पुडुचेरी सरकार के हिंदू धार्मिक संस्थान एवं वक्फ विभाग (Hindu Religious Institutions & Wakf Department) द्वारा “Financial Assistance for Renovation and Special Repair Works to Hindu Religious Institutions situated in Economically Weaker Section Areas / Adi-Dravidar Colonies” योजना संचालित की जा रही है.
इस योजना का उद्देश्य ऐसे हिंदू धार्मिक संस्थानों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है जो विभाग के प्रत्यक्ष नियंत्रण में नहीं आते, लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर क्षेत्रों (Economically Weaker Section Areas) या आदि-द्रविड़ कॉलोनियों में स्थित हैं. योजना के तहत मंदिरों के नवीनीकरण और विशेष मरम्मत कार्यों के लिए एकमुश्त वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है.
योजना का उद्देश्य
इस योजना के माध्यम से सरकार का उद्देश्य है.
- आर्थिक रूप से कमजोर क्षेत्रों में स्थित मंदिरों का संरक्षण.
- पुराने एवं जर्जर मंदिरों के नवीनीकरण को बढ़ावा देना.
- धार्मिक स्थलों की मूल संरचना को सुरक्षित रखना.
- स्थानीय समुदायों की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण.
- मंदिरों के लिए आवश्यक निर्माण सामग्री खरीदने में आर्थिक सहायता प्रदान करना.
कितनी मिलेगी वित्तीय सहायता?
योजना के तहत.
- प्रत्येक पात्र मंदिर को ₹2,50,000 तक की एकमुश्त वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है.
- यह राशि भवन निर्माण सामग्री जैसे सीमेंट, ईंट, स्टील एवं अन्य आवश्यक सामग्री खरीदने के लिए दी जाती है.
- यह सहायता प्रत्येक मंदिर को केवल एक बार उपलब्ध कराई जाती है.
कौन कर सकता है आवेदन?
योजना का लाभ लेने के लिए निम्न पात्रता शर्तें पूरी करनी होंगी.
- आवेदक संबंधित मंदिर का अधिकृत प्रबंधन या मंदिर प्राधिकरण होना चाहिए.
- मंदिर हिंदू धार्मिक संस्थान एवं वक्फ विभाग के प्रत्यक्ष नियंत्रण में नहीं होना चाहिए.
- मंदिर आर्थिक रूप से कमजोर क्षेत्र या आदि-द्रविड़ कॉलोनी में स्थित होना चाहिए.
आवेदन कैसे करें?
इस योजना के लिए आवेदन ऑफलाइन माध्यम से स्वीकार किए जाते हैं.
आवेदन प्रक्रिया
चरण 1: निर्धारित आवेदन पत्र प्राप्त करें या उसका प्रिंट लें.
चरण 2: आवेदन पत्र में सभी आवश्यक जानकारी भरें.
चरण 3: सभी जरूरी दस्तावेज संलग्न करें.
चरण 4: आवेदन संबंधित मंदिर प्राधिकरण अथवा निर्धारित कार्यालय में जमा करें.
आवेदन के बाद क्या होगा?
आवेदन जमा होने के बाद निम्न प्रक्रिया अपनाई जाएगी.
- विभाग का अधिकारी मंदिर का निरीक्षण करेगा.
- प्रस्तुत अनुमान (Estimate) तकनीकी स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा.
- आवेदन का निस्तारण निरीक्षण के बाद एक महीने के भीतर किया जाएगा.
- सरकार की वित्तीय स्थिति के अनुसार तीन महीने के भीतर पहली किस्त स्वीकृत की जा सकती है.
दूसरी किस्त पाने के लिए क्या करना होगा?
दूसरी किस्त जारी कराने के लिए मंदिर प्रबंधन को.
- कम से कम ₹2.50 लाख की निर्माण सामग्री खरीद के मूल बिल प्रस्तुत करने होंगे.
- उपयोग प्रमाण पत्र (Utilization Certificate) देना होगा.
- आवश्यकता होने पर चार्टर्ड अकाउंटेंट का प्रमाण पत्र भी जमा करना होगा.
आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज
आवेदन के समय.
- पंजीकृत इंजीनियर द्वारा तैयार नक्शा एवं लागत अनुमान.
- मंदिर के स्वामित्व संबंधी दस्तावेज या पट्टा.
- यदि स्वामित्व दस्तावेज उपलब्ध नहीं है तो संबंधित तहसील कार्यालय का प्रमाण पत्र.
- सरकारी भूमि होने पर NOC.
- निजी भूमि होने पर मंदिर के नाम दान किए जाने का दस्तावेज.
- मंदिर की वर्तमान स्थिति दर्शाने वाले विभिन्न कोणों से फोटो.
- मंदिर के बैंक खाते की प्रति.
- मंदिर की वार्षिक आय का प्रमाण पत्र (Form-B).
- ट्रस्टी बोर्ड या ग्राम समिति का विवरण.
- मंदिर का संक्षिप्त इतिहास.
दूसरी किस्त के लिए.
- निर्माण सामग्री खरीद के मूल बिल.
- उपयोग प्रमाण पत्र.
- चार्टर्ड अकाउंटेंट द्वारा जारी प्रमाण पत्र.
योजना की महत्वपूर्ण शर्तें
योजना का लाभ लेने वाले मंदिर प्रबंधन को.
- सहायता राशि का उपयोग केवल स्वीकृत मरम्मत एवं नवीनीकरण कार्यों में करना होगा.
- बची हुई राशि सरकार को वापस करनी होगी.
- सरकार आवश्यकता पड़ने पर खातों की जांच कर सकती है.
- सभी खर्चों का ऑडिट कराया जा सकता है.
- उपयोग संबंधी सभी अभिलेख सुरक्षित रखने होंगे.
योजना क्यों है महत्वपूर्ण?
पुडुचेरी के अनेक छोटे मंदिर आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण समय पर मरम्मत नहीं करा पाते. इस योजना के माध्यम से ऐसे मंदिरों को वित्तीय सहायता देकर उनकी संरचना सुरक्षित रखने और धार्मिक गतिविधियों को सुचारु रूप से जारी रखने में मदद मिलती है.
यह योजना विशेष रूप से उन क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण है जहां स्थानीय समुदाय स्वयं बड़े स्तर पर मरम्मत कार्य कराने में सक्षम नहीं होते.
FAQs
1. इस योजना के तहत कितनी वित्तीय सहायता मिलती है?
प्रत्येक पात्र मंदिर को अधिकतम ₹2,50,000 की एकमुश्त वित्तीय सहायता दी जाती है.
2. कौन आवेदन कर सकता है?
आर्थिक रूप से कमजोर क्षेत्रों या आदि-द्रविड़ कॉलोनियों में स्थित ऐसे हिंदू मंदिर, जो हिंदू धार्मिक संस्थान विभाग के प्रत्यक्ष नियंत्रण में नहीं आते.
3. आवेदन कैसे किया जाता है?
इस योजना के लिए आवेदन निर्धारित आवेदन पत्र के माध्यम से ऑफलाइन किया जाता है.
4. दूसरी किस्त प्राप्त करने के लिए क्या आवश्यक है?
निर्माण सामग्री के मूल बिल, उपयोग प्रमाण पत्र तथा आवश्यकता होने पर चार्टर्ड अकाउंटेंट का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा.
Source: Govt Of India


