Delhi Electricity Bill Hike: दिल्ली में बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक अहम अपडेट सामने आया है. दिल्ली विद्युत नियामक आयोग (DERC) ने बिजली खरीद लागत में बढ़ोतरी को देखते हुए Power Purchase Adjustment Cost (PPAC) यानी पावर परचेज एडजस्टमेंट चार्ज में संशोधन को मंजूरी दी है. इसका असर राजधानी के लाखों उपभोक्ताओं के बिजली बिल पर दिखाई देगा.
क्यों बढ़ रहे हैं बिजली बिल?
बिजली वितरण कंपनियों को हाल के महीनों में बिजली खरीदने के लिए अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है. इसी अतिरिक्त लागत की भरपाई के लिए PPAC/FPPAS जैसे चार्ज उपभोक्ताओं से वसूले जाते हैं. DERC की मंजूरी के बाद अब यह अतिरिक्त भार सीधे बिजली बिलों में दिखाई देगा.
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किन उपभोक्ताओं पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर?
LiveMint Hindi की रिपोर्ट के मुताबिक, सबसे ज्यादा प्रभाव उन घरेलू उपभोक्ताओं पर पड़ने की संभावना है जो हर महीने 500 यूनिट से अधिक बिजली की खपत करते हैं और दिल्ली सरकार की बिजली सब्सिडी योजना के दायरे में नहीं आते हैं. ऐसे उपभोक्ताओं के मासिक बिल में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है.
उदाहरण के तौर पर, यदि किसी उपभोक्ता का मासिक बिजली बिल 2,500 रुपये आता है और उसकी खपत 700 यूनिट है, तो नए PPAC चार्ज लागू होने के बाद बिल में अतिरिक्त राशि जुड़ सकती है। वास्तविक बढ़ोतरी डिस्कॉम द्वारा लागू दरों पर निर्भर करेगी।
DERC ने PPAC बढ़ाने की मंजूरी क्यों दी?
DERC के अनुसार बिजली खरीद लागत (Power Purchase Cost) में वृद्धि होने पर वितरण कंपनियों को अतिरिक्त वित्तीय बोझ उठाना पड़ता है। नियामक ढांचे के तहत इस लागत का एक हिस्सा PPAC के रूप में उपभोक्ताओं से वसूला जा सकता है। इसी प्रावधान के तहत BRPL और BYPL के लिए संशोधित PPAC दरों को मंजूरी दी गई है।
BRPL और BYPL उपभोक्ताओं को कितना देना पड़ सकता है अतिरिक्त?
नई PPAC दरों के लागू होने के बाद BSES Rajdhani Power Limited (BRPL) और BSES Yamuna Power Limited (BYPL) के उपभोक्ताओं के बिल में अतिरिक्त चार्ज जुड़ेंगे. बढ़ोतरी की वास्तविक राशि उपभोक्ता की मासिक बिजली खपत पर निर्भर करेगी. जितनी अधिक खपत होगी, बढ़े हुए PPAC का प्रभाव उतना ही ज्यादा महसूस होगा.
कब से दिखेगा असर?
DERC की मंजूरी के बाद नए चार्ज आगामी बिलिंग चक्रों में लागू किए जाएंगे. इसका मतलब है कि उपभोक्ताओं को आने वाले बिजली बिलों में बढ़ी हुई लागत का असर दिखाई देना शुरू हो सकता है.
क्या 500 यूनिट तक के उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 500 यूनिट तक बिजली इस्तेमाल करने वाले कई उपभोक्ता सरकारी सब्सिडी योजना के कारण अपेक्षाकृत कम प्रभावित हो सकते हैं. हालांकि अंतिम असर उपभोक्ता की श्रेणी, खपत और लागू सब्सिडी पर निर्भर करेगा.
उपभोक्ता अपना बिजली बिल कैसे कम कर सकते हैं?
LED बल्ब का उपयोग करें.
AC का तापमान 24-26 डिग्री पर रखें.
उपयोग न होने पर उपकरण बंद रखें.
स्टार रेटेड उपकरणों का इस्तेमाल करें.
उपभोक्ताओं के लिए क्या है सलाह?
विशेषज्ञों का मानना है कि बिजली बिल में बढ़ोतरी से बचने के लिए ऊर्जा दक्ष उपकरणों का उपयोग, अनावश्यक बिजली खपत में कमी और समय-समय पर खपत की निगरानी करना फायदेमंद हो सकता है. बढ़ते बिजली खर्च के दौर में ऊर्जा बचत ही सबसे प्रभावी उपाय मानी जा रही है.
दिल्ली में PPAC बढ़ने के फैसले से BRPL, BYPL और अन्य डिस्कॉम के लाखों उपभोक्ताओं पर असर पड़ने वाला है. खासकर 500 यूनिट से अधिक बिजली खर्च करने वाले परिवारों को आने वाले महीनों में अधिक बिल चुकाना पड़ सकता है. बढ़ती बिजली खरीद लागत को देखते हुए यह फैसला लिया गया है, जिसका असर जल्द ही उपभोक्ताओं की जेब पर दिखाई देगा.
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FAQ
- दिल्ली में बिजली बिल क्यों बढ़ रहा है?
दिल्ली में बिजली वितरण कंपनियों की बिजली खरीद लागत बढ़ने के कारण DERC ने PPAC (Power Purchase Adjustment Cost) में संशोधन को मंजूरी दी है, जिससे उपभोक्ताओं के बिल पर अतिरिक्त भार पड़ेगा. - PPAC क्या होता है?
PPAC यानी Power Purchase Adjustment Cost एक अतिरिक्त शुल्क है, जिसे बिजली कंपनियां बिजली खरीदने की बढ़ी हुई लागत की भरपाई के लिए उपभोक्ताओं के बिल में जोड़ती हैं.
- BRPL और BYPL उपभोक्ताओं पर इसका कितना असर पड़ेगा?
बिल में बढ़ोतरी की राशि उपभोक्ता की मासिक बिजली खपत पर निर्भर करेगी. अधिक यूनिट खर्च करने वाले उपभोक्ताओं पर इसका प्रभाव ज्यादा देखने को मिल सकता है.
- क्या 500 यूनिट तक बिजली उपयोग करने वालों को राहत मिलेगी?
दिल्ली सरकार की सब्सिडी योजना का लाभ लेने वाले कई उपभोक्ताओं को सीमित प्रभाव पड़ सकता है. हालांकि अंतिम असर उनकी खपत और लागू सब्सिडी पर निर्भर करेगा.
- नए बिजली चार्ज कब से लागू होंगे?
DERC की मंजूरी के बाद नए PPAC चार्ज आगामी बिलिंग चक्रों में लागू किए जाएंगे, इसलिए आने वाले बिजली बिलों में उपभोक्ताओं को इसका असर दिखाई दे सकता है.
Source: LiveMint Hindi, PTI, Delhi Electricity Regulatory Commission (DERC), Economic Times.


