उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को वैश्विक स्तर (Global Standard) पर मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बड़ा फैसला लिया है.
बता दें कि राजधानी लखनऊ के प्रतिष्ठित डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (RMLIMS) का अब बड़े पैमाने पर विस्तार किया जाएगा. सरकार के इस कदम से न केवल यूपी और देश के अन्य राज्यों, बल्कि नेपाल और बांग्लादेश जैसे पड़ोसी देशों से आने वाले मरीजों को भी विश्वस्तरीय इलाज मिल सकेगा.
अत्याधुनिक अस्पताल और विशाल ट्रामा सेंटर
लोहिया संस्थान में लगातार बढ़ रहे मरीजों के दबाव को देखते हुए सरकार ने इसके परिसर विस्तार को मंजूरी दे दी है.
इस मेगा प्रोजेक्ट के तहत:
- 1000 बेड का नया अस्पताल: यह पूरी तरह अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीकों से लैस होगा.
- 350 बेड का नया ट्रामा सेंटर.
आपातकालीन स्थितियों (Emergency) और एक्सीडेंटल केस से निपटने के लिए एक विशाल ट्रामा सेंटर भी तैयार किया जा रहा है.
इस विस्तार के बाद गंभीर रूप से बीमार और दुर्घटनाग्रस्त मरीजों को तुरंत इलाज मिलेगा, जिससे मरीजों को दूसरे अस्पतालों में रेफर करने की नौबत नहीं आएगी.
रोबोटिक सर्जरी से होगा 100% सफल घुटना प्रत्यारोपण
चिकित्सा के क्षेत्र में आधुनिक तकनीक (Modern Technology) को बढ़ावा देते हुए योगी सरकार लोहिया अस्पताल को 2 नए अत्याधुनिक मेडिकल रोबोट सौंपने जा रही है.
इन रोबोट्स की मदद से अब अस्पताल में घुटने का प्रत्यारोपण (Knee Replacement) बेहद आसान हो जाएगा.
डॉक्टरों के मुताबिक, रोबोटिक सर्जरी से ऑपरेशन में 100% सटीकता आएगी. इसके अलावा मरीजों को कम दर्द होगा, खून कम बहेगा और वे बहुत जल्द रिकवर होकर अपने पैरों पर खड़े हो सकेंगे.
पुलिस मुख्यालय के पास मिली जमीन, जल्द शुरू होगा काम
लोहिया संस्थान के निदेशक डॉ. सीएम सिंह ने इस ऐतिहासिक परियोजना की पुष्टि की है.
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विशेष निर्देशन में इस भव्य अस्पताल के निर्माण के लिए शहीद पथ स्थित पुलिस मुख्यालय के पास जमीन आवंटित कर दी गई है.
जमीन मिलने के साथ ही कागजी कार्रवाई तेज हो गई है और बहुत जल्द धरातल पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा.
देश ही नहीं, विदेश से आने वाले मरीजों को भी मिलेगी राहत
लोहिया अस्पताल की साख देश-दुनिया में बढ़ रही है.
संस्थान के निदेशक के अनुसार, यहां हर दिन उत्तर प्रदेश के कोने-कोने से तो मरीज आते ही हैं, साथ ही बिहार, मध्य प्रदेश और नेपाल व बांग्लादेश जैसे पड़ोसी देशों से भी बड़ी संख्या में लोग इलाज के लिए पहुंचते हैं.
नया परिसर शुरू होने के बाद लखनऊ मेडिकल टूरिज्म का एक बड़ा केंद्र बनकर उभरेगा.


