Ayodhya News: डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय, अयोध्या ने वैश्विक शैक्षिक रैंकिंग संस्था एडूरैंक द्वारा जारी वर्ष 2026 की रैंकिंग में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है. विश्वविद्यालय को भारत के 876 विश्वविद्यालयों एवं उच्च शिक्षण संस्थानों में 128वाँ स्थान, उत्तर प्रदेश के 79 विश्वविद्यालयों में 13वाँ स्थान प्राप्त हुआ है.
एडूरैंक द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार यह रैंकिंग विश्वविद्यालय के शोध प्रकाशनों, शोध उद्धरणों, अकादमिक प्रभाव, सामाजिक प्रतिष्ठा तथा पूर्व छात्रों की उपलब्धियों के आधार पर निर्धारित की गई है. विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं द्वारा प्रकाशित शोध प्रकाशनों एवं शोध उद्धरणों ने इस उपलब्धि में महत्वपूर्ण योगदान दिया है.
नोएडा में हाजीपुर से सेक्टर-93A तक बनेगा 3 किलोमीटर लंबा मॉडल रोड, 35 करोड़ रुपये होंगे खर्च
कुलपति डॉ. बिजेन्द्र सिंह ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि विश्वविद्यालय परिवार के समर्पण, परिश्रम और शैक्षणिक उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतिफल है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप विश्वविद्यालय में शिक्षा, शोध, नवाचार, कौशल विकास एवं उद्योग-शैक्षणिक सहयोग को निरंतर बढ़ावा दिया जा रहा है.
विश्वविद्यालय को विभिन्न राष्ट्रीय रैंकिंग एवं मूल्यांकन संस्थाओं में बेहतर स्थान प्राप्त हुआ है तथा अनुसंधान परियोजनाओं, पेटेंट, शोध प्रकाशनों और स्टार्टअप गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है.
निदेशक, आई.क्यू.ए.सी. प्रो. हिमांशु शेखर सिंह ने बताया कि कुलपति डॉ. बिजेन्द्र सिंह के कुशल नेतृत्व एवं दूरदर्शी मार्गदर्शन में विश्वविद्यालय ने शैक्षिक सुधार, गुणवत्ता संवर्धन तथा शोध एवं नवाचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है. उनके नेतृत्व में विश्वविद्यालय में गुणवत्तापरक शिक्षण, अनुसंधान संस्कृति के विकास तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संस्थागत प्रतिष्ठा को सुदृढ़ करने की दिशा में प्रभावी प्रयास किए गए हैं.
उन्होंने कहा कि कुलपति द्वारा विश्वविद्यालय परिवार के सभी शिक्षकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को टीम भावना, पारदर्शिता तथा उत्तरदायित्व के साथ कार्य करने के लिए निरंतर प्रेरित किया गया है। यही कारण है, कि विश्वविद्यालय आज विभिन्न राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करने में सफल हो रहा है.
प्रो. सिंह ने विश्वास व्यक्त किया कि कुलपति के नेतृत्व में विश्वविद्यालय भविष्य में भी शैक्षिक उत्कृष्टता, शोध उपलब्धियों एवं संस्थागत विकास के नए आयाम स्थापित करेगा. विषयगत रैंकिंग में भी विश्वविद्यालय ने अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है। पर्यावरण अभियांत्रिकी, पर्यावरण प्रबंधन, पोषण एवं खाद्य विज्ञान, जीव विज्ञान, रसायन विज्ञान तथा सामाजिक विज्ञान जैसे क्षेत्रों में विश्वविद्यालय का प्रदर्शन राष्ट्रीय एवं वैश्विक स्तर पर सराहनीय रहा है.
यह उपलब्धि विश्वविद्यालय में शोध संस्कृति के निरंतर विस्तार एवं गुणवत्तापूर्ण अकादमिक वातावरण का परिणाम है. इस उपलब्धि पर कुलसचिव विनय कुमार सिंह वित्त अधिकारी पूर्णेन्दु शुक्ल, प्रो एस एस मिश्र, प्रो शैलेंद्र कुमार वर्मा, प्रो फर्रुख जमाल, प्रो गंगाराम मिश्र, प्रो आशुतोष सिन्हा, प्रो नीलम पाठक, प्रो सिद्धार्थ शुक्ल, प्रो सी के मिश्र सहित सभी शिक्षकों ने हर्ष व्यक्त किया है.


