Noida News: उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देने के लिए ‘नया नोएडा’ शहर बसाने की तैयारी तेज हो गई है. नोएडा प्राधिकरण ने इस शहर को दुनिया के सबसे आधुनिक शहरों में शामिल करने का खाका तैयार किया है. इसे आबू धाबी और शिकागो जैसे अंतरराष्ट्रीय शहरों की तर्ज पर विकसित करने की योजना बनाई जा रही है, जहां औद्योगिक विकास और लग्जरी लाइफस्टाइल का अनोखा संगम देखने को मिलेगा.
80 गांवों की जमीन पर बसेगा नया शहर
यह नया शहर दादरी-नोएडा-गाजियाबाद विशेष निवेश क्षेत्र (DNGIR) के तहत विकसित होगा. सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में यह क्षेत्र एक बड़े औद्योगिक और आवासीय हब के रूप में उभरे, जहां हजारों उद्योग स्थापित हों और लाखों लोगों को आधुनिक सुविधाएं मिलें. मास्टर प्लान-2041 के अनुसार ‘नया नोएडा’ में करीब 3000 नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित की जाएंगी. इससे क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश आएगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे. अनुमान है कि इस शहर की कुल आबादी लगभग 6 लाख होगी, जिसमें करीब 3.5 लाख प्रवासी लोग शामिल होंगे.
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इतनी बड़ी आबादी की जरूरतों को देखते हुए शहर में रोजाना 300 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) पानी की आपूर्ति की योजना बनाई गई है, जिसमें से 85 एमएलडी पानी घरेलू उपयोग के लिए उपलब्ध कराया जाएगा. यह ड्रीम सिटी बुलंदशहर और दादरी क्षेत्र के करीब 80 गांवों की जमीन पर बसाई जाएगी. जमीन अधिग्रहण के लिए लैंड पूलिंग मॉडल अपनाया जाएगा ताकि किसानों को भी इस परियोजना का लाभ मिल सके.
परियोजना में पर्यावरण संरक्षण पर भी खास ध्यान दिया गया है. शहर में 58.96 हेक्टेयर क्षेत्र में झीलें और 91.75 हेक्टेयर क्षेत्र में नहरें विकसित की जाएंगी. इससे न केवल शहर की सुंदरता बढ़ेगी बल्कि भूजल स्तर सुधारने और वेटलैंड संरक्षण में भी मदद मिलेगी. उद्योगों से निकलने वाले दूषित पानी के शोधन के लिए अत्याधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) लगाए जाएंगे.
मास्टर प्लान-2041 के मुताबिक
DNGIR का कुल क्षेत्रफल करीब 21 हजार हेक्टेयर होगा. इसमें लगभग 8811 हेक्टेयर क्षेत्र औद्योगिक गतिविधियों के लिए आरक्षित रहेगा, जबकि 2 हजार हेक्टेयर से अधिक जमीन आवासीय विकास के लिए तय की गई है. आवासीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए यहां EWS, LIG, MIG और HIG श्रेणियों में टाइप-1, टाइप-2 और टाइप-3 फ्लैट बनाए जाएंगे. आवासीय विकास के लिए करीब 2,477 हेक्टेयर भूमि आरक्षित की गई है.
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सरकार का मानना है कि ‘नया नोएडा’ आने वाले समय में उत्तर प्रदेश का प्रमुख औद्योगिक और आवासीय केंद्र बन सकता है. आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, उद्योगों की मौजूदगी और बेहतर सुविधाओं के कारण यह क्षेत्र निवेश और रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा.


