Delhi Varanasi Bullet Train: देश में हाईस्पीड रेल नेटवर्क के विस्तार की दिशा में केंद्र सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है. मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना की सफलता के बाद अब दिल्ली-वाराणसी हाईस्पीड रेल कॉरिडोर पर काम तेज होने जा रहा है. इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूरा होने के बाद दिल्ली से लखनऊ की दूरी महज 2 घंटे और वाराणसी का सफर करीब 4 घंटे में तय किया जा सकेगा.
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UP के 14 शहरों को मिलेगा सीधा लाभ, अयोध्या के लिए बनेगी स्पेशल लिंक लाइन
करीब 865 किलोमीटर लंबा यह प्रस्तावित बुलेट ट्रेन कॉरिडोर दिल्ली के सराय काले खां से शुरू होगा. यह रूट नोएडा सेक्टर-146, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर), मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, कन्नौज और लखनऊ होते हुए वाराणसी तक पहुंचेगा. इस रूट से उत्तर प्रदेश के 14 प्रमुख शहरों को सीधा फायदा मिलेगा.
परियोजना की सबसे बड़ी खासियत लखनऊ के पास से प्रस्तावित 135 किलोमीटर लंबी एक स्पेशल लिंक लाइन है, जो सांस्कृतिक नगरी अयोध्या को सीधे हाईस्पीड नेटवर्क से जोड़ेगी. इसके जरिए रायबरेली, प्रयागराज और भदोही जैसे शहरों के यात्रियों को भी बुलेट ट्रेन की कनेक्टिविटी मिल सकेगी.
रेल मंत्री बोले- परिवहन ढांचे में आएगा क्रांतिकारी बदलाव
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस परियोजना को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा, “दिल्ली-वाराणसी हाईस्पीड रेल कॉरिडोर देश के परिवहन ढांचे में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा.” रेल मंत्री के अनुसार, इसके शुरू होने के बाद दिल्ली से वाराणसी का सफर लगभग 3 घंटे 50 मिनट में पूरा किया जा सकेगा, जबकि वर्तमान में सबसे तेज ट्रेनों को भी इस दूरी को तय करने में 6 घंटे से अधिक का समय लगता है.
यात्रियों की सुविधा के लिए दिल्ली में इस परियोजना का पहला स्टेशन सराय काले खां में प्रस्तावित किया गया है, जहां यात्रियों को दिल्ली मेट्रो और नमो भारत (RRTS) से सीधे कनेक्टिविटी मिलेगी. रेलवे द्वारा लेजर तकनीक (LiDAR) से रूट सर्वे और प्रारंभिक डेटा संग्रह का कार्य पहले ही पूरा किया जा चुका है.
UP की अर्थव्यवस्था के लिए साबित होगी ‘गेमचेंजर’
केंद्र सरकार ने फरवरी 2026 के बजट में इस परियोजना को देश के सात नए हाईस्पीड रेल कॉरिडोर में शामिल किया है. फिलहाल इस परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने का काम तेजी से चल रहा है और इसे 2035 से 2040 के बीच पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि गंगा एक्सप्रेसवे, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट और औद्योगिक गलियारों (Industrial Corridors) के बाद यह बुलेट ट्रेन परियोजना उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा गेमचेंजर साबित होगी. इसके शुरू होने से राज्य में व्यापार, पर्यटन और रोजगार को नई गति मिलेगी, साथ ही लोगों को हवाई यात्रा की तुलना में एक तेज, किफायती और सुविधाजनक विकल्प मिलेगा.


