नई दिल्ली, 26 जून 2026. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने एक बार फिर भारतीय अर्थव्यवस्था पर भरोसा जताते हुए कहा है कि भारत वैश्विक आर्थिक विकास (Global Economic Growth) का प्रमुख इंजन बना हुआ है. पश्चिम एशिया में तनाव, ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी और वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है.
IMF ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की 6.5 प्रतिशत GDP Growth का अनुमान बरकरार रखा है. संस्था का कहना है कि मजबूत घरेलू मांग और आर्थिक गतिविधियों की गति भारत की विकास दर को सहारा दे रही है.
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IMF ने क्या कहा?
IMF की कम्युनिकेशंस विभाग की निदेशक जूली कोज़ैक (Julie Kozack) ने नियमित प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि भारत ने बाहरी आर्थिक चुनौतियों के बावजूद उल्लेखनीय मजबूती दिखाई है.
उन्होंने कहा कि पिछले वित्त वर्ष की सकारात्मक गति और अमेरिका द्वारा टैरिफ दरों में की गई कमी का लाभ भारतीय अर्थव्यवस्था को मिला है. इससे वैश्विक ऊर्जा कीमतों के दबाव का असर कुछ हद तक कम हुआ.
6.5% विकास दर का अनुमान बरकरार
IMF ने अप्रैल 2026 में भारत के विकास दर अनुमान को बढ़ाकर 6.5 प्रतिशत किया था और अब भी उसी अनुमान को बरकरार रखा है.
संस्था के अनुसार, भारत की मजबूत घरेलू खपत, निवेश गतिविधियां और आर्थिक सुधार देश को दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में बनाए हुए हैं.
वैश्विक चुनौतियों के बीच भी मजबूत रही भारतीय अर्थव्यवस्था
IMF के अनुसार, ईरान से जुड़े तनाव और तेल की ऊंची कीमतों जैसी वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत की आर्थिक गतिविधियों पर बड़ा नकारात्मक असर नहीं पड़ा.
रिपोर्ट में कहा गया कि वर्ष की पहली तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया.
तेल की कीमतों पर भी दी जानकारी
IMF ने बताया कि मध्य पूर्व में हाल ही में हुए युद्धविराम (Ceasefire) और Strait of Hormuz के दोबारा खुलने की दिशा में हुई प्रगति वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत हैं.
संस्था के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतें अपने उच्चतम स्तर से नीचे आई हैं, हालांकि वे अभी भी संघर्ष शुरू होने से पहले की तुलना में लगभग 10 प्रतिशत अधिक बनी हुई हैं.
इसके साथ ही कुछ अन्य प्रमुख कमोडिटी की कीमतों में भी नरमी देखने को मिली है.
8 जुलाई को आएगा नया ग्लोबल आउटलुक
IMF ने जानकारी दी है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था से जुड़े अपने नए अनुमान 8 जुलाई 2026 को जारी करेगा.
इस रिपोर्ट में दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के विकास दर, महंगाई, व्यापार और वैश्विक आर्थिक जोखिमों का विस्तृत आकलन प्रस्तुत किया जाएगा.
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भारत के लिए क्यों अहम है यह रिपोर्ट?
IMF की ओर से भारत की विकास दर का अनुमान बरकरार रखना निवेशकों और उद्योग जगत के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है.
यदि घरेलू मांग मजबूत बनी रहती है और वैश्विक परिस्थितियां स्थिर रहती हैं, तो भारत आने वाले वर्षों में भी वैश्विक आर्थिक वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान देता रह सकता है.
Source: International Monetary Fund (IMF) Press Briefing.


