केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (PM SVANidhi) योजना के तहत जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के लखनपुर को देश के पहले स्वीकृत स्ट्रीट फूड हब वाले शहरों में शामिल किया है. इस परियोजना का उद्देश्य स्थानीय स्ट्रीट वेंडरों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना, क्षेत्रीय व्यंजनों को बढ़ावा देना और पर्यटन को नई गति देना है.
इस फैसले की जानकारी केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने दी. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय जम्मू-कश्मीर के विकास, पर्यटन और स्थानीय रोजगार को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.
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अमरनाथ यात्रा के दौरान मिलेगा बड़ा लाभ
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि लखनपुर में स्ट्रीट फूड हब की मंजूरी ऐसे समय मिली है जब श्री अमरनाथ जी यात्रा जारी है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु जम्मू-कश्मीर पहुंच रहे हैं.
उन्होंने कहा कि नई सुविधा से.
- अमरनाथ यात्रियों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी.
- पर्यटकों को स्वच्छ और व्यवस्थित खानपान की सुविधा मिलेगी.
- स्थानीय स्ट्रीट वेंडरों की आय बढ़ेगी.
- जम्मू-कश्मीर में प्रवेश करने वाले यात्रियों का अनुभव बेहतर होगा.
क्या है स्ट्रीट फूड हब योजना?
PM SVANidhi के तहत शुरू की गई Street Food Hub Initiative का उद्देश्य देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर आधुनिक, स्वच्छ और सुव्यवस्थित फूड स्ट्रीट विकसित करना है.
इन हब के माध्यम से.
- स्थानीय पारंपरिक व्यंजनों को बढ़ावा मिलेगा.
- स्ट्रीट वेंडरों को सम्मानजनक आजीविका मिलेगी.
- पर्यटकों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध होगा.
- शहरों की खाद्य संस्कृति को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी.
देशभर में बनेंगे 50 स्ट्रीट फूड हब
आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय के अनुसार PM SVANidhi योजना के तहत देशभर में 50 स्ट्रीट फूड हब विकसित किए जाएंगे.
चयन में उन शहरों और कस्बों को प्राथमिकता दी जा रही है जहां.
- पर्यटन की अच्छी संभावनाएं हों.
- ऐतिहासिक या सांस्कृतिक महत्व हो.
- स्थानीय भोजन की विशिष्ट पहचान हो.
- Swadesh Darshan, PRASHAD, UNESCO World Heritage Site या UNESCO Creative City जैसी योजनाओं से जुड़ाव हो.
लखनपुर क्यों चुना गया?
लखनपुर जम्मू-कश्मीर का प्रवेश द्वार माना जाता है. यह.
- पंजाब के पठानकोट से जम्मू-कश्मीर में प्रवेश का मुख्य मार्ग है.
- श्री माता वैष्णो देवी जाने वाले श्रद्धालुओं के प्रमुख रास्ते पर स्थित है.
- पूरे वर्ष बड़ी संख्या में पर्यटक और यात्री यहां से गुजरते हैं.
सरकार का मानना है कि इस स्थान को आधुनिक फूड हब के रूप में विकसित करने से यह केवल ट्रांजिट पॉइंट नहीं रहेगा, बल्कि एक प्रमुख फूड टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में भी उभरेगा.
कहां विकसित होगा स्ट्रीट फूड हब?
लखनपुर में यह परियोजना दो क्लस्टर में विकसित की जाएगी.
- पुराना बस स्टैंड (Old Bus Stand) क्षेत्र
- सेल्स टैक्स कार्यालय (Sales Tax Office) के पास
करीब 1,754.25 वर्ग मीटर क्षेत्र में बनने वाले इस हब में आधुनिक वेंडिंग सुविधाएं विकसित की जाएंगी.
यहां विशेष रूप से डोगरा व्यंजनों और जम्मू-कश्मीर के स्थानीय पारंपरिक भोजन को बढ़ावा दिया जाएगा.
₹4 करोड़ की मिलेगी वित्तीय सहायता
सरकार के अनुसार प्रत्येक स्वीकृत स्ट्रीट फूड हब परियोजना को ₹4 करोड़ की वित्तीय सहायता दी जाएगी.
यह राशि तीन चरणों में जारी होगी.
- 30% पहली किस्त
- 50% दूसरी किस्त
- 20% परियोजना पूरी होने के बाद
इसके अलावा जिन शहरों ने अपना Street Vending Plan अधिसूचित किया है, उन्हें ₹25 लाख का अतिरिक्त प्रोत्साहन भी मिलेगा.
कई मंत्रालय मिलकर करेंगे काम
इस परियोजना में Whole-of-Government Approach अपनाई गई है.
इसके तहत.
- आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय
- पर्यटन मंत्रालय
- भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI)
मिलकर कार्य करेंगे.
साथ ही AMRUT और Centre of Excellence for Urban Planning के माध्यम से राज्यों और शहरी निकायों को तकनीकी सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी.
126 प्रस्तावों में चुना गया लखनपुर
सरकार के अनुसार देशभर से.
- 32 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से
- 126 प्रस्ताव
- 106 शहरी निकाय
- 7 जनगणना कस्बों
के प्रस्ताव प्राप्त हुए थे.
लखनपुर को पहले चरण में स्वीकृति मिलने से जम्मू-कश्मीर के पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है.
स्थानीय रोजगार और पर्यटन को मिलेगा नया अवसर
विशेषज्ञों का मानना है कि स्ट्रीट फूड हब बनने के बाद.
- स्थानीय स्ट्रीट वेंडरों की आय बढ़ेगी.
- नए उद्यमिता अवसर पैदा होंगे.
- डोगरा खानपान को राष्ट्रीय पहचान मिलेगी.
- पर्यटकों के ठहरने और स्थानीय खरीदारी में वृद्धि होगी.
- जम्मू-कश्मीर के पर्यटन उद्योग को अतिरिक्त मजबूती मिलेगी.
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. लखनपुर स्ट्रीट फूड हब किस योजना के तहत विकसित किया जाएगा?
यह परियोजना PM SVANidhi के तहत विकसित की जाएगी.
2. स्ट्रीट फूड हब कहां बनाया जाएगा?
यह जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के लखनपुर में दो स्थानों – पुराने बस स्टैंड और सेल्स टैक्स कार्यालय के पास – विकसित किया जाएगा.
3. प्रत्येक स्ट्रीट फूड हब के लिए कितनी वित्तीय सहायता मिलेगी?
प्रत्येक स्वीकृत परियोजना को ₹4 करोड़ की केंद्रीय वित्तीय सहायता मिलेगी.
4. इस परियोजना से किसे सबसे अधिक लाभ होगा?
स्थानीय स्ट्रीट वेंडरों, छोटे उद्यमियों, तीर्थयात्रियों, पर्यटकों और क्षेत्र के पर्यटन उद्योग को इसका सबसे अधिक लाभ मिलने की उम्मीद है.
Source: Ministry of Science & Technology


