लखनऊ: उत्तर प्रदेश में होने वाले पंचायत चुनाव 2026 को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है. चुनाव में इस्तेमाल होने वाले मतपत्रों (Ballot Papers) के रंग तय कर दिए गए हैं. अलग-अलग पदों के लिए अलग रंग की मतपर्ची का इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि मतदान के दौरान भ्रम की स्थिति न बने.
कौन सा रंग किसके लिए होगा?
जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत प्रधान के लिए हरे रंग का मतपत्र होगा. वहीं ग्राम पंचायत सदस्य के लिए सफेद रंग की मतपर्ची दी जाएगी. इसके अलावा बीडीसी (क्षेत्र पंचायत सदस्य) के लिए नीले रंग का मतपत्र और जिला पंचायत सदस्य के लिए गुलाबी रंग की मतपर्ची का इस्तेमाल किया जाएगा.
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सरकार का बड़ा दावा
पंचायती राज विभाग के मुताबिक मतपत्रों की छपाई पूरी कर ली गई है और इन्हें सभी जिला मुख्यालयों तक भेजा जा चुका है. सरकार का कहना है कि जैसे ही चुनाव की अधिसूचना जारी होगी, मतदान प्रक्रिया शुरू करा दी जाएगी.
पंचायती राज मंत्री के मुताबिक
पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि पंचायत चुनाव समय पर कराने की तैयारी पूरी है। हालांकि बोर्ड परीक्षाओं, जनगणना और SIR प्रक्रिया की वजह से चुनाव कार्यक्रम तय करने में थोड़ा समय लग रहा है. राज्य निर्वाचन आयोग 15 अप्रैल को अंतिम मतदाता सूची जारी करेगा.
कब होगा प्रतिनिधियों का कार्यकाल?
वहीं पंचायत प्रतिनिधियों के कार्यकाल की बात करें तो 27 मई 2026 को ग्राम प्रधानों का कार्यकाल खत्म हो जाएगा, जबकि 12 जुलाई को जिला पंचायत सदस्यों और 20 जुलाई को क्षेत्र पंचायत सदस्यों (बीडीसी) का कार्यकाल पूरा होगा.
इस वजह से हो सकता है चुनाव में देरी
हालांकि अभी तक समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन नहीं हो पाया है. माना जा रहा है कि यही चुनाव में देरी की बड़ी वजह बन सकता है. यदि आयोग का गठन होता है तो उसे रिपोर्ट देने में करीब तीन महीने का समय लग सकता है.
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6 महीनें के अंदर चुनाव अनिवार्य
ऐसी स्थिति में अगर समय पर चुनाव नहीं हो पाते हैं तो पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद प्रशासक नियुक्त किए जाने की संभावना भी जताई जा रही है, हालांकि नियम के मुताबिक कार्यकाल खत्म होने के छह महीने के भीतर चुनाव कराना अनिवार्य होता है.


