Weather Update 17 June 2026: भारत के मौसम में 17 जून 2026 से एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. भारतीय मौसम विभाग के अनुसार एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहा है, जिसके प्रभाव से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी. वहीं उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में भी गरज-चमक, तेज हवाओं और हल्की से मध्यम बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है. दूसरी ओर पूर्वोत्तर भारत और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल एवं सिक्किम में भारी से बहुत भारी बारिश का खतरा बना हुआ है. हालांकि देश के कुछ हिस्सों में अभी भी भीषण गर्मी और हीट वेव से राहत नहीं मिली है.
पश्चिमी विक्षोभ से उत्तर भारत में बदलेगा मौसम
मौसम विभाग के अनुसार 18 से 22 जून के बीच सक्रिय होने वाला नया पश्चिमी विक्षोभ जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में व्यापक वर्षा का कारण बन सकता है. पहाड़ी क्षेत्रों में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है.
उत्तराखंड में 16 से 22 जून तक लगातार बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं. हिमाचल प्रदेश में 18 जून से मौसम ज्यादा सक्रिय होने की संभावना है. जम्मू-कश्मीर और आसपास के क्षेत्रों में भी 18 से 22 जून के दौरान व्यापक वर्षा का अनुमान है.
दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में बारिश के संकेत
दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में 16 से 22 जून के बीच अलग-अलग स्थानों पर बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं. कई इलाकों में तेज हवाएं भी चल सकती हैं जिनकी रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है.
उत्तर प्रदेश में भी मौसम करवट लेने की तैयारी में है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 17 जून को गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है. पूर्वी उत्तर प्रदेश में 17 और 18 जून को वर्षा की गतिविधियां दर्ज की जा सकती हैं. इससे कई जिलों में गर्मी से अस्थायी राहत मिलने की उम्मीद है.
हालांकि मौसम विभाग ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 19 से 22 जून के बीच हीट वेव की स्थिति भी बनने की संभावना जताई है. ऐसे में लोगों को बदलते मौसम के बीच सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
राजस्थान में आंधी और धूलभरी हवाओं का खतरा
राजस्थान के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में मौसम विभाग ने तेज आंधी का विशेष अलर्ट जारी किया है. कुछ स्थानों पर 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. 16 और 18 जून को थंडरस्क्वॉल यानी तेज आंधी के हालात बन सकते हैं.
इसके अलावा पश्चिमी राजस्थान में 16 से 19 जून तक धूलभरी आंधी चलने की संभावना बनी हुई है. इससे दृश्यता प्रभावित हो सकती है और सड़क परिवहन पर असर पड़ सकता है.
पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश का दौर जारी
पूर्वोत्तर राज्यों में मानसूनी गतिविधियां लगातार मजबूत बनी हुई हैं. अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 16 से 22 जून तक व्यापक वर्षा होने का अनुमान है.
असम और मेघालय में 18 से 20 जून के दौरान बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. अरुणाचल प्रदेश में भी 18 से 22 जून के बीच भारी वर्षा हो सकती है. लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और भूस्खलन जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं.
बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में भी अलर्ट
पूर्वी भारत के कई राज्यों में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ने वाली हैं. बिहार, झारखंड और ओडिशा में 16 से 22 जून तक बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना बनी हुई है.
बिहार में 17 से 20 जून के बीच भारी बारिश हो सकती है. वहीं उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 17 से 22 जून तक बहुत भारी बारिश का खतरा बना रहेगा. झारखंड में 19 और 20 जून को तेज हवाओं के साथ आंधी की स्थिति बन सकती है.
मध्य भारत में गरज-चमक और तेज हवाओं का असर
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ क्षेत्र में अगले कुछ दिनों तक मौसम अस्थिर बना रहेगा. कई स्थानों पर गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं की संभावना है.
पश्चिमी मध्य प्रदेश में 18 और 19 जून को 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक की तेज हवाएं चल सकती हैं. छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में भी 20 जून तक गरज-चमक का दौर जारी रह सकता है.
दक्षिण भारत में बारिश और भारी वर्षा का अलर्ट
दक्षिण भारत के अधिकांश राज्यों में भी बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी. केरल और माहे में 16 से 22 जून तक व्यापक वर्षा की संभावना है. तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 17 और 18 जून को भारी बारिश हो सकती है.
तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और रायलसीमा क्षेत्र में भी गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश होने का अनुमान है. कई स्थानों पर हवा की गति 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है.
हीट वेव से अभी नहीं मिलेगी पूरी राहत
बारिश की गतिविधियों के बावजूद देश के कुछ हिस्सों में भीषण गर्मी बनी रहेगी. मौसम विभाग के अनुसार छत्तीसगढ़ में 17 जून तक, तेलंगाना में 18 जून तक और विदर्भ में 19 जून तक हीट वेव की स्थिति जारी रह सकती है.
इसके अलावा मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 18 और 19 जून को लू चलने की संभावना है. ओडिशा के कुछ हिस्सों में भी गर्म हवाओं का असर देखने को मिल सकता है.
तापमान में क्या होगा बदलाव
मौसम विभाग के अनुसार मध्य भारत में 19 जून तक अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा. इसके बाद तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है.
महाराष्ट्र में 19 जून तक तापमान में लगभग 2 डिग्री की बढ़ोतरी संभव है, जबकि इसके बाद धीरे-धीरे गिरावट शुरू हो सकती है. देश के बाकी हिस्सों में 22 जून तक तापमान में कोई उल्लेखनीय परिवर्तन होने की संभावना नहीं है.
मौसम विभाग की सलाह
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि जिन क्षेत्रों में गरज-चमक, तेज हवाओं और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है, वहां लोगों को खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहना चाहिए. भारी बारिश वाले क्षेत्रों में यात्रा से पहले स्थानीय मौसम अपडेट जरूर देखें. वहीं हीट वेव प्रभावित इलाकों में पर्याप्त पानी पीने और धूप में अनावश्यक बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है.
आने वाले दिनों में देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश, आंधी और गर्मी का मिला-जुला असर देखने को मिलेगा. ऐसे में मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों और स्थानीय प्रशासन की सलाह पर नजर बनाए रखना जरूरी होगा.
Source: India Meteorological Department
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FAQ
Q1. 17 जून 2026 को किन राज्यों में बारिश की संभावना है?
A. उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, पूर्वोत्तर भारत और दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश और गरज-चमक की संभावना है.
Q2. किन क्षेत्रों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है?
A. असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, बिहार, केरल और तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी है.
Q3. किन राज्यों में हीट वेव की स्थिति बनी रहेगी?
A. विदर्भ में 19 जून तक, तेलंगाना में 18 जून तक, छत्तीसगढ़ में 17 जून तक तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 19 से 22 जून के बीच हीट वेव की संभावना है.
Q4. पश्चिमी विक्षोभ का सबसे ज्यादा असर कहां दिखेगा?
A. जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 18 से 22 जून के बीच पश्चिमी विक्षोभ के कारण बारिश, आंधी और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की संभावना है.


