Delhi Dehradun Expressway: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे एशिया के सबसे आधुनिक ग्रीन फील्ड कॉरिडोर के रूप में उभर रहा है, जो करीब 210 किलोमीटर लंबा है. यह हाईवे यात्रा को बेहद आसान और तेज बनाएगा, जिससे दिल्ली से देहरादून की दूरी सिर्फ ढाई घंटे में पूरी की जा सकेगी. आधुनिक तकनीक, चौड़ी सड़कों और सुरक्षित डिजाइन के साथ यह परियोजना भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है.
इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खासियत इसका पर्यावरण अनुकूल डिजाइन है, जिसमें हरियाली और वन्यजीव संरक्षण का विशेष ध्यान रखा गया है. सड़क के दोनों ओर पौधारोपण, सोलर लाइटिंग और प्रदूषण कम करने वाले उपाय शामिल किए गए हैं. यह एक्सप्रेसवे सिर्फ यात्रा का माध्यम नहीं, बल्कि ग्रीन डेवलपमेंट का एक मॉडल बनकर सामने आया है.
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सड़क दुर्घटनाओं में आएगी कमी
राजाजी नेशनल पार्क के संवेदनशील क्षेत्र से गुजरने वाले इस कॉरिडोर में 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड रोड बनाया गया है. यह एशिया का सबसे लंबा वाइल्डलाइफ एलिवेटेड कॉरिडोर माना जा रहा है, जिससे जानवरों की आवाजाही बिना किसी बाधा के जारी रह सकेगी और सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी.
इस एक्सप्रेसवे में वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए कई अंडरपास और ओवरपास बनाए गए हैं. इससे जानवर सड़क पार करते समय सुरक्षित रहेंगे और वाहनों के साथ टकराव की घटनाएं कम होंगी. यह पहल पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक विकास के बीच संतुलन बनाने का बेहतरीन उदाहरण है.
इस बनाने में कितना हुआ खर्च?
यह परियोजना करीब 11,970 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की गई है, जिसमें आधुनिक इंजीनियरिंग और अत्याधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया है. एक्सप्रेसवे का निर्माण इस तरह से किया गया है कि भविष्य में यातायात बढ़ने पर भी यह सुचारू रूप से काम करता रहे और लोगों को तेज व सुरक्षित यात्रा का अनुभव मिले.
यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड को जोड़ते हुए कई बड़े शहरों और औद्योगिक क्षेत्रों को कनेक्ट करेगा. बागपत, शामली, सहारनपुर जैसे जिलों को इससे सीधा लाभ मिलेगा, जिससे व्यापार, उद्योग और पर्यटन को नई गति मिलेगी और क्षेत्रीय विकास को मजबूती मिलेगी.
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कब होगा इसका उद्घाटन?
नरेंद्र मोदी द्वारा अप्रैल 2026 में इस एक्सप्रेसवे के उद्घाटन की संभावना जताई जा रही है. इसके शुरू होते ही यात्रियों को जाम से राहत मिलेगी और दिल्ली-देहरादून के बीच सफर पहले से कहीं ज्यादा आरामदायक और तेज हो जाएगा.
यह एक्सप्रेसवे दो प्रमुख एक्सप्रेसवे, पांच नेशनल हाईवे और कई स्टेट हाईवे से जुड़ा होगा, जिससे कनेक्टिविटी का बड़ा नेटवर्क तैयार होगा. इससे न केवल देहरादून बल्कि आसपास के पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी, जिससे टूरिज्म इंडस्ट्री को बड़ा बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे.


