Weather Update 18 June 2026: देश के मौसम में अगले कुछ दिनों के दौरान बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं. भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है और 23 जून 2026 के आसपास तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार तथा छत्तीसगढ़ के कुछ और हिस्सों में इसकी प्रगति होने की संभावना है. दूसरी ओर पूर्वोत्तर भारत, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और बिहार में भारी वर्षा की गतिविधियां जारी रहने के संकेत हैं. वहीं मध्य भारत के कुछ हिस्सों में अभी भी गर्मी और हीटवेव का असर बना हुआ है.
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23 जून के आसपास आगे बढ़ सकता है मानसून
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून की उत्तरी और पूर्वी दिशा में प्रगति जारी है. वर्तमान परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं और इसके प्रभाव से 23 जून के आसपास तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार तथा छत्तीसगढ़ के कुछ अतिरिक्त क्षेत्रों में मानसून पहुंच सकता है.
मानसून की यह प्रगति कृषि गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि खरीफ फसलों की बुवाई का समय नजदीक है. कई राज्यों के किसान मानसूनी बारिश का इंतजार कर रहे हैं.
पूर्वोत्तर भारत में सप्ताहभर बारिश का दौर
पूर्वोत्तर राज्यों में मौसम सबसे अधिक सक्रिय रहने की संभावना है. अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 17 से 23 जून तक व्यापक वर्षा का अनुमान है.
मौसम विभाग ने अरुणाचल प्रदेश तथा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है. वहीं असम और मेघालय में 17 से 23 जून के दौरान कहीं-कहीं बहुत भारी वर्षा होने की चेतावनी जारी की गई है.
इन राज्यों में गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं भी देखने को मिल सकती हैं.
बिहार में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट
बिहार में 17 से 23 जून तक बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है. 17 से 20 जून के बीच राज्य के कुछ हिस्सों में भारी वर्षा हो सकती है.
इसके अलावा 18 और 19 जून को कुछ इलाकों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ थंडरस्क्वॉल की स्थिति बन सकती है. 20 से 23 जून के दौरान गरज-चमक और तेज हवाओं की गतिविधियां भी जारी रह सकती हैं.
राजस्थान में धूलभरी आंधी और तेज हवाओं की संभावना
पूर्वानुमान के अनुसार पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में 17 से 23 जून के बीच अलग-अलग स्थानों पर बारिश की संभावना बनी हुई है.
17 जून तथा 20 से 23 जून के दौरान पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकते हैं.
18 जून को पश्चिमी राजस्थान में तथा 18 और 19 जून को पूर्वी राजस्थान में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार वाली तेज आंधी चलने की संभावना है. पश्चिमी राजस्थान में 17 से 19 जून तक धूलभरी आंधी की गतिविधियां भी दर्ज की जा सकती हैं.
दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में बदलेगा मौसम
दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 18 से 22 जून के बीच गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं की संभावना है.
इन क्षेत्रों में हवा की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है जबकि झोंकों की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक रहने का अनुमान है.
उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में बारिश और ओलावृष्टि
जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद क्षेत्र में 17 से 22 जून तक व्यापक वर्षा की संभावना जताई गई है.
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी 17 से 23 जून तक बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है. हिमाचल प्रदेश में 17 से 19 जून तथा जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में 18 और 19 जून को ओलावृष्टि की संभावना व्यक्त की गई है.
इसके अलावा इन इलाकों में बिजली गिरने और तेज हवाओं का दौर भी देखने को मिल सकता है.
मध्य भारत में गर्मी और बारिश दोनों का असर
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में अगले कुछ दिनों तक मौसम मिश्रित बना रहेगा. एक ओर कई क्षेत्रों में बारिश की संभावना है तो दूसरी ओर हीटवेव का प्रभाव भी जारी रहेगा.
मध्य प्रदेश में 21 जून तक अलग-अलग स्थानों पर उष्ण लहर चल सकती है. विदर्भ में 20 जून तक और छत्तीसगढ़ में 17 जून तक हीटवेव की स्थिति रहने की संभावना है.
साथ ही मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में गरज-चमक तथा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार वाली हवाओं के साथ बारिश भी हो सकती है.
