देश में E20 पेट्रोल के पूर्ण रोलआउट के एक साल बाद अब इसके प्रभाव को लेकर नई बहस शुरू हो गई है. एक हालिया सर्वे में सामने आया है कि 2022 या उससे पहले खरीदे गए पेट्रोल वाहनों के लगभग 50 प्रतिशत मालिक E20 की जगह फिर से E0 या E10 पेट्रोल का विकल्प चाहते हैं. कई वाहन मालिकों ने माइलेज में कमी, इंजन से जुड़ी समस्याओं और बढ़ते रखरखाव खर्च को लेकर चिंता जताई है.
सर्वे के नतीजों ने यह सवाल भी खड़ा किया है कि क्या सभी वाहनों के लिए एक ही तरह का ईंधन उपयुक्त है, या फिर वाहन की उम्र और तकनीकी क्षमता के आधार पर अलग-अलग विकल्प उपलब्ध होने चाहिए.
IIT में दाखिले की उम्मीद बरकरार! 75% से कम अंक वाले छात्रों को भी मिला बड़ा मौका
क्या है E20 पेट्रोल?
E20 पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल का मिश्रण होता है. भारत सरकार ने तेल आयात पर निर्भरता कम करने, किसानों की आय बढ़ाने और प्रदूषण में कमी लाने के उद्देश्य से एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम को तेजी से आगे बढ़ाया है. E20 को देशभर में व्यापक रूप से लागू किया गया और यह अब अधिकांश पेट्रोल पंपों पर मुख्य ईंधन के रूप में उपलब्ध है.
सरकार का मानना है कि इससे विदेशी मुद्रा की बचत होगी और जैव ईंधन आधारित ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा.
सर्वे में क्या सामने आया?
सर्वे में शामिल बड़ी संख्या में वाहन मालिकों ने दावा किया कि E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने के बाद उन्हें पहले की तुलना में कम माइलेज मिल रहा है. रिपोर्ट के अनुसार 2022 या उससे पहले खरीदे गए चारपहिया और दोपहिया वाहनों के लगभग आधे मालिकों ने ईंधन दक्षता में गिरावट महसूस की.
इसके अलावा करीब 29 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने इंजन, फ्यूल लाइन और अन्य यांत्रिक हिस्सों में सामान्य से अधिक घिसावट या मरम्मत की जरूरत की बात भी कही.
पुराने वाहन मालिक क्यों चाहते हैं E10 या E0?
कई पुराने वाहन E5 या E10 मिश्रण को ध्यान में रखकर डिजाइन किए गए थे. विशेषज्ञों का कहना है कि अधिक एथेनॉल वाले ईंधन का प्रभाव पुराने इंजन और फ्यूल सिस्टम पर अलग तरीके से पड़ सकता है.
वाहन मालिकों की मुख्य चिंताएं हैं:
- माइलेज में कमी
- इंजन प्रदर्शन में बदलाव
- रखरखाव खर्च बढ़ने की आशंका
- लंबे समय में इंजन पार्ट्स पर असर
- ईंधन विकल्पों की कमी
इसी वजह से बड़ी संख्या में लोग E10 या E0 विकल्प की वापसी की मांग कर रहे हैं.
माइलेज को लेकर क्यों उठ रहे हैं सवाल?
एथेनॉल की ऊर्जा घनत्व (Energy Density) सामान्य पेट्रोल की तुलना में कम होती है. इसी कारण कुछ परिस्थितियों में समान दूरी तय करने के लिए अधिक ईंधन की आवश्यकता पड़ सकती है. यही वजह है कि कई वाहन मालिक माइलेज में गिरावट महसूस करने का दावा कर रहे हैं.
हालांकि ऑटोमोबाइल उद्योग से जुड़े कुछ संगठनों का कहना है कि वास्तविक परिस्थितियों में माइलेज पर असर वाहन की स्थिति, ड्राइविंग शैली और रखरखाव जैसे कई कारकों पर भी निर्भर करता है.
क्या सभी वाहन प्रभावित होते हैं?
नहीं. अधिकांश वाहन निर्माता 2023 के बाद निर्मित वाहनों को E20 के अनुकूल बनाने की दिशा में काम कर चुके हैं. नई पीढ़ी के कई वाहन E20 ईंधन को ध्यान में रखकर डिजाइन किए गए हैं.
विशेषज्ञों के अनुसार:
नए वाहन
- E20 के लिए बेहतर अनुकूल
- फ्यूल सिस्टम और इंजन डिजाइन अपडेटेड
- निर्माता द्वारा अनुमोदित
पुराने वाहन
- E5 या E10 के लिए डिजाइन किए गए हो सकते हैं
- लंबे समय में अतिरिक्त निगरानी की जरूरत पड़ सकती है
- माइलेज और प्रदर्शन में अंतर महसूस हो सकता है
सरकार की योजना क्या है?
रिपोर्ट्स के अनुसार सरकार भविष्य में अलग-अलग एथेनॉल मिश्रण वाले ईंधनों के विकल्प उपलब्ध कराने की संभावना पर विचार कर रही है. कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि पेट्रोल पंपों पर E20, E22, E25 और E30 जैसे विभिन्न विकल्प उपलब्ध कराए जा सकते हैं ताकि वाहन मालिक अपने वाहन की अनुकूलता के अनुसार ईंधन चुन सकें.
यदि ऐसा होता है तो पुराने और नए वाहन मालिकों को अपनी जरूरत के अनुसार ईंधन चुनने की अधिक स्वतंत्रता मिल सकती है.
E20 के समर्थन में क्या तर्क दिए जाते हैं?
E20 का समर्थन करने वाले विशेषज्ञ और नीति निर्माता इसके कई फायदे बताते हैं:
- कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होती है
- कार्बन उत्सर्जन घटाने में मदद मिलती है
- किसानों को एथेनॉल उत्पादन से लाभ मिलता है
- ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होती है
इसी कारण सरकार एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम को महत्वपूर्ण रणनीतिक पहल मानती है.
वाहन मालिकों को क्या करना चाहिए?
यदि आपका वाहन 2022 या उससे पहले का है, तो विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि:
- वाहन निर्माता की ईंधन संबंधी सलाह देखें
- नियमित सर्विसिंग कराएं
- माइलेज और इंजन प्रदर्शन पर नजर रखें
- किसी असामान्य समस्या पर अधिकृत सर्विस सेंटर से संपर्क करें
इससे संभावित समस्याओं की समय रहते पहचान की जा सकती है.
ग्रेटर नोएडा में मजदूरों के लिए बनेगी बड़ी आवासीय टाउनशिप, प्राधिकरण ने जमीन की पहचान की
आगे क्या बदल सकता है?
E20 को लेकर बढ़ती चर्चा के बीच ईंधन विकल्पों को लेकर नई नीतियां सामने आ सकती हैं. यदि विभिन्न एथेनॉल मिश्रण वाले पेट्रोल बाजार में उपलब्ध होते हैं, तो उपभोक्ताओं को अपने वाहन के अनुसार चुनाव करने का मौका मिलेगा.
फिलहाल सर्वे ने इतना जरूर संकेत दिया है कि पुराने पेट्रोल वाहनों के मालिकों के बीच E20 को लेकर कई सवाल मौजूद हैं और बड़ी संख्या में लोग E0 या E10 जैसे विकल्पों की वापसी चाहते हैं.


