Railway Projects in West Bengal: पश्चिम बंगाल में नई सरकार बनने के बाद रेलवे और आधारभूत ढांचे के विकास को लेकर बड़े ऐलान शुरू हो गए हैं. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को घोषणा की कि दिल्ली से सिलीगुड़ी के बीच एक हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन कॉरिडोर प्रस्तावित है, जो लखनऊ, वाराणसी और पटना होते हुए चलेगा. इस परियोजना के पूरा होने पर दिल्ली से सिलीगुड़ी की यात्रा महज छह घंटे में पूरी की जा सकेगी.
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नबान्न सचिवालय में पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ बैठक के बाद वैष्णव ने कहा कि यह परियोजना बंगाल के विकास और देश के पूर्वी हिस्से की बेहतर कनेक्टिविटी के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी. उन्होंने यह भी घोषणा की कि अगले पांच वर्षों में कोलकाता मेट्रो के लिए नई पीढ़ी की 60 आधुनिक ट्रेनें शुरू की जाएंगी.
रेल मंत्री ने बताया कि कोलकाता मेट्रो नेटवर्क का केवल 28 किलोमीटर हिस्सा 42 वर्षों में बन पाया था, जबकि वर्ष 2014 के बाद 45 किलोमीटर नई मेट्रो लाइनें जोड़ी गई हैं. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार कोलकाता मेट्रो के व्यापक आधुनिकीकरण के लिए प्रतिबद्ध है.
इस दौरान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि आने वाले वर्षों में पश्चिम बंगाल में लगभग एक लाख करोड़ रुपये की रेलवे परियोजनाएं लागू की जाएंगी. उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि रेलवे परियोजनाओं के लिए आवश्यक भूमि हस्तांतरण की समयबद्ध योजना तैयार की जाए, ताकि विकास कार्यों में कोई देरी न हो.
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के प्रत्येक जिले को रेलवे नेटवर्क से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है. उनके अनुसार इन परियोजनाओं से न केवल यातायात व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा.
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्य सरकार की पहल का स्वागत करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य के बीच बेहतर समन्वय से भूमि अधिग्रहण तथा अन्य स्वीकृतियों से जुड़ी बाधाएं दूर होंगी और रेलवे परियोजनाओं को तेजी से पूरा किया जा सकेगा. बैठक में पश्चिम बंगाल में चल रही रेलवे परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई और लंबित मामलों को शीघ्र निपटाने पर भी चर्चा हुई.
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बुलेट ट्रेन कॉरिडोर, मेट्रो विस्तार और नई रेलवे परियोजनाओं को राज्य के बुनियादी ढांचे में बड़ा बदलाव लाने वाला कदम माना जा रहा है.