पूर्वी भारत में सक्रिय रहेगा मौसम
उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में पूरे सप्ताह बारिश की मजबूत गतिविधियां बनी रहेंगी. 17 से 22 जून के बीच यहां बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है जबकि 23 जून को भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है.
ओडिशा में 19 जून को भारी वर्षा की संभावना जताई गई है. इसके साथ 17 से 18 जून और 19 से 21 जून के दौरान गरज-चमक तथा तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है.
झारखंड में भी 19 से 21 जून के बीच 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार वाली तेज हवाएं चलने का अनुमान है.
दक्षिण भारत में बारिश का मजबूत दौर
केरल, माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, तटीय कर्नाटक, आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है.
केरल और माहे में 17 जून को कहीं-कहीं बहुत भारी वर्षा की संभावना है जबकि 18 जून और 21 से 23 जून के बीच भारी बारिश हो सकती है.
तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 17 से 21 जून के दौरान भारी वर्षा का अनुमान है. तेलंगाना में 17 से 20 जून तथा 22 से 23 जून के बीच बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बनी रह सकती हैं.
हीटवेव से राहत अभी नहीं
देश के कई हिस्सों में अभी भी गर्मी का असर बना हुआ है. मौसम विभाग ने बिहार, ओडिशा, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, विदर्भ, तेलंगाना, मराठवाड़ा और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में हीटवेव की चेतावनी जारी की है.
पूर्वी उत्तर प्रदेश में 22 जून तक और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 19 से 22 जून के बीच उष्ण लहर की स्थिति बनी रह सकती है.
तापमान का क्या रहेगा हाल?
मौसम विभाग के अनुसार मध्य भारत में अधिकतम तापमान 19 जून तक 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है. इसके बाद विशेष परिवर्तन की संभावना नहीं है.
पूर्वी भारत में 19 से 21 जून के बीच तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट दर्ज हो सकती है. महाराष्ट्र में 19 जून तक तापमान बढ़ने और उसके बाद 2 से 3 डिग्री की कमी आने का अनुमान है.
मौसम विभाग की सलाह
मौसम विभाग ने जिन क्षेत्रों में तेज हवाओं, आंधी, बिजली गिरने और भारी बारिश की संभावना जताई है, वहां लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचने तथा स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील की गई है.
कुछ हिस्से अभी भी भीषण गर्मी और हीटवेव की चपेट में
देशभर में मौसम दो अलग-अलग तस्वीरें पेश कर रहा है. एक ओर मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है और कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना बन रही है, वहीं दूसरी ओर मध्य और उत्तर भारत के कुछ हिस्से अभी भी भीषण गर्मी और हीटवेव की चपेट में हैं. आने वाले दिनों में मानसून की प्रगति और बारिश की गतिविधियां मौसम की दिशा तय करेंगी.
स्रोत: भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department – IMD) द्वारा जारी राष्ट्रीय मौसम बुलेटिन और मौसम संबंधी चेतावनी, जून 2026.
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FAQ
1. भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून कब और किन क्षेत्रों में आगे बढ़ सकता है?
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार 23 जून 2026 के आसपास दक्षिण-पश्चिम मानसून तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के कुछ और हिस्सों में आगे बढ़ सकता है.
2. किन राज्यों में भारी बारिश की सबसे ज्यादा संभावना है?
पूर्वोत्तर भारत, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, बिहार, ओडिशा, केरल, तमिलनाडु और असम-मेघालय में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है.
3. राजस्थान में मौसम कैसा रहेगा?
राजस्थान में 17 से 23 जून के बीच कहीं-कहीं बारिश, मेघगर्जन, बिजली गिरने, तेज हवाओं और धूलभरी आंधी की संभावना है. 18 और 19 जून को कुछ इलाकों में 60 से 70 किमी प्रति घंटा तक की रफ्तार वाली तेज आंधी चल सकती है.
4. किन राज्यों में हीटवेव का खतरा बना हुआ है?
मध्य प्रदेश, विदर्भ, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, बिहार, ओडिशा, मराठवाड़ा और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में अलग-अलग तिथियों तक हीटवेव की स्थिति बने रहने की संभावना है.


