UP News: झांसी के दक्षिणी हिस्से में जल्द ही 4-लेन ग्रीनफील्ड बाईपास बनने जा रहा है. यह बाईपास एनएच-44 पर बंगाय खास गांव से शुरू होकर एनएच-39 पर ओरछा तिगेला तक जाएगा. इसकी कुल लंबाई 15.572 किलोमीटर होगी और इसे राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के ईपीसी मोड में तैयार किया जाएगा.
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इस परियोजना को प्रशासनिक और वित्तीय मंजूरी दे दी है. परियोजना पर अनुमानित खर्च 631.73 करोड़ रुपये होगा, जिसमें 427.29 करोड़ रुपये सीधे निर्माण पर खर्च होंगे. हालांकि, परियोजना के लिए पर्यावरणीय मंजूरी का इंतजार अभी बाकी है.
परियोजना का विवरण
झांसी के दक्षिणी हिस्से में 15.572 किलोमीटर लंबा चार लेन ग्रीनफील्ड बाईपास बनाया जाएगा, जो एनएच-44 के बंगाय खास गांव से एनएच-39 के ओरछा तिगेला तक जाएगा. यह बाईपास ट्रैफिक दबाव कम करने और हाईवे कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए योजना बनाई गई है. इस परियोजना पर कुल 631.73 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिसमें 427.29 करोड़ रुपये निर्माण कार्य पर आएंगे. केंद्र सरकार और सड़क परिवहन मंत्रालय ने परियोजना की प्रशासनिक और वित्तीय मंजूरी दे दी है.
निर्माण प्रक्रिया
एनएचएआई इस बाईपास का निर्माण ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन) मोड में करेगा. परियोजना की निगरानी उच्च स्तरीय समिति करेगी और ग्रीनफील्ड क्षेत्र के चयन से निर्माण कार्य आसान होगा. परियोजना को अभी पर्यावरणीय मंजूरी का इंतजार है. ग्रीनफील्ड बाईपास बनने से न केवल शहर में ट्रैफिक दबाव कम होगा, बल्कि आवागमन सुगम होने के साथ व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा.
स्थानीय प्रतिक्रिया
सांसद अनुराग शर्मा ने इस परियोजना की स्वीकृति पर खुशी जताई और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का आभार व्यक्त किया. लंबे समय से बाईपास की मांग की जा रही थी, जिसे अब पूरा किया जा रहा है. बाईपास बनने से शहर में भारी वाहनों का दबाव कम होगा, ललितपुर से कानपुर जाने वाले वाहन सीधे निकल सकेंगे. इससे जाम से मुक्ति, 25 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर कम और समय व ईंधन की बचत होगी.
एनएचएआई अधिकारियों ने क्या बताया?
बाईपास बनने के बाद शहर में भारी वाहनों का दबाव कम होगा. विशेषकर ललितपुर से कानपुर की ओर जाने वाले वाहन सीधे बाईपास से गुजर सकेंगे, जिससे शहर के जाम से राहत मिलेगी. परियोजना से उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच आवागमन सुगम होगा और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा.
इसके अलावा झांसी से बाहर निकलने का अतिरिक्त 25 किलोमीटर का चक्कर भी कम हो जाएगा, जिससे समय और ईंधन की बचत होगी. एनएचएआई अधिकारियों ने बताया कि ग्रीनफील्ड क्षेत्र का चयन इसलिए किया गया है ताकि निर्माण कार्य में आसानी हो और सड़क की गुणवत्ता उच्चतम स्तर की हो. परियोजना की निगरानी उच्च स्तरीय समिति करेगी.


