Noida workers protest: उत्तर प्रदेश के नोएडा में मजदूरों का प्रदर्शन एक बार फिर उग्र हो गया है. सोमवार को हुई हिंसा के बाद मंगलवार सुबह भी हालात तनावपूर्ण बने रहे. सेक्टर-121 और सेक्टर-80 में प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर जमकर पथराव किया, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए. उपद्रवियों ने बसों और अन्य वाहनों में तोड़फोड़ कर माहौल को और बिगाड़ दिया.
क्या है पूरा मामला?
सेक्टर-121 में बड़ी संख्या में जुटे मजदूर अचानक आक्रामक हो गए और पुलिस पर पत्थरबाजी शुरू कर दी. हालात बिगड़ते देख पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए भीड़ को तितर-बितर किया. सेक्टर-80 में भी इसी तरह की घटनाएं सामने आईं, जहां पुलिस ने कार्रवाई कर प्रदर्शनकारियों को खदेड़ दिया. सेक्टर-70 में भी कुछ समय के लिए मजदूरों और पुलिस के बीच आमना-सामना हुआ, लेकिन पुलिस ने स्थिति संभाल ली.
फैक्ट्री के बाहर जुटी भीड़
मंगलवार को सेक्टर-63 स्थित एक फैक्ट्री के बाहर बड़ी संख्या में श्रमिक इकट्ठा हो गए. बताया जा रहा है कि फैक्ट्री प्रबंधन ने 15 तारीख तक छुट्टी का नोटिस जारी किया था. श्रमिकों को आशंका थी कि अनुपस्थिति की स्थिति में उनका वेतन कट सकता है, जिसके चलते वे फैक्ट्री गेट पर पहुंच गए. मौके पर पहुंची पुलिस और पीएसी ने उन्हें समझाकर वापस भेजा और वेतन से जुड़ी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया.
टूलकिट का आरोप, पुलिस अलर्ट
फैक्ट्री प्रबंधन ने पूरे घटनाक्रम को सुनियोजित बताते हुए बाहरी तत्वों की भूमिका की आशंका जताई है. उनका कहना है कि यह हंगामा किसी टूलकिट के तहत कराया गया हो सकता है. वहीं, हालात को देखते हुए पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में है. सेक्टर-6 समेत कई संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च किया गया है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है.
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
पुलिस अधिकारियों के अनुसार स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. किसी भी तरह की हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. जगह-जगह भारी पुलिस बल तैनात है और लगातार गश्त की जा रही है, ताकि दोबारा कोई अप्रिय घटना न हो सके.


