नई दिल्ली: ओमान के तट के पास हुए हमले के बाद बचाए गए MT Settebello जहाज के 21 भारतीय चालक दल सदस्य सुरक्षित रूप से अपने घर लौट आए हैं. इस घटनाक्रम के बाद उनके परिवारों और परिजनों ने राहत की सांस ली है. भारतीय अधिकारियों, ओमान प्रशासन और संबंधित एजेंसियों के समन्वित प्रयासों से इन नाविकों की सुरक्षित वापसी संभव हो सकी.
MT Settebello नामक वाणिज्यिक पोत हाल ही में ओमान के तट के निकट एक गंभीर घटना का शिकार हुआ था. जहाज पर कुल 24 भारतीय चालक दल सदस्य सवार थे. घटना के बाद बचाव अभियान चलाया गया, जिसमें 21 भारतीयों को सुरक्षित निकाल लिया गया था. इसके बाद उन्हें आवश्यक सहायता प्रदान की गई और भारत वापसी की प्रक्रिया शुरू की गई.
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विदेश मंत्रालय के अनुसार, घटना के तुरंत बाद भारत का दूतावास ओमान के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में रहा. बचाव अभियान के दौरान भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई. भारतीय मिशन ने स्थानीय प्रशासन और समुद्री एजेंसियों के साथ मिलकर प्रभावित चालक दल के सदस्यों की सहायता सुनिश्चित की.
कैसे हुआ था हादसा
रिपोर्टों के अनुसार MT Settebello पर ओमान तट के निकट हमला हुआ था, जिसके बाद जहाज पर आपात स्थिति पैदा हो गई. घटना के समय जहाज पर 24 भारतीय चालक दल सदस्य मौजूद थे. बचाव दल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 21 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला. घटना ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल भी खड़े किए.
सुरक्षित लौटे नाविकों ने सुनाया अनुभव
भारत लौटने वाले कई नाविकों ने बताया कि घटना के दौरान स्थिति बेहद तनावपूर्ण थी. हालांकि बचाव एजेंसियों की त्वरित कार्रवाई और समन्वय के कारण उनकी जान बच सकी. परिवारों ने भी सरकार और संबंधित एजेंसियों का आभार व्यक्त किया. सुरक्षित लौटे चालक दल के सदस्यों का कई स्थानों पर परिजनों ने भावुक स्वागत किया.
समुद्री सुरक्षा पर बढ़ी चिंता
यह घटना ऐसे समय हुई है जब पश्चिम एशिया क्षेत्र में समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है. अंतरराष्ट्रीय व्यापार का बड़ा हिस्सा समुद्री मार्गों से गुजरता है और इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अस्थिरता का असर वैश्विक शिपिंग गतिविधियों पर पड़ सकता है. विशेषज्ञों का मानना है कि नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता है.
भारतीय नाविकों की भूमिका
भारत दुनिया के सबसे बड़े समुद्री मानव संसाधन प्रदाताओं में से एक है. हजारों भारतीय नाविक दुनिया भर के वाणिज्यिक जहाजों पर कार्यरत हैं. ऐसे में किसी भी समुद्री घटना का सीधा असर भारतीय परिवारों और समुद्री उद्योग पर पड़ता है. इस घटना ने एक बार फिर भारतीय नाविकों के सामने मौजूद चुनौतियों को उजागर किया है.
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सरकार ने जारी रखा निगरानी अभियान
भारतीय अधिकारियों ने कहा है कि विदेशों में कार्यरत भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर लगातार नजर रखी जा रही है. संबंधित एजेंसियां समुद्री मार्गों पर भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न देशों के साथ संपर्क में हैं. सरकार ने प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा भी दिया है.
21 भारतीय चालक दल सदस्यों की सुरक्षित वापसी को एक बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है. इस घटनाक्रम ने एक बार फिर संकट की घड़ी में अंतरराष्ट्रीय सहयोग और त्वरित बचाव अभियानों के महत्व को सामने रखा है.
स्रोत. News On Air.


