UPI Transactions June 2026: भारत में डिजिटल भुगतान लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है. जून 2026 के दौरान यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के जरिए 22 अरब (22 बिलियन) से अधिक लेनदेन दर्ज किए गए. यह पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में करीब 23 प्रतिशत की बढ़ोतरी है. वहीं, जून महीने में UPI के माध्यम से किए गए कुल लेनदेन का मूल्य भी बढ़कर 28 लाख करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गया, जो सालाना आधार पर लगभग 20 प्रतिशत अधिक है.
नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) द्वारा जारी ताजा आंकड़े बताते हैं कि UPI देश में डिजिटल भुगतान का सबसे लोकप्रिय माध्यम बन चुका है और हर महीने इसके उपयोग में लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है.
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जून 2026 में UPI ने बनाया नया रिकॉर्ड
जून 2026 के दौरान UPI प्लेटफॉर्म पर 22 अरब से ज्यादा ट्रांजैक्शन किए गए. यह अब तक के सबसे बड़े मासिक आंकड़ों में शामिल है.
लेनदेन की संख्या में यह वृद्धि दिखाती है कि देशभर में छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े कारोबार, ऑनलाइन शॉपिंग, बिल भुगतान, टिकट बुकिंग और व्यक्ति-से-व्यक्ति भुगतान तक UPI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है.
28 लाख करोड़ रुपये से अधिक का लेनदेन
केवल ट्रांजैक्शन की संख्या ही नहीं, बल्कि उनके कुल मूल्य में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई.
NPCI के अनुसार जून महीने में UPI के जरिए 28 लाख करोड़ रुपये से अधिक का डिजिटल भुगतान किया गया. यह पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 20 प्रतिशत अधिक है.
विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ते डिजिटल भुगतान, ई-कॉमर्स गतिविधियों और नकदरहित लेनदेन को बढ़ावा देने वाली सरकारी नीतियों का इसमें महत्वपूर्ण योगदान रहा है.
हर दिन हुए 75 करोड़ से ज्यादा ट्रांजैक्शन
जून 2026 के आंकड़ों के अनुसार UPI ने औसतन 75.7 करोड़ (757 मिलियन) दैनिक ट्रांजैक्शन प्रोसेस किए.
यानी हर दिन करोड़ों लोग मोबाइल फोन के जरिए कुछ ही सेकंड में भुगतान कर रहे हैं. यह भारत के डिजिटल भुगतान ढांचे की क्षमता और विश्वसनीयता को भी दर्शाता है.
दुनिया के कई देशों में पहुंचा UPI
UPI अब केवल भारत तक सीमित नहीं है. भारतीय डिजिटल भुगतान प्रणाली का विस्तार लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हो रहा है.
वर्तमान में UPI संयुक्त अरब अमीरात (UAE), सिंगापुर, फ्रांस, मॉरीशस, श्रीलंका सहित आठ से अधिक देशों में उपलब्ध है. इससे भारतीय यात्रियों, प्रवासी भारतीयों और अंतरराष्ट्रीय कारोबार को काफी सुविधा मिल रही है.
ग्रीस में भी शुरू हुई UPI सेवा
भारत की डिजिटल भुगतान प्रणाली ने अब यूरोप में भी अपनी मौजूदगी मजबूत की है.
ग्रीस के यूरोबैंक (Eurobank) द्वारा भारत के लिए UPI आधारित रेमिटेंस सेवा शुरू किए जाने के बाद अब ग्रीस भी UPI नेटवर्क से जुड़ गया है.
इस नई सुविधा के जरिए ग्रीस से भारत में पैसे भेजना पहले की तुलना में अधिक आसान और तेज हो जाएगा.
भारत की फिनटेक ताकत को मिला नया विस्तार
UPI का वैश्विक विस्तार भारत की डिजिटल भुगतान प्रणाली और फिनटेक क्षमता को नई पहचान दे रहा है.
पिछले कुछ वर्षों में भारत ने कम लागत, तेज और सुरक्षित भुगतान व्यवस्था विकसित की है, जिसकी वजह से कई देश भारतीय मॉडल को अपनाने में रुचि दिखा रहे हैं.
विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में और अधिक देशों के UPI नेटवर्क से जुड़ने की संभावना है.
क्यों बढ़ रही है UPI की लोकप्रियता?
UPI की सफलता के पीछे कई प्रमुख कारण हैं.
- तुरंत और सुरक्षित भुगतान सुविधा.
- बैंक खाते से सीधे लेनदेन.
- QR कोड के जरिए आसान भुगतान.
- 24×7 उपलब्ध सेवा.
- न्यूनतम या शून्य ट्रांजैक्शन शुल्क.
- मोबाइल ऐप के माध्यम से सरल उपयोग.
इन सुविधाओं के कारण छोटे व्यापारियों, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, सरकारी सेवाओं और आम उपभोक्ताओं के बीच UPI सबसे पसंदीदा भुगतान विकल्प बन चुका है.
डिजिटल अर्थव्यवस्था को मिल रहा बढ़ावा
डिजिटल भुगतान में लगातार बढ़ोतरी भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूत बना रही है.
UPI के बढ़ते उपयोग से नकदी पर निर्भरता कम हो रही है, भुगतान प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बन रही है और छोटे कारोबारियों को भी डिजिटल लेनदेन का लाभ मिल रहा है.
सरकार और NPCI लगातार नई सुविधाएं जोड़कर UPI को और अधिक सुरक्षित, तेज तथा वैश्विक स्तर पर उपयोगी बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं.
आगे क्या?
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले महीनों में UPI ट्रांजैक्शन की संख्या और मूल्य दोनों में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है.
अंतरराष्ट्रीय विस्तार, नई डिजिटल सेवाएं और बढ़ती स्मार्टफोन पहुंच के साथ UPI भारत ही नहीं बल्कि वैश्विक डिजिटल भुगतान प्रणाली में भी अपनी मजबूत पहचान बना रहा है.
Source Govt. Of India


