Varanasi News: उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर बयानबाज़ी को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. अजय राय के खिलाफ अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में वाराणसी में मुकदमा दर्ज किया गया है. इससे पहले महोबा में भी इस मामले को लेकर शिकायत हुई थी, लेकिन अब प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में FIR दर्ज होने के बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया है.
जानकारी के मुताबिक, वाराणसी के चौक थाने में भाजपा नेता आर्यन पंड्या की शिकायत पर केस दर्ज किया गया. वहीं वाराणसी महिला व्यापार मंडल की नेता सुनीता सोनी ने भी अजय राय के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए तहरीर दी थी. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
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क्या है पूरा मामला?
बताया जा रहा है कि 22 मई को अजय राय महोबा दौरे पर पहुंचे थे. आरोप है कि समद नगर इलाके में बिना प्रशासनिक अनुमति कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां वह समर्थकों और गाड़ियों के लंबे काफिले के साथ पहुंचे. शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इस दौरान सड़क पर यातायात भी प्रभावित हुआ. इसी कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कथित अभद्र टिप्पणी किए जाने का आरोप लगा. कार्यक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद भाजपा कार्यकर्ताओं में नाराज़गी फैल गई. वाराणसी समेत कई जिलों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए और भाजपा नेताओं ने इसे ‘लोकतांत्रिक मर्यादा के खिलाफ’ बताया.
भाजपा ने बोला हमला
भाजपा नेताओं का कहना है कि वाराणसी सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र है. ऐसे में उनके खिलाफ इस तरह की भाषा का इस्तेमाल राजनीतिक शिष्टाचार और लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ है. पार्टी नेताओं ने अजय राय के बयान को गैर-जिम्मेदाराना बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
अजय राय ने दी सफाई
वहीं अजय राय ने पूरे मामले को राजनीतिक साजिश करार दिया है. उन्होंने वायरल वीडियो को AI से छेड़छाड़ कर बनाया गया बताया. अजय राय का कहना है कि उन्होंने महोबा में एक बच्ची से जुड़े मुद्दे को उठाया था, लेकिन उसके बाद उनके खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश की गई. उन्होंने कहा कि मुझे जेल भेजा जाए या मेरा पुतला जलाया जाए, मुझे इसकी परवाह नहीं है.
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जांच के घेरे में वायरल वीडियो
फिलहाल पुलिस वायरल वीडियो की सत्यता की जांच कर रही है. यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वीडियो असली है या उसमें किसी तरह की एडिटिंग या AI तकनीक का इस्तेमाल किया गया है. आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई तय होगी.
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