Industrial Corridor in Bijnor: बिजनौर जिले में विकास की एक नई कहानी लिखी जाने की तैयारी शुरू हो चुकी है. प्रशासन ने औद्योगिक गलियारा विकसित करने के लिए बिजनौर, नजीबाबाद और धामपुर तहसीलों में जमीन चिह्नित कर प्रस्ताव यूपीडा को भेज दिया है. अब उम्मीद की जा रही है कि बहुत जल्द यह योजना धरातल पर उतरकर इलाके की तस्वीर बदल देगी.
1000 हेक्टेयर बनेगा औद्योगिक गलियारा
औद्योगिक गलियारा लगभग 1000 हेक्टेयर भूमि में विकसित किया जाएगा, जबकि कुल 1734.897 हेक्टेयर भूमि चिह्नित कर प्रस्तावित की गई है. इसमें अधिकांश 1617.530 हेक्टेयर जमीन किसानों की निजी स्वामित्व वाली है और 117.367 हेक्टेयर भूमि ग्राम समाज एवं सरकारी श्रेणी की है, जिससे परियोजना के लिए बड़े स्तर पर भूमि उपलब्धता सुनिश्चित होती है.
कौन-कौन से गांव शामिल हैं?
बिजनौर तहसील के कई गांवों जैसे यूसुफाबाद, पपवार खुर्द, खाना पट्टी, गजरौला अचपल, स्वाहेड़ी बुजुर्ग, उलकपुर और मुंढाला में कुल 711.408 हेक्टेयर भूमि चिह्नित की गई है. ये क्षेत्र एक्सप्रेसवे और कनेक्टिविटी के लिहाज से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं, जिससे भविष्य में उद्योगों को बेहतर परिवहन और लॉजिस्टिक सुविधा मिल सकेगी.
नजीबाबाद तहसील में फजलपुर पर्वत, जहानपुर वीरपुर, फैजाबाद, शेरपुर जमाल, तरीकमपुर, सराय बाहुद्दीन और हुसैनपुर सुल्तान गांवों में 713.797 हेक्टेयर भूमि चिन्हित की गई है. वहीं धामपुर तहसील के हकीमपुर करन गांव में 309.692 हेक्टेयर भूमि प्रस्तावित है, जिससे तीनों तहसीलों को समान रूप से विकास में शामिल किया जा रहा है.
यूपीडा की टीम के निरीक्षण शुरू किया
प्रशासन द्वारा मार्च में प्रस्ताव भेजने के बाद अब यूपीडा की टीम के निरीक्षण की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है. जानकारी के अनुसार टीम जल्द ही बिजनौर पहुंचकर स्थल का भौतिक सत्यापन करेगी और औद्योगिक गलियारे के लिए उपयुक्त भूमि का अंतिम चयन करेगी, जिसके बाद परियोजना को जमीन पर उतारने की दिशा में काम तेज होगा.
हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार
औद्योगिक गलियारा बनने से जिले में रोजगार के बड़े अवसर पैदा होंगे और स्थानीय युवाओं को काम के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा. साथ ही व्यापार, निवेश और उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और सड़क, परिवहन, लॉजिस्टिक्स तथा वेयरहाउसिंग जैसी आधारभूत सुविधाओं का भी तेजी से विकास होगा.
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वर्तमान में बिजनौर जिले में दो बड़े और चार छोटे औद्योगिक आस्थान पहले से मौजूद हैं, लेकिन नए औद्योगिक गलियारे के विकसित होने से औद्योगिक गतिविधियों को और अधिक गति मिलेगी. इससे सरकारी राजस्व में वृद्धि होगी और लोगों का जीवन स्तर बेहतर होगा, जिससे पूरे जिले का समग्र और संतुलित विकास सुनिश्चित हो सकेगा.


