रायपुर, 8 अगस्त 2026. प्रदेश में शिक्षकों के लंबे समय से प्रतीक्षित स्थानांतरण को लेकर शिक्षा विभाग ने आखिरकार आदेश जारी कर दिए हैं. विभागीय स्तर पर कई चरणों में सूची की समीक्षा और परीक्षण के बाद अंतिम रूप से स्वीकृत शिक्षकों के स्थानांतरण आदेश जारी किए गए हैं. करीब 700 शिक्षकों का ट्रांसफर किया गया है, जबकि विभिन्न कारणों से करीब 400 नाम अंतिम सूची से बाहर कर दिए गए.
स्थानांतरण प्रक्रिया के तहत पहले तैयार की गई प्रारंभिक सूची में करीब 1,600 शिक्षकों के नाम शामिल थे. इसके बाद विभागीय स्तर पर सूची की समीक्षा की गई. समन्वय के बाद संख्या कम करने के निर्देश दिए गए और करीब 1,000 शिक्षकों की संशोधित सूची तैयार की गई. अंतिम परीक्षण के दौरान निर्धारित मापदंडों के अनुरूप नहीं पाए गए करीब 400 नामों को सूची से बाहर कर दिया गया. इसके बाद शेष शिक्षकों के स्थानांतरण आदेश जारी किए गए हैं.
कई चरणों में हुई शिक्षकों की सूची की जांच
शिक्षकों के स्थानांतरण के लिए प्राप्त आवेदनों और विभिन्न स्तरों से मिली अनुशंसाओं के आधार पर प्रस्ताव तैयार किए गए थे. इसके बाद विभागीय स्तर पर प्रत्येक प्रकरण का परीक्षण किया गया.
प्रारंभिक सूची में बड़ी संख्या में शिक्षकों के नाम शामिल किए गए थे. बाद में सूची की समीक्षा करते हुए आवश्यकतानुसार इसमें कमी की गई. संशोधित सूची तैयार होने के बाद भी सभी मामलों की दोबारा जांच की गई. अंतिम परीक्षण में करीब 400 ऐसे नाम सामने आए, जिन्हें निर्धारित मापदंडों के अनुरूप नहीं पाए जाने के कारण स्थानांतरण सूची में शामिल नहीं किया गया.
इस पूरी प्रक्रिया के बाद अंतिम रूप से स्वीकृत शिक्षकों की सूची तैयार की गई और उनके स्थानांतरण आदेश जारी कर दिए गए.
इन शिक्षकों का नहीं हुआ स्थानांतरण
शिक्षा विभाग ने स्थानांतरण प्रक्रिया में विद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था और विद्यार्थियों के हित को प्राथमिकता दी है. इसी आधार पर कुछ श्रेणियों के शिक्षकों के मामलों को अंतिम सूची में शामिल नहीं किया गया.
युक्तियुक्तकरण से प्रभावित शिक्षकों के मामलों का परीक्षण किया गया. इसके अलावा एकल शिक्षकीय विद्यालयों में पदस्थ शिक्षकों को भी स्थानांतरण सूची में शामिल नहीं किया गया. ऐसे शिक्षक जिनके स्थानांतरण के बाद संबंधित विद्यालय शिक्षकविहीन हो सकता था, उनके मामलों पर भी विचार किया गया.
अधिसूचित क्षेत्र से गैर-अधिसूचित क्षेत्र में स्थानांतरण के प्रकरणों को भी परीक्षण के बाद अंतिम सूची से बाहर रखा गया. वहीं अधिक छात्र संख्या वाले विद्यालयों में पदस्थ शिक्षकों के मामलों को भी विभाग ने अलग से देखा.
विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, विभाग ने रखा ध्यान
शिक्षा विभाग का स्पष्ट रुख रहा कि किसी शिक्षक के स्थानांतरण के कारण विद्यालय में शिक्षकों की कमी नहीं होनी चाहिए. साथ ही विद्यार्थियों की पढ़ाई पर भी इसका प्रतिकूल असर नहीं पड़ना चाहिए.
इसी वजह से स्थानांतरण के लिए प्राप्त प्रत्येक प्रकरण का विभागीय स्तर पर परीक्षण किया गया. जिन मामलों में शिक्षक के स्थानांतरण से विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित होने की संभावना थी, उन्हें अंतिम सूची में शामिल नहीं किया गया.
विशेष रूप से एकल शिक्षकीय विद्यालयों और ऐसे विद्यालयों पर ध्यान दिया गया, जहां किसी शिक्षक के हटने के बाद शिक्षकों की उपलब्धता प्रभावित हो सकती थी.
1,600 नामों से शुरू हुई थी प्रक्रिया
शिक्षकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया में प्रारंभिक स्तर पर करीब 1,600 शिक्षकों के नाम वाली सूची तैयार की गई थी. इसके बाद सूची को लेकर विभागीय स्तर पर समीक्षा की गई और संख्या कम करने के निर्देश दिए गए.
समीक्षा के बाद करीब 1,000 शिक्षकों की संशोधित सूची तैयार हुई. इसके बाद अंतिम परीक्षण में करीब 400 नाम निर्धारित मापदंडों के अनुरूप नहीं पाए गए. इन नामों को अंतिम सूची से बाहर कर दिया गया.
इस प्रक्रिया के बाद शेष करीब 700 शिक्षकों के स्थानांतरण आदेश जारी किए गए हैं.
अनुशंसा और आवेदनों के आधार पर तैयार हुए थे प्रस्ताव
स्थानांतरण के लिए शिक्षकों की ओर से प्राप्त आवेदनों के साथ-साथ विभिन्न स्तरों से प्राप्त अनुशंसाओं के आधार पर प्रस्ताव तैयार किए गए थे. विभागीय स्तर पर इन प्रस्तावों की जांच की गई.
प्रारंभिक सूची से लेकर अंतिम सूची तैयार होने तक कई स्तरों पर मामलों का परीक्षण किया गया. इस दौरान शिक्षकों की पदस्थापना, विद्यालय की स्थिति और विद्यार्थियों की पढ़ाई से जुड़े पहलुओं को ध्यान में रखा गया.
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करीब 400 नामों को हटाए जाने के बाद अब अंतिम रूप से स्वीकृत शिक्षकों के स्थानांतरण आदेश जारी कर दिए गए हैं. इसके साथ ही प्रदेश में शिक्षकों के स्थानांतरण को लेकर लंबे समय से चल रहा इंतजार समाप्त हो गया है.


