Varanasi Ropeway Project: धार्मिक और पर्यटन नगरी काशी में बनने वाले देश के पहले शहरी रोपवे प्रोजेक्ट को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है, इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए किराये का प्रस्ताव तय कर लिया गया है और जल्द ही शासन से अंतिम मंजूरी मिलने की उम्मीद है. रोपवे शुरू होने के बाद लोगों को न सिर्फ तेज और आधुनिक परिवहन सुविधा मिलेगी, बल्कि आसमान से पूरे शहर का भव्य नजारा भी देखने को मिलेगा.
रोपवे किराया तय करने के लिए कमिश्नर एस. राजलिंगम की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई गई थी. कमेटी ने शहर में चल रहे ऑटो और टेम्पो के किराये तथा यात्रा की दूरी को ध्यान में रखते हुए अपनी रिपोर्ट तैयार की है. इस रिपोर्ट को शासन को भेज दिया गया है. अंतिम मंजूरी मिलते ही इन किरायों को आधिकारिक रूप से लागू कर दिया जाएगा.
प्रस्तावित किराये के अनुसार वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन से गोदोलिया तक सफर करने के लिए यात्रियों को लगभग 50 रुपये देने होंगे. वहीं कैंट से रथयात्रा तक 40 रुपये और कैंट से महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ तक यात्रा के लिए 30 रुपये किराया प्रस्तावित किया गया है. प्रशासन का कहना है कि किराया ऐसा रखा गया है ताकि यह आम जनता के लिए किफायती रहे.
कब तक बनकर तैयार हो जाएगा?
अधिकारियों के मुताबिक रोपवे परियोजना का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और लक्ष्य रखा गया है कि 15 मई तक इसका निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाए। यह परियोजना पूरी होने के बाद शहर के व्यस्त मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव काफी हद तक कम हो सकता है, खासकर कैंट से गोदौलिया के बीच.
कब तक आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा?
हालांकि निर्माण कार्य पूरा होने के तुरंत बाद इसे जनता के लिए शुरू नहीं किया जाएगा. पहले करीब तीन महीने तक इसका ट्रायल रन किया जाएगा. इस दौरान तकनीकी और सुरक्षा से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच की जाएगी. ट्रायल सफल होने के बाद ही आम यात्रियों के लिए रोपवे सेवा शुरू की जाएगी, ताकि लोगों को सुरक्षित और सुचारु यात्रा का अनुभव मिल सके.
कैंट के गोदौलिया मिनटों में पहुंच जाएंगे
रोपवे शुरू होने के बाद कैंट से गोदौलिया तक का सफर कुछ ही मिनटों में पूरा हो सकेगा. इससे यात्रियों का समय बचेगा और शहर में जाम की समस्या भी काफी हद तक कम होगी. वहीं रोपवे स्टेशनों पर बनने वाली दुकानों के किराये को लेकर अभी अंतिम फैसला नहीं लिया गया है.
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प्रशासन का कहना है कि पहले फेज-1 को सफलतापूर्वक संचालित किया जाएगा. इसके बाद ही रोपवे के दूसरे चरण यानी फेज-2 के विस्तार पर काम शुरू किया जाएगा. विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना वाराणसी के पर्यटन और शहरी परिवहन दोनों के लिए एक बड़ी उपलब्धि साबित हो सकती है.


