India Weather Update 1 July 2026: देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून अब लगातार मजबूत होता दिखाई दे रहा है. 30 जून 2026 तक मानसून ने मध्य प्रदेश के कुछ और हिस्सों, छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार के शेष क्षेत्रों, उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों, उत्तराखंड के अधिकांश हिस्सों तथा हिमाचल प्रदेश और लद्दाख के कुछ क्षेत्रों तक अपनी पहुंच बना ली है. इसके साथ ही आने वाले दिनों में देश के कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां और तेज होने की संभावना जताई गई है.
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार 3 जुलाई 2026 के आसपास उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में एक नया कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है. इस सिस्टम के प्रभाव से पूरे सप्ताह मध्य भारत में मानसून सक्रिय बना रह सकता है और कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश देखने को मिल सकती है.
3 जुलाई के आसपास बनेगा नया लो प्रेशर एरिया
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 3 जुलाई के आसपास कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है. इस सिस्टम के विकसित होने के बाद मध्य भारत में मानसूनी गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है. इसके असर से मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, विदर्भ सहित कई राज्यों में लगातार बारिश का दौर जारी रह सकता है.
उत्तर-पश्चिम भारत में कई राज्यों के लिए बारिश और आंधी का अलर्ट
1 जुलाई से 6 जुलाई के बीच उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश तथा जम्मू-कश्मीर में व्यापक वर्षा होने की संभावना है. वहीं पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पूर्वी राजस्थान में भी 2 जुलाई से 6 जुलाई तक अच्छी बारिश का दौर देखने को मिल सकता है.
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 1 से 3 जुलाई तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश में 30 जून से 2 जुलाई और फिर 6 जुलाई को व्यापक वर्षा होने की संभावना है.
इन राज्यों में कई स्थानों पर गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं का भी अनुमान है. कुछ इलाकों में हवा की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है.
उत्तर भारत के इन राज्यों में भारी और बहुत भारी बारिश की संभावना
मौसम विभाग ने कई राज्यों में भारी से बहुत भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया है.
- जम्मू-कश्मीर और पंजाब में 2 से 4 जुलाई तथा 6 जुलाई को भारी बारिश की संभावना.
- हिमाचल प्रदेश में 1 जुलाई और फिर 5 से 6 जुलाई तक भारी बारिश. जबकि 2 से 4 जुलाई के बीच कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश हो सकती है.
- उत्तराखंड में 1 और 2 जुलाई को बहुत भारी बारिश तथा 3 से 6 जुलाई के बीच भारी वर्षा का अनुमान.
- पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 30 जून और 1 जुलाई को बहुत भारी बारिश तथा 2 और 3 जुलाई को भारी वर्षा.
- पूर्वी उत्तर प्रदेश में 30 जून को बहुत भारी तथा 1 और 2 जुलाई को भारी बारिश की संभावना.
- पूर्वी राजस्थान में 2 से 6 जुलाई के बीच भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है.
इसके अलावा हिमाचल प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में कुछ स्थानों पर 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक की रफ्तार से तेज आंधी चलने की संभावना भी जताई गई है. पश्चिमी राजस्थान में 2 से 6 जुलाई के बीच धूल भरी आंधी चल सकती है.
मध्य भारत में पूरे सप्ताह सक्रिय रहेगा मानसून
मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में मानसून पूरे सप्ताह सक्रिय रहने की संभावना है.
पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश, विदर्भ तथा छत्तीसगढ़ में 30 जून से 6 जुलाई तक व्यापक वर्षा का अनुमान है. साथ ही 30 जून और 1 जुलाई को मध्यम से तीव्र बिजली गिरने की गतिविधियां भी देखने को मिल सकती हैं.
मध्य प्रदेश
- पश्चिमी मध्य प्रदेश में 30 जून से 1 जुलाई तथा 5 और 6 जुलाई को भारी बारिश.
- 2 से 4 जुलाई के बीच कहीं-कहीं बहुत भारी वर्षा की संभावना.
- पूर्वी मध्य प्रदेश में 30 जून तथा 4 से 6 जुलाई के बीच भारी बारिश.
- 1 से 3 जुलाई के दौरान बहुत भारी वर्षा हो सकती है.
छत्तीसगढ़
30 जून तथा 2 से 6 जुलाई तक भारी बारिश का अनुमान है. वहीं 1 जुलाई को कुछ स्थानों पर बहुत भारी वर्षा हो सकती है.
विदर्भ
30 जून और 4 जुलाई को भारी बारिश. जबकि 1 से 3 जुलाई के बीच कहीं-कहीं बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है.
पूर्वी भारत में बिहार, झारखंड और ओडिशा पर बारिश का असर
झारखंड में 30 जून से 5 जुलाई तक व्यापक वर्षा का अनुमान है. बिहार में 30 जून और 1 जुलाई तक अच्छी बारिश के बाद 2 से 6 जुलाई के बीच कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है.
भारी बारिश की बात करें तो झारखंड में 30 जून और 1 जुलाई को भारी वर्षा की संभावना है.
बिहार में 30 जून और 1 जुलाई को कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश हो सकती है, जबकि 2 से 4 जुलाई के दौरान भारी बारिश का अनुमान है.
ओडिशा में 30 जून से 6 जुलाई तक अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना बनी हुई है.
गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में 30 जून से 1 जुलाई और 4 जुलाई को भारी वर्षा, जबकि 5 और 6 जुलाई को कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश हो सकती है. उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 30 जून को बहुत भारी तथा 1 जुलाई को भारी वर्षा का अनुमान है.
पूर्वोत्तर भारत में भी जारी रहेगा बारिश का दौर
अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में अगले कई दिनों तक बारिश जारी रहने की संभावना है.
अरुणाचल प्रदेश में 30 जून से 3 जुलाई तक भारी बारिश का अनुमान है.
असम और मेघालय में 30 जून को कहीं-कहीं बहुत भारी तथा 1 और 2 जुलाई को भारी वर्षा हो सकती है.
नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 30 जून से 4 जुलाई तक भारी बारिश की संभावना है.
2 से 4 जुलाई के दौरान पूर्वोत्तर के कई राज्यों में गर्म और उमस भरा मौसम भी महसूस किया जा सकता है.
पश्चिम भारत में कोंकण, महाराष्ट्र और गुजरात पर सबसे ज्यादा असर
पश्चिम भारत में मानसून काफी सक्रिय रहने वाला है.
कोंकण और गोवा में 30 जून से 6 जुलाई तक लगातार व्यापक वर्षा का अनुमान है. 2 से 4 जुलाई के बीच भारी से बहुत भारी बारिश और कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी वर्षा हो सकती है. 30 जून से 1 जुलाई तथा 5 और 6 जुलाई को भी कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश संभव है.
मध्य महाराष्ट्र में 30 जून से 6 जुलाई तक भारी वर्षा की संभावना है. 2 और 3 जुलाई को घाट क्षेत्रों में तथा 4 से 6 जुलाई के दौरान कुछ अन्य स्थानों पर बहुत भारी से अत्यंत भारी बारिश हो सकती है.
गुजरात क्षेत्र में 3 और 4 जुलाई को अत्यंत भारी वर्षा की संभावना जताई गई है. 30 जून, 2 जुलाई तथा 5 और 6 जुलाई को कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश भी हो सकती है.
सौराष्ट्र और कच्छ में 4 और 5 जुलाई को बहुत भारी वर्षा तथा 30 जून, 2, 3 और 6 जुलाई को भारी बारिश का अनुमान है.
दक्षिण भारत में भी कई राज्यों में तेज बारिश
केरल, माहे, तटीय कर्नाटक, आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना, तमिलनाडु, पुडुचेरी, आंध्र प्रदेश और लक्षद्वीप में अलग-अलग दिनों में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा.
केरल और माहे में 30 जून से 1 जुलाई के बीच बहुत भारी तथा 2 से 6 जुलाई के बीच भारी बारिश की संभावना है.
तटीय कर्नाटक में 30 जून से 2 जुलाई तक बहुत भारी तथा 3 से 6 जुलाई के बीच भारी वर्षा हो सकती है.
दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 30 जून से 1 जुलाई तक बहुत भारी और 2 से 6 जुलाई तक भारी बारिश का अनुमान है.
तेलंगाना में 30 जून से 2 जुलाई तक भारी वर्षा हो सकती है. वहीं कई क्षेत्रों में तेज हवाएं और गरज-चमक भी देखने को मिल सकती है.
कई राज्यों में बिजली गिरने और तेज हवाओं का खतरा
उत्तर भारत, मध्य भारत, पूर्वी भारत और दक्षिण भारत के अनेक राज्यों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने तथा 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है.
हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, केरल, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश सहित कई राज्यों में लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
तापमान में भी आएगी गिरावट
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत में अधिकतम तापमान में 2 जुलाई तक 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना है. इसके बाद 3 से 6 जुलाई तक तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा.
देश के बाकी हिस्सों में 6 जुलाई तक अधिकतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है.
मौसम विभाग की सलाह
लगातार बारिश, बिजली गिरने और तेज हवाओं को देखते हुए लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचना चाहिए. जिन क्षेत्रों में भारी या अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है, वहां स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की सलाह का पालन करना जरूरी है.
स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी राष्ट्रीय मौसम बुलेटिन, दिनांक 30 जून 2026 (मंगलवार).
FAQ
Q1. 1 जुलाई 2026 से किन राज्यों में सबसे ज्यादा बारिश होने की संभावना है?
उत्तर: IMD के अनुसार 1 जुलाई से उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, ओडिशा, कोंकण-गोवा, मध्य महाराष्ट्र, गुजरात, केरल और कर्नाटक के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है.
Q2. क्या 3 जुलाई के आसपास नया मौसम सिस्टम बनने वाला है?
उत्तर: हां. भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार 3 जुलाई 2026 के आसपास उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है. इसके प्रभाव से मध्य भारत में मानसून और सक्रिय हो सकता है.
Q3. किन राज्यों में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है?
उत्तर: कोंकण, मध्य महाराष्ट्र के घाट क्षेत्र, दक्षिण गुजरात, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिमी और पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, छत्तीसगढ़, पश्चिम उत्तर प्रदेश तथा कुछ अन्य राज्यों में अलग-अलग दिनों में अत्यंत भारी बारिश की संभावना जताई गई है.
Q4. मौसम विभाग ने लोगों के लिए क्या सलाह दी है?
उत्तर: भारी बारिश, आंधी और बिजली गिरने की आशंका वाले क्षेत्रों में लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने, जलभराव वाले इलाकों से बचने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है.


