अगले 3 दिनों तक तथा तेलंगाना में अगले 2 दिनों तक लू चल सकती है.
4. 22 जून को आंधी-तूफान और तेज हवाओं का सबसे अधिक खतरा कहां है?
राजस्थान, पूर्वी भारत, छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और तेलंगाना में गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 60 किमी प्रति घंटा की रफ्तार वाली तेज हवाओं का खतरा बना हुआ है. राजस्थान में 22 जून को धूल भरी आंधी और 60 से 80 किमी प्रति घंटा तक की रफ्तार वाले थंडरस्क्वॉल की भी संभावना है.


