Saharanpur News: सहारनपुर विकास प्राधिकरण (एसडीए) की 82वीं बोर्ड बैठक में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के दोनों ओर 500-500 मीटर तक सीमा विस्तार का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया. इसके तहत लगभग 35 से 40 किलोमीटर लंबा विकास गलियारा बनाया जाएगा. इस परियोजना के दायरे में 102 गांव शामिल होंगे. बोर्ड की मंजूरी के बाद प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा, जिससे क्षेत्र में योजनाबद्ध विकास को नई दिशा मिलेगी.
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औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा
प्रस्तावित विकास गलियारे में औद्योगिक कॉरिडोर, व्यावसायिक केंद्र और आधुनिक आधारभूत सुविधाएं विकसित की जाएंगी. इससे एक्सप्रेसवे से जुड़े क्षेत्रों में निवेश आकर्षित होगा और उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहन मिलेगा. बेहतर कनेक्टिविटी के कारण नए कारोबारी अवसर पैदा होंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी.
102 गांवों को मिलेगा विकास का लाभ
एक्सप्रेसवे के आसपास स्थित 102 गांव इस योजना से सीधे प्रभावित होंगे. इन गांवों में सड़क, बिजली, जलापूर्ति और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होने की संभावना है. ग्रामीण क्षेत्रों में शहरी सुविधाओं का विकास होने से जीवन स्तर सुधरेगा. साथ ही भूमि मूल्य में वृद्धि और रोजगार के नए अवसर भी स्थानीय लोगों के लिए लाभकारी साबित होंगे.
ग्लोबल वुड क्राफ्ट सेंटर की स्थापना को मंजूरी
बोर्ड बैठक में आईटीआई परिसर में ग्लोबल वुड क्राफ्ट सेंटर स्थापित करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गई. यह केंद्र सहारनपुर की विश्व प्रसिद्ध लकड़ी शिल्प कला को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और वैश्विक बाजार से जोड़ने का कार्य करेगा. इससे कारीगरों को नई तकनीकों की जानकारी मिलेगी तथा उनके उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान और मांग बढ़ेगी.
मानचित्र स्वीकृति शुल्क में हुई बढ़ोतरी
निर्माण लागत और बढ़ती महंगाई को ध्यान में रखते हुए मानचित्र स्वीकृति शुल्क बढ़ाने का फैसला लिया गया. अधिकारियों के अनुसार इससे प्राधिकरण की आय में वृद्धि होगी और विकास योजनाओं के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधन उपलब्ध होंगे. मजबूत वित्तीय स्थिति के कारण बुनियादी ढांचे और सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाओं को अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकेगा.
अतिक्रमण हटाने पर दिया गया विशेष जोर
बैठक में मंडलायुक्त डॉ. रूपेश कुमार ने एसडीए और नगर निगम के अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए. उन्होंने शहर के प्रमुख चौक-चौराहों और सार्वजनिक स्थानों से अतिक्रमण हटाने पर विशेष बल दिया. इससे यातायात व्यवस्था बेहतर होगी, सार्वजनिक स्थानों का सुचारु उपयोग सुनिश्चित होगा और शहर की सौंदर्यता तथा व्यवस्थापन में सुधार आएगा.
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400 करोड़ रुपये के बजट को मिली मंजूरी
बोर्ड बैठक में नई टाउनशिप सहित विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए लगभग 400 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी प्रदान की गई. अधिकारियों ने इसे सहारनपुर के सुनियोजित शहरी विस्तार, आधारभूत ढांचे के सुदृढ़ीकरण और दीर्घकालिक विकास योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया. यह बजट भविष्य में शहर को आधुनिक और व्यवस्थित स्वरूप देने में अहम भूमिका निभाएगा.


