Women Bone Health: महिलाओं की सेहत के लिए मजबूत हड्डियां बेहद जरूरी होती हैं, लेकिन अक्सर देखा जाता है कि महिलाओं में हड्डियों से जुड़ी समस्याएं ज्यादा होती हैं. डॉक्टर और हेल्थ एक्सपर्ट्स महिलाओं को खासतौर पर कैल्शियम से भरपूर चीजों का सेवन करने की सलाह देते हैं, क्योंकि यह हड्डियों को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाता है. उम्र बढ़ने के साथ, खासकर मेनोपॉज के बाद महिलाओं में ऑस्टियोपोरोसिस जैसी गंभीर बीमारी का खतरा काफी बढ़ जाता है. अगर शरीर को पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम नहीं मिलता, तो शरीर हड्डियों से ही कैल्शियम खींचने लगता है. इससे हड्डियां कमजोर होकर अंदर से खोखली होने लगती हैं. इसलिए हड्डियों की बोन डेंसिटी को बनाए रखने के लिए सिर्फ दवाओं पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है, बल्कि रोजमर्रा की डाइट में सही और पौष्टिक खाद्य पदार्थों को शामिल करना भी बेहद जरूरी है.
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ब्रिटेन की नेशनल हेल्थ सर्विस (NHS) की रिपोर्ट के अनुसार दूध, दही, पनीर और अन्य डेयरी प्रोडक्ट्स कैल्शियम के सबसे अच्छे स्रोत माने जाते हैं. खासकर शाकाहारी लोगों के लिए ये चीजें कैल्शियम की कमी पूरी करने का आसान और प्रभावी तरीका हैं. अगर महिलाएं रोजाना एक से दो गिलास दूध का सेवन करें, तो इससे शरीर में कैल्शियम की कमी को काफी हद तक पूरा किया जा सकता है. डेयरी प्रोडक्ट्स में मौजूद लैक्टोज और विटामिन D शरीर में कैल्शियम के अवशोषण को बेहतर बनाने में मदद करते हैं. मेनोपॉज के बाद महिलाओं के लिए लो-फैट डेयरी प्रोडक्ट्स का सेवन करना ज्यादा फायदेमंद माना जाता है, क्योंकि इससे हड्डियों को मजबूती मिलती है और वजन बढ़ने का खतरा भी कम रहता है. इसलिए महिलाओं को अपनी डाइट में रोजाना दूध, दही या पनीर जरूर शामिल करना चाहिए.
अक्सर लोग कैल्शियम के लिए पालक का सेवन करते हैं, लेकिन यह जानना जरूरी है कि पालक में कैल्शियम होने के बावजूद शरीर उसे पूरी तरह से अवशोषित नहीं कर पाता. इसके मुकाबले केल और भिंडी जैसी सब्जियां कैल्शियम का बेहतर स्रोत मानी जाती हैं. ये सब्जियां न केवल हड्डियों को मजबूत बनाती हैं, बल्कि इनमें मौजूद फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर की ओवरऑल हेल्थ को भी बेहतर बनाते हैं. हरी पत्तेदार सब्जियां पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने के साथ-साथ शरीर को जरूरी पोषण भी प्रदान करती हैं.
जो महिलाएं लैक्टोज इनटोलरेंट हैं या दूध का सेवन नहीं करना चाहतीं, उनके लिए कैल्शियम-फोर्टिफाइड सोया ड्रिंक्स एक अच्छा विकल्प हो सकता है. इसके अलावा बाजार में मिलने वाला फोर्टिफाइड आटा और उससे बनी ब्रेड भी कैल्शियम का अच्छा स्रोत होती हैं. अगर महिलाएं अपनी डाइट में इन फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थों को शामिल करती हैं, तो इससे शरीर को जरूरी पोषण मिलता है और हड्डियों को मजबूती मिलती है. इससे जोड़ों के दर्द जैसी समस्याओं में भी राहत मिल सकती है.
दालें और फलियां भी कैल्शियम की जरूरत को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं. इसके अलावा अनाज से बनी ब्रेड और फोर्टिफाइड आटे से तैयार व्यंजन भी शरीर को पर्याप्त कैल्शियम देने में मदद करते हैं. वहीं जो महिलाएं नॉनवेज खाती हैं, वे सार्डिन और पिलचार्ड्स जैसी मछलियों का सेवन कर सकती हैं. इन मछलियों में कैल्शियम की अच्छी मात्रा होती है. इनकी खास बात यह है कि इन्हें उनकी नरम हड्डियों के साथ खाया जाता है, जिससे शरीर को कैल्शियम के साथ-साथ ओमेगा-3 फैटी एसिड भी मिलता है, जो हड्डियों और दिल दोनों के लिए फायदेमंद होता है.
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अक्सर लोग हड्डियों की मजबूती के लिए केवल कैल्शियम पर ध्यान देते हैं, लेकिन विटामिन D भी उतना ही जरूरी है. अगर शरीर में विटामिन D की कमी होती है, तो भोजन से मिलने वाला कैल्शियम भी हड्डियों तक सही तरीके से नहीं पहुंच पाता. इसलिए रोजाना कुछ समय सुबह की धूप में बिताना फायदेमंद होता है. इसके अलावा ज्यादा नमक और कैफीन का सेवन कम करना चाहिए, क्योंकि ये शरीर से कैल्शियम को बाहर निकाल सकते हैं. अगर किसी महिला को बार-बार मांसपेशियों में खिंचाव, कमजोरी या जोड़ों में दर्द महसूस हो, तो उसे डॉक्टर से सलाह लेकर कैल्शियम प्रोफाइल टेस्ट जरूर करवाना चाहिए.


